Constitution Day 2024; Constituent Assembly Members List: स्वतंत्रता के बाद भारत के सामने एक प्रमुख चुनौती भारतीय संविधान के निर्माण की रही। भारतीय संविधान के निर्माण में करीब 299 सदस्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और संविधान बनाने में अपना योगदान दिया।
अंततः 26 नवंबर 1949 को भारत के संविधान को संविधान सभा के सदस्यों द्वारा स्वीकृति दे दी गई। आज भारत अपने संविधान निर्माण दिवस या संविधान दिवस का उत्सव मना रहा है। ऐसे में एक सवाल है तो लगभग हर किसी के जहन में आता है कि संविधान बनाने वाले संविधान सभा में कौन-कौन शामिल थे?

भारत के संविधान को बनाने के लिए संविधान सभा का गठन किया गया। संविधान सभा के सदस्यों ने भारतीय संविधान को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। संविधान सभा के सदस्यों में वे लोग शामिल थे, जो स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारत की लोकतांत्रिक नींव को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे थे। संविधान सभा का गठन भारतीय नागरिकों के लिए एक स्वतंत्र और संप्रभु संविधान बनाने के उद्देश्य से किया गया था। ताकि देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार, स्वतंत्रता और न्याय की गारंटी प्रदान की जा सके।
संविधान सभा का गठन कब और कैसे हुआ?
भारत की स्वतंत्रता से पहले ही संविधान निर्माण के लिए संविधान सभा के गठन का निर्णय लिया गया था। ठीक-ठीक तारीख की बात करें तो भारत के संविधान का निर्माण संविधान सभा का गठन 9 दिसंबर 1946 को किया गया। संविधान सभा के गठन के समय सभा में कुल 389 सदस्य शामिल थे। हालांकि 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के समय जब भारत और पाकिस्तान के बंटवारे की बात सामने आई तब जून 1947 में ही कुल 389 सदस्यों में से 90 सदस्य संविधान सभा से अलग हो गए। इसके बाद संविधान सभा में केवल 299 सदस्य ही रहें,जिन्होंने भारत के संविधान को अंतिम रूप दिया।
संविधान सभा में किस पार्टी के कितने सदस्य शामिल थे?
जब 6 दिसंबर 1946 को भारतीय संविधान के निर्माण के लिए संविधान सभा का गठन किया गया, उस समय सभा में सदस्यों की संख्या 389 थी। संविधान सभा में किस पार्टी के कितने सदस्य शामिल थें, इसका विवरण नीचे दिया गया है-
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस - 208 सदस्य
सीपीआई, अखिल भारतीय हिन्दू महासभा, जस्टिस पार्टी, शिरोमणि अकाली दल एवं निर्दलीय - 15 सदस्य
भारतीय रियासतों से - 93 सदस्य
ऑल इंडिया मुस्लिम लीग - 73 सदस्य
संविधान सभा के सदस्य विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और भौगोलिक क्षेत्रों से चुने गए थे। जिससे भारतीय संविधान में विविधता का समावेश सुनिश्चित हो सके। संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष डॉ भीमराव अंबेडकर ने संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, डॉ राजेंद्र प्रसाद और कई अन्य प्रमुख नेताओं ने संविधान सभा में योगदान दिया। संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान को अंगीकृत किया, जिसे 26 जनवरी 1950 से लागू किया गया।
संविधान सभा के प्रमुख सदस्यों की सूची
भारत के संविधान निर्माण में संविधान सभा के सदस्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। यहां संविधान सभा के सदस्यों की सूची दी जा रही है। इन सभी सदस्यों ने भारतीय संविधान को तैयार करने और भारत को एक लोकतांत्रिक राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सभा के पहले दो दिवसीय अध्यक्ष सच्चिदानंद सिन्हा थे; बाद में राजेंद्र प्रसाद अध्यक्ष चुने गए। इसकी पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी।
डॉ भीमराव अंबेडकर - मसौदा समिति के अध्यक्ष
जवाहरलाल नेहरू - संविधान सभा के मुख्य सदस्य
सरदार वल्लभभाई पटेल
डॉ राजेंद्र प्रसाद - संविधान सभा के अध्यक्ष
मौलाना अबुल कलाम आजाद
के एम मुंशी
गोविंद बल्लभ पंत
हंसराज मेहता
बलवंत राय मेहता
जयप्रकाश नारायण
संजय फाकी
सी राजगोपालाचारी
कन्हैयालाल मानेकलाल मुंशी
गणेश वासुदेव मावलंकर
संदीप कुमार पटेल
श्यामा प्रसाद मुखर्जी
नलिनी रंजन घोष
फ्रैंक एंथोनी, एंग्लो-इंडियन समुदाय का प्रतिनिधि
एचपी मोदी, पारसियों का प्रतिनिधि
हरेंद्र कुमार मुखर्जी, ईसाई सभा के उपाध्यक्ष, गैर-एंग्लो-इंडियन ईसाइयों के प्रतिनिधि
अरी बहादुर गुरुंग गोरखा समुदाय का प्रतिनिधि
न्यायाधीश अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर
न्यायाधीश बेनेगल नरसिंह राव
न्यायाधीश गणेश मावलंकर
संविधान सभा की महिला सदस्यों में कौन कौन थी शामिल
सरोजिनी नायडू
हंसा मेहता
दुर्गाबाई देशमुख
अमृत कौर
विजया लक्ष्मी पंडित


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