जानिए देश में कहां-कहां बन रहे हैं नए मेडिकल कॉलेज

कई दिनों से संसद में लोकसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है इस सत्र में कई तरह की परियोजनाओं के बारे में चर्चा की जा रही है। उन्हीं में एक विषय है मेडिकल कॉलेज। भारत में हर साल लाखों को छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने का सपना लेकर प्रवेश परीक्षा में शामिल होते हैं। कई ऐसे छात्र है जो अन्य देशों में जाकर मेडिकल की पढ़ाई करते हैं और कई दिक्कतों की सामना करते हैं। मेडिकल की पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले छात्रों को किसी और अन्य देश में जाकर पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसलिए भारत सरकार देश में कई स्थानों पर नए मेडिकल कॉलेज बनाने के तैयारी कर रहे हैं। इसको लेकर हाल ही में लोकसभा सत्र में चर्चा की गई है। नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना सीएसएस के तहत की जाएगी।

9 दिसबंर 2022 के लोकसभा सत्र में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के मुद्दे पर चर्चा की गई। इस मुद्दे पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने बताया कि- मेडिकल कॉलेजों के मैजुदा वितरण में हो रही असमानता को कम करने के साथ स्वास्थ्य में मानव संसाधन की उपलब्धता अधिक करने के भारत में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना करने की योजना बना रहा है।

जानिए देश में कहां-कहां बन रहे हैं नए मेडिकल कॉलेज

कोरोना के समय ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में मानव संसधान की कमी देखने को मिली है। कोरोन अभी गया नहीं है और इसके नए वेरिंट की खबर भी देश के लिए अच्छी नहीं है। इस कमी को पूरा करने के लिए और हो मेडिकल कॉलेज में हो रहे वितरण की असमानता रोकने के लिए भारत का स्वास्थ्य और परिवार क्लयाण मंत्रालय द्वारा केंद्र प्रायोजित योजना संचालित करता है। नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना जिलों या रेफरल अस्पतालों के साथ जोड़ कर की जाएगी जहां मौजुदा समय में कोई भी सरकारी या नीजि अस्पताल नहीं है। ताकि छात्रों को शिक्षा दी जा सके और क्षेत्र में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा भी पहुंचाई जा सके। केंद्र द्वारा मेडिकल कॉलेज की स्थापना की इस योजना में कुल 157 की स्थापना की जाएगी।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आगे बतया महाराष्ट्र में मेडिकल कॉलेज के बारे में बताया कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर किसी भी प्रकार का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है।

अस्पतालों को किन चरणों के माध्यम से दी जाएगी स्वीकृती?

जिन भी नए मेडकिल कॉलेज की स्थापना की जाएगी उन्हें तीन चरणों के अनुसार स्वीकृती प्राप्त होगी। इसमें योजना में 90:10 के अनुपात में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा उत्तर पूर्वी और विशेष श्रेणी के राज्यों को फंड किया जाएगा, वहीं 60:40 के अनुपात में अन्य राज्यों को। इस योजना में जारी किए दिशानिर्देशों के अनुसार इस मेडिकल कॉलेज का कार्यान्वयन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। यानी इस परियोजना का कमीशन, निष्पादन और योजना का निर्माण राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा इस योजना के तरह प्राप्त होने वाल धन, व्यय की गति, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकार की मांग और उपयोगिता के प्रमाण पत्र पर आधापित होगा।

मेडिक कॉलेज कि स्थापना के लिए भारत सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदम

भारत में मेडिकल कॉलेज की स्थापना और अपर्याप्त चिकित्सा शिक्षा (मेडिकल एजुकेश) सुविधा को लेकर भारत सरकार कई कदम उठाने के बारे सोच रही है, जिसकी जानकारी कुछ इस प्रकार है।

- चिकित्सा सुविधा और शिक्षा में बढ़ौतरी के नए एम्स की स्थापना में भारत सरकार द्वारा 22 नए एम्स की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। इन 22 एम्स में कुल 19 में अंडरग्रेजुएट कोर्स की पढ़ाई शुरु की जाएगी।

- फैकल्टी, स्टाफ, बैड की संख्या और अन्य संबंधित इफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकात को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज की स्थापना करने वाले मानदंडों में छूट दी गई है।
- जिला और रेफरल अस्पतालों को अपग्रेड कर नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना करने के लिए सीएसएस के अंतर्गत 157 नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना को स्वीकृत किया गया है। 157 में 97 पहले से ही कार्यरत है।

