Top 20 happiest countries in the world in 2024: आज की व्यस्त जीवनशैली और तेज़ रफ्तार भरी दुनिया में दो पल ख़ुशी की तलाश हर किसी को है। क्या आप जानते हैं कि दुनिया के कई ऐसे देश हैं, जो खुशहाली के मामले में शीर्ष पर हैं अर्थात इन देशों में खुश रहने वाले और खुशहाल जीवन जीने वाले लोगों की संख्या अन्य देशों की तुलना में अत्यधिक है। लेकिन क्या आपको पता है कि इन देशों में लोगों की खुशी का राज क्या है? या किन कारकों के आधार पर किसी देश की आवादी के खुशहाल होने का पता लगाया जाता है।

हर साल वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट जारी की जाती है। किसी देश की आर्थिक ताकत, सामाजिक स्थिति, जीवनकाल, स्वतंत्रता, उदारता और भ्रष्टाचार मुक्त जैसे कारकों के आधार पर उस देश की वैश्विक खुशहाली स्टेटस का पता लगाया जाता है और इसी के आधार पर खुशहाली रिपोर्ट में उपयुक्त रैंक के साथ देशों को सूचीबद्ध किया जाता है। यहां दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की विशेषताओं के बारे में बताया जा रहा है। साथ ही इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि उनके नागरिकों के खुशहाल जीवन जीने के राज क्या है।
इस लेख में हाल ही में फोर्ब्स मैगजीन द्वारा जारी विश्व के सबसे हैप्पीएस्ट कंट्री यानी 2024 में दुनिया के शीर्ष 20 सबसे खुशहाल देशों की सूची दी जा रही है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उपस्थित होने वाले उम्मीदवार इस लेख से करंट अफेयर्स या समसामयिकी की तेयारी कर सकते हैं। 2024 में दुनिया के शीर्ष 20 सबसे खुशहाल देशों की सूची देखने से पहले आइए जानें वो कौन से फैक्टर्स हैं जो किसी देश को खुशहाल बनाते हैं?
किसी देश को क्या खुशहाल बनाता है?
किसी राष्ट्र में खुशी असंख्य कारकों से प्रभावित हो सकती है। राष्ट्र में खुशी का माहौल होना, उस राष्ट्र के समग्र कल्याण में योगदान देता है। संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित विश्व खुशहाली रिपोर्ट उन प्रमुख कारकों का मूल्यांकन करती है, जो एक खुशहाल समाज का समर्थन करते हैं। मजबूत सामाजिक सुरक्षा, उच्च रोजगार, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और प्रभावी शासन के साथ आर्थिक रूप से समृद्ध देश खुशी सूचकांक पर उच्च अंक प्राप्त करते हैं। इसके अलावा, स्वतंत्रता, असमानता में कमी और मजबूत सामुदायिक बंधन वाले देश भी उच्च खुशी स्तर की रिपोर्ट करते हैं।
2024 में दुनिया के शीर्ष 20 सबसे खुशहाल देश| Top 20 happiest countries in the world in 2024
| देश का रैंक | देश के नाम |
|---|---|
1 | फिनलैंड |
2 | डेनमार्क |
3 | आइसलैंड |
4 | स्वीडन |
5 | इज़राइल |
6 | नीदरलैंड |
7 | नॉर्वे |
8 | लक्ज़मबर्ग |
9 | स्विट्जरलैंड |
10 | ऑस्ट्रेलिया |
11 | न्यूज़ीलैंड |
12 | कोस्टा रिका |
13 | कुवैत |
14 | ऑस्ट्रिया |
15 | कनाडा |
16 | बेल्जियम |
17 | आयरलैंड |
18 | चेकिया |
19 | लिथुआनिया |
20 | यूनाइटेड किंगडम |
वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में भारत का स्थान
वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट के अनुसार, भारत वर्तमान में 4.054 के हैप्पीनेस स्कोर के साथ 146 देशों में से 126वें स्थान पर है, जो इसे दुनिया के सबसे कम खुशहाल देशों में से एक के रूप में वर्गीकृत करता है। खुशहाली सूचकांक में भारत का स्थान अपने पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, बांग्लादेश और चीन से भी नीचे है। खुशी के स्तर में यह गिरावट भारत के बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य संकट से निकटता से जुड़ी हुई है, जो कोविड-19 महामारी के बाद उत्पन्न चुनौतियों के कारण और भी गंभीर हो गई है।
