State-Wise IAS, IPS, and IFS Officers in India: दुनिया में सबसे कठिन परीक्षाओं में यूपीएससी एक है। यूपीएससी परीक्षा के माध्यम से भारत में आईएएस, आईपीएसस समेत कई प्रशासनिक पदों पर उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाता है। भारत में हर साल यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से लगभग 1000 योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय विदेश सेवा (IFS) भारत की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवाओं में से हैं। ये सेवाएं देश के शासन और प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन पदों पर सिफारिश के बाद अधिकारियों का दायित्व देश के लिए नीतियों के निर्माण और उनके कार्यान्वयन का होता हैं। सरल शब्दों में कहें तो अधिकारी सरकार और जनता के बीच सेतु का काम भी करते हैं। आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के राज्यवार पोस्टिंग को समझने से भारतीय ब्यूरोक्रेसी को आकार देने वाले भौगोलिक और सामाजिक-आर्थिक कारकों के बारे में जानकारी मिलती है।

हाल के वर्षों में भारत सरकार ने देश के विभिन्न राज्यों में इन सेवाओं के अधिकारियों की संख्या के बारे में डेटा सार्वजनिक किया है। यह डेटा, जो नीति-निर्माण और सुधार के लिए महत्वपूर्ण है, इन अधिकारियों के वितरण में क्षेत्रीय असंतुलन का आकलन करने में मदद करता है। इससे उन रुझानों और पैटर्न को समझने में भी मदद मिलती है, जिनका उपयोग देश की जरूरतों के साथ भर्ती और प्रशिक्षण को बेहतर ढंग से संरेखित करने के लिए किया जा सकता है।
यह डेटा कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) द्वारा जारी किया गया है। देखिएं राज्यवार कितने आईएएस, आईपीएस एवं आईएफएस अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
आईएएस, आईपीएस एवं आईएफएस की कुल नियुक्त संख्या
1 जनवरी 2024 तक, भारत में आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों की कुल स्वीकृत संख्या क्रमशः 6,858, 5,055 और 3,193 है। इन पद पर अधिकारियों की संख्या राज्यों में अलग-अलग होती है, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों में संख्या अधिक है, जबकि सिक्किम और मणिपुर जैसे छोटे राज्यों में कम अधिकारी हैं। यह वितरण भारत की सिविल सेवाओं की संरचना और दक्षता को प्रतिबंबित करते हैं।
| राज्य | आईएएस | आईपीएस | आईएफएस |
|---|---|---|---|
| आंध्र प्रदेश | 239 | 144 | 82 |
| एजीएमयूटी | 542 | 457 | 302 |
| असम-मेघालय | 263 | 195 | 142 |
| बिहार | 359 | 242 | 74 |
| छत्तीसगढ़ | 202 | 142 | 153 |
| गुजरात | 313 | 208 | 125 |
| हरियाणा | 215 | 144 | 58 |
| हिमाचल प्रदेश | 153 | 94 | 114 |
| झारखंड | 224 | 158 | 142 |
| कर्नाटक | 314 | 224 | 164 |
| केरल | 231 | 172 | 107 |
| मध्य प्रदेश | 459 | 319 | 296 |
| महाराष्ट्र | 435 | 317 | 206 |
| मणिपुर | 115 | 91 | 58 |
| नागालैंड | 94 | 80 | 45 |
| ओडिशा | 248 | 195 | 141 |
| पंजाब | 231 | 172 | 61 |
| राजस्थान | 313 | 222 | 145 |
| सिक्किम | 48 | 32 | 30 |
| तमिलनाडु | 394 | 276 | 152 |
| तेलंगाना | 208 | 139 | 81 |
| त्रिपुरा | 102 | 69 | 60 |
| उत्तराखंड | 126 | 75 | 112 |
| उत्तर प्रदेश | 652 | 541 | 217 |
| पश्चिम बंगाल | 378 | 347 | 126 |
| कुल | 6858 | 5055 | 3193 |
पद पर आसीन अधिकारियों की संख्या
भारत सरकार की ओर से जारी डेटा के अनुसार, 1 जनवरी, 2024 तक आईएएस, आईपीएस और आईएफएस कैडर में पद पर आसीन अधिकारियों की कुल संख्या क्रमशः 5,542, 4,469 और 2,151 है। यह डेटा वर्तमान में विभिन्न राज्य और केंद्र सरकार के पदों पर कार्यरत अधिकारियों की संख्या को दर्शाता है, जो देश भर में प्रमुख प्रशासनिक, पुलिस और वन सेवा भूमिकाओं के वितरण को दर्शाता है।