- मौजुदा राज्य और केंद्र सरकार के मेडिकल कॉलेज में पीजी यानी पोस्टग्रेजुएशन कोर्स और एमबीबीएस कोर्स की सीटों को बढ़ाने को सीएसएस के तहत किया जाएगा।

- सीएसएस के तहत "सुपर स्पेशियलिटी बॉल्कों के निर्माण द्वारा सरकारी मेडिकल कॉलेज को अपग्रेशन"। जिसमें कुल 75 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

- शिक्षण संस्थान में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए डीएनबी योग्यता को मान्यता दी गई है।

- मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों, प्रिंसिपल, डीन और डायरेक्टर के पदों पर नियुक्ति/विस्तार / पुनर्रोजगार के लिए आयु सीमा को बढ़ा कर 70 वर्ष किया गया।

कंद्रीय क्षेत्र योजना क्या है?

केंद्रीय क्षेत्र योजना केंद्र सरकार द्वारा डिजाइन और प्लान की जाती है। इसे पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त होती है। इस योजना के तहत कुछ योजानाएं का निर्माण किया गया जो केवल राज्य में लागू की गई है, लेकिन फंड उन्हें केंद्र सरकार द्वारा प्राप्त होता है।

केंद्र प्रायोजित योजना क्या है?

केंद्र प्रायोजित योजना वह योजना है जिसे केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों द्वारा चलाया जाता है। इस योजना में दोनों सरकारों की भागीदारी होती है। इस योजना में केंद्र सरकार की भागीदारी जाती होती है क्योंकि उसके पास राज्य सरकार के मुकाबले ज्यादा संसाधन होते हैं और इस योजना में राज्य स्तर पर विकासात्मक पहलों का समर्थन किया जाता है। इस योजना में धन कि आवश्यकता राज्य सरकार द्वारा प्रसतुत की जाती है और उसके अनुसार केंद्र सरकार फंड प्रदान करती है। ये फंडिंग अनुपात में की जाती है जिसमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों शामिल होती है। आपको बता दें कि केंद्र प्रायोजित योजना में के माध्यम से चलाई गई योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किया जाता है।

भारत में स्थापित होने वाले 157 मेडिकल कॉलेजों भी केंद्रीय प्रयाजित योजना के तहत ही स्थापित किए जाएंगे। इन मेडिकल कॉलेज का पूरा क्रियान्वयन राज्य सरकार के हाथों में होगा और इसमें 90:10 और 60:40 के अनुपात में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा उत्तर पूर्वी और विशेष श्रेणी के राज्यों के साथ अन्य राज्यों को फंडिंग दी जाएगी। जो राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की मांग और व्यय की गति पर निर्भर करती है।

केंद्र क्षेत्र योजना और केंद्र प्रायोजित योजना दो अलग योजनाएं है। दोनों को शॉर्म में सीएसएस कहा जाने के कारण लोग इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं। इसलिए इस लेख के माध्यम से हम आपको दोनों योजनाओं को जानकारी दे रहें है।

किन राज्यों में होगी मेडिकल कॉलेज की स्थापना?

राज्यों के नाम नए मेडिकल कॉलेज
अंडमान और निकोबार द्वीप हां
अरूणाचल प्रदेश हां
असम हां
बिहार नहीं
छत्तीसगढ़ हां
हिमाचल प्रदेश हां
हरियाणा नहीं
झारखंड हां
जम्मू और कश्मीर हां
मध्य प्रदेश हां
महाराष्ट्र हां
मेघालय नहीं
मिजोरम हां
नागालैंड नहीं
ओडिशा हां
पंजाब हां
राजस्थान हां
उत्तप्रदेश हां
उत्तराखंड हां
पश्चिम बंगाल हां
सिक्किम नहीं
कर्नाटका हां
लद्दाख नहीं
मणिपुर हां
तमिल नाडुं हां

यह खबर पढ़ने के लिए धन्यवाद, आप हमसे हमारे टेलीग्राम चैनल पर भी जुड़ सकते हैं।

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English summary
Every year lakhs of students in India appear in the entrance examination with the dream of pursuing medical studies. There are many students who go to other countries to study medicine and face many problems. Students who wish to study medicine will not need to go to any other country to study. That's why the Government of India is preparing to build new medical colleges at many places in the country. This has been discussed recently in the Lok Sabha session. The new medical college will be established under CSS.
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