सबसे खुशहाल देशों के उदाहरण
फिनलैंड: कई वर्षों से फिनलैंड विश्व खुशहाली रिपोर्ट में शीर्ष स्थान पर है। फिनिश लोग एक मजबूत कल्याणकारी राज्य से लाभान्वित होते हैं जो व्यापक सामाजिक सुरक्षा,मुफ्त शिक्षा और सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करता है। देश में कम अपराध दर, प्राचीन प्राकृतिक वातावरण और एक ऐसा समाज भी है जो विश्वास और पारस्परिक सम्मान को महत्व देता है। फ़िनलैंड की ख़ुशी, देश में समानता और उसके समुदाय के सदस्यों आपसी तालमेल से बढ़ी है।
डेनमार्क: डेनमार्क अपनी मजबूत कल्याणकारी योजनाओं के कारण विश्व खुशहाली रिपोर्ट में लगातार शीर्ष पर बना हुआ है। देश की सरकार यह सुनिश्चित करती है कि डेनमार्क के सभी निवासियों को पूर्ण रूप से स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त, डेनिश संस्कृति में वर्क लाइफ बैलेंस को प्राथमिकता दी जाती है, जो उनके फ्लेक्सिबल वर्क आवर और अभिभावकों के अवकाश नीतियों में स्पष्ट है। यह संतुलन डेन को एक ऐसी जीवन शैली विकसित करने की अनुमति देता है जो व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास दोनों के लिए उपयोगी होती है।
आइसलैंड: आइसलैंड अपने समुदाय और अपने लोगों के बीच मजबूत सामाजिक संबंधों के लिए जाना जाता है। इस देश की विशेषता उच्च स्तर का विश्वास और बहुत कम अपराध दर है, जो सामाजिक खुशी का आधार है। मनमोहक परिदृश्य और पर्यावरणीय शुद्धता भी इसके निवासियों की भलाई और खुशी में योगदान करती है।
नॉर्वे: नॉर्वे की जनता में ख़ुशी का कारण उनके धन, उच्च रोज़गार स्तर और व्यापक सामाजिक सेवाएं हैं। देश के पास एक महत्वपूर्ण संप्रभु धन कोष है, जो अपने व्यापक कल्याणकारी राज्य को वित्तपोषित करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि असमानताएं कम से कम हों। नॉर्वे की प्राकृतिक सुंदरता, इसके पहाड़ों, हवा की गुणवत्ता के साथ इसके नागरिकों की भलाई में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
स्विट्ज़रलैंड: अपनी तटस्थता और स्थिरता के लिए जाना जाने वाला स्विट्ज़रलैंड सबसे खुशहाल देशों की सूची में 9वें स्थान पर है। इसकी एक मजबूत अर्थव्यवस्था, उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा और एक शक्तिशाली राजनीतिक व्यवस्था देश की खुशहाली का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। स्विस नागरिकों को व्यक्तिगत स्वतंत्रता, सुरक्षा और प्रत्यक्ष लोकतंत्र के माध्यम से सामुदायिक मामलों में सक्रिय रूप से भाग लेने की आजादी के कारण खुशी मिलती है।
सबसे खुशहाल देशों से क्या सीख सकते हैं?
दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की आर्थिक स्थिति देख कर यह कह सकते हैं कि खुशी केवल आर्थिक स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करता, बल्कि यह किसी देश में उत्तम शासन, संस्कृति, पर्यावरण और सामाजिक समानता से प्रभावित एक बहुमुखी परिणाम है। ये राष्ट्र अपने नागरिकों की भलाई में ना केवल आर्थिक बल्कि मानवीय कारकों में योगदान करते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि समृद्धि साझा और टिकाऊ दोनों हो।
सबसे खुशहाल देशों में कई सामान्य विशेषताएं होती हैं, इनमें आर्थिक रूप से समृद्ध, भ्रष्टाचार का निम्न स्तर, स्वतंत्रता का उच्च स्तर और मजबूत सामाजिक सुरक्षा परिवेश शामिल है। हालांकि इन मूर्तताओं से परे समुदाय,वर्क लाइफ बैलेंस और पर्यावरण प्रबंधन पर गहरा सांस्कृतिक जोर निहित है। इन देशों का अध्ययन करके अन्य देश अपने नागरिकों की ख़ुशी बढ़ाने के लिए विभिन्न तरीके अपना सकते हैं। सीधे तौर पर इसका लक्ष्य न केवल एक अमीर राष्ट्र बनाना, बल्कि एक खुशहाल राष्ट्र बनाना होना चाहिये।
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