राज्य आईएएस आईपीएस आईएफएस
| राज्य | आईएएस | आईपीएस | आईएफएस |
|---|---|---|---|
| आंध्र प्रदेश | 210 | 131 | 52 |
| एजीएमयूटी | 412 | 415 | 197 |
| असम-मेघालय | 213 | 162 | 91 |
| बिहार | 244 | 225 | 49 |
| छत्तीसगढ़ | 169 | 129 | 118 |
| गुजरात | 260 | 194 | 70 |
| हरियाणा | 174 | 128 | 48 |
| हिमाचल प्रदेश | 113 | 84 | 88 |
| झारखण्ड | 192 | 147 | 95 |
| कर्नाटक | 273 | 193 | 119 |
| केरल | 152 | 134 | 67 |
| मध्य प्रदेश | 393 | 271 | 215 |
| महाराष्ट्र | 346 | 299 | 147 |
| मणिपुर | 88 | 66 | 24 |
| नागालैंड | 58 | 64 | 31 |
| ओडिशा | 189 | 132 | 80 |
| पंजाब | 191 | 143 | 42 |
| राजस्थान | 262 | 208 | 101 |
| सिक्किम | 35 | 28 | 27 |
| तमिलनाडु | 333 | 234 | 101 |
| तेलंगाना | 170 | 130 | 57 |
| त्रिपुरा | 77 | 66 | 47 |
| उत्तराखंड | 111 | 70 | 69 |
| उत्तर प्रदेश | 574 | 499 | 118 |
| पश्चिम बंगाल | 303 | 317 | 98 |
| कुल | 5542 | 4469 | 2151 |
पिछले 5 वर्षों में नियुक्त IAS अधिकारी
पिछले पांच वर्षों में, नियुक्त आईएएस अधिकारियों की संख्या स्थिर रही है। वर्ष 2018 में 91 सामान्य श्रेणी के अधिकारी नियुक्त किए गए, इसके बाद 2019, 2020 और 2021 में 72 अधिकारी नियुक्त किए गए। 2022 में 75 सामान्य श्रेणी के अधिकारियों की नियुक्ति की गई। नियुक्तियों में ओबीसी, एससी और एसटी श्रेणियों का संतुलित प्रतिनिधित्व भी शामिल किया गया है।
| वर्ष | सामान्य | ओबीसी | एससी | एसटी |
|---|---|---|---|---|
| 2018 | 91 | 48 | 27 | 14 |
| 2019 | 72 | 52 | 25 | 13 |
| 2020 | 72 | 49 | 28 | 13 |
| 2021 | 72 | 49 | 27 | 14 |
| 2022 | 75 | 45 | 29 | 13 |
पिछले 5 वर्षों में नियुक्त किए गए IPS अधिकारी
पिछले पांच वर्षों में विभिन्न श्रेणियों में आईपीएस अधिकारियों की लगातार भर्ती हुई है। 2018 में करीब 75 सामान्य श्रेणी के अधिकारियों की नियुक्ति की गई, 2020 और 2021 में क्रमिक वृद्धि के साथ, जहां क्रमशः 80 और 83 अधिकारी नियुक्त किए गए। 2022 में 83 सामान्य श्रेणी के अधिकारी नियुक्त किए गए। इसके साथ ही, अन्य श्रेणियों जैसे ओबीसी, एससी और एसटी में भी लगातार भर्ती हुई है।
| वर्ष | सामान्य | ओबीसी | एससी | एसटी |
|---|---|---|---|---|
| 2018 | 75 | 42 | 24 | 9 |
| 2019 | 60 | 42 | 23 | 10 |
| 2020 | 80 | 55 | 30 | 15 |
| 2021 | 83 | 51 | 26 | 20 |
| 2022 | 83 | 53 | 31 | 13 |
पिछले 5 वर्षों में नियुक्त किए गए IFS अधिकारी
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में नियुक्त किए गए आईपीएस अधिकारियों की संख्या में कुछ उतार-चढ़ाव देखा गया। 2018 में सामान्य श्रेणी के तहत 46 अधिकारी, ओबीसी के तहत 40, एससी के तहत 16 और एसटी के तहत 8 अधिकारी नियुक्त किए गए। बाद के वर्षों में संख्या अपेक्षाकृत स्थिर रही, 2020 और 2021 में विशेष रूप से सामान्य श्रेणी के तहत थोड़ी कम नियुक्तियां देखी गईं। सबसे ज़्यादा नियुक्तियाँ 2023 में देखी गईं, जिसमें ओबीसी के अंतर्गत 54 अधिकारी थे।
| वर्ष | सामान्य | ओबीसी | एससी | एसटी |
|---|---|---|---|---|
| 2018 | 46 | 40 | 16 | 8 |
| 2019 | 36 | 33 | 13 | 7 |
| 2020 | 27 | 31 | 13 | 6 |
| 2021 | 25 | 34 | 13 | 7 |
| 2022 | 30 | 40 | 16 | 8 |
| 2023 | 39 | 54 | 22 | 11 |
| 2024 | 43 | 51 | 22 | 11 |


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