हाइड्रोजन, हवाईअड्डों, डाटा सेंटर व्यवसायों पर अडानी ग्रुप के प्लान के बारे जाने

अडानी ग्रुप के मुख्य वित्तीय अधिकारी जुगशिंदर सिंह ने कहा कि अरबपति गौतम अडानी ग्रुप की योजना 2025 से 2028 के बीच हाइड्रोजन, हवाईअड्डे और डेटा सेंटर जैसे व्यवसायों को अलग करने की है। जब वह एक निश्चित निवेश प्रोफाइल हासिल कर लेंगे। अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड फॉलो-ऑन शेयर बिक्री में करीब 20,000 करोड़ रुपये जुटाना के प्लान कर रही है। ग्रुप के लिए ये एक बिजनेस इनक्यूबेटर है। इन वर्षों में, अलग-अलग सूचीबद्ध कंपनियों में अलग होने या अलग होने से पहले बंदरगाहों, बिजली और शहर गैस जैसे व्यवसायों को पहले एईएल (AEL) में शामिल किया गया था।

 
हाइड्रोजन, हवाईअड्डों, डाटा सेंटर व्यवसायों पर अडानी ग्रुप के प्लान के बारे जाने

वर्तमान में एईएल में हाइड्रोजन जैसे नए व्यवसायों को शामिल किया गया हैं। जिसमें अदनानी ग्रुप अगले 10 वर्षों में मूल्य श्रृंखला में 50 बिलियन अमरीकी डालर का निवेश करने की योजना बना रहा है। इस योजना के माध्यम से हवाईअड्डा संचालन, खनन, डाटा सेंटर और सड़कों और रसद को बढ़ावा मिलता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सिंह ने अपनी बातचीत में आगे कहा कि डीमर्जर के लिए विचार किए जाने से पहले व्यवसायों को बुनियादी निवेश प्रोफाइल और परिपक्वता हासिल करनी होगी। ग्रुप हाइड्रोजन के सबसे कम लागत वाले उत्पादकों में से एक बनना चाह रहा है - भविष्य का ईंधन जिसमें शून्य कार्बन फुटप्रिंट है। यह सरकारी सेवाओं के बाहर आएगा और आने वाले वर्षों में देश में सबसे बड़ा सेवा आधार बनने के उद्देश्य से अपने हवाई अड्डे के कारोबार पर भी बड़ा दांव लगा रहा है।

अडानी भारत के सबसे बडे़ व्यापारीयों में से एक हैं और एक व्यापारी के रूप में तेजी से विविधीकरण की होड़ में रहे हैं। इन्होंने अपने व्यावसायिक जीवन में बंदरगाहों और कोयला खनन पर ध्यान केंद्रित कर एक साम्राज्य का विस्तार करते हुए हवाई अड्डों, डाटा केंद्रों और सीमेंट के साथ-साथ हरित ऊर्जा को भी इसमें शामिल किया। हाल ही में वह एक मीडिया कंपनी के भी मालिक बने हैं।

 

अपनी बातचीत में आग सिंह ने कहा कि अनुवर्ती शेयर बिक्री का उद्देश्य अधिक खुदरा, उच्च नेटवर्थ और संस्थागत निवेशकों को लाकर शेयरधारक आधार को अधिक बढ़ाना है। इसपर आगे बात करते हुए सिंह कहते हैं कि - यह फ्री फ्लोट बढ़ाकर तरलता की चिंताओं को भी दूर करेगा और क्योंकि कंपनी खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना चाहती है, इसीलिए उसने राइट्स इश्यू के बजाय प्राथमिक इश्यू को चुना है। एईएल अपने कुछ कर्ज को कम करने के अलावा ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं, हवाईअड्डा सुविधाओं और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को निधि देने के लिए उठाए गए धन का उपयोग करेगा।

फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर 27 जनवरी को खुलेगा और 31 जनवरी को बंद होगो (एफपीओ) जिसमें 3,112 रुपये से 3,276 रुपये के प्राइस बैंड में शेयर बेचेगा। एफपीओ की 20,000 करोड़ रुपये की आय में से 10,869 करोड़ रुपये का उपयोग हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं, मौजूदा हवाई अड्डों पर काम और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए किया जाएगा। अन्य 4,165 करोड़ रुपये उसके हवाई अड्डों, सड़क और सौर परियोजना सहायक कंपनियों द्वारा लिए गए कर्ज के पुनर्भुगतान की ओर जाएंगे। अडानी के अधिकांश नए व्यापार विस्तार के लिए एईएल वाहन रहा है। इसके वर्तमान व्यापार पोर्टफोलियो में एक हरित हाइड्रोजन पारिस्थितिकी तंत्र, डेटा केंद्र, विकासशील हवाई अड्डे, विकासशील सड़कें, खाद्य एफएमसीजी, डिजिटल, खनन, रक्षा और औद्योगिक विनिर्माण शामिल हैं। 30 सितंबर, 2022 तक उसके पास 40,023.50 करोड़ रुपये की उधारी थी।

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English summary
Billionaire Gautam Adani Group plans to spin off businesses such as hydrogen, airports and data centers between 2025 and 2028, Adani Group Chief Financial Officer Jugshinder Singh said. Once he achieves a certain investment profile. Adani Enterprises Ltd plans to raise around Rs 20,000 crore in the follow-on share sale.
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