World River Day 2022 : जानिए विश्व नदी दिवस के इतिहास और महत्व के बारे में

विश्व नदी दिवस (World River Day) हर साल सितंबर महीने के चौथे रविवार को मनाया जाता है। जो इस साल 25 सितंबर को मनाया जाएगा। इस दिवस की शुरुआत 2005 में हुई थी उसी साल पहला विश्व नदी दिवस मनाया गया था और तभी से आज तक हर साल मनाया जाता है। इस साल 18 विश्व नदी दिवस मनाया जाना है। नदियों के बारे में जन जागरुकता बढ़ाने के लिए और उनके संरक्षण पर ध्यान देने के लिए इस दिवस को मनाया जाता है। नदीयों में फेकी जा रहा कूड़ा करकट नदियों के पानी को दूषित करता है वह उसमें रह रहे जीवों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। ये नदियां ही हैं जो कई लोगों, शहरों के जीवन का साधन है।

 

भारत की बात करें तो यहां 400 से अधिक नदियां है जिसमें से 8 नदियां भारत की सबसे बड़ी नदियां है। इन नदियों के माध्यम से सिचांई आदि जैसे न जाने कितने कार्य किए जाते हैं। ऐसे में जब हम फायदे के लिए इनका उपयोग करते हैं तो ये हमारी जिम्मेदारी बनती है की हम इनकी स्वच्छाता पर भी उतना ही ध्यान दें। लगातार बढ़े जल प्रदुषण (Water Pollution) के कारण उसमें रहने जल जीव को नुकसान पहुंचता है। इतना ही नहीं नदियों का पानी ही होता है जो सभी के घरों में साफ होकर आता है। हम सभी अपने जीवन के लिए नदियों पर निर्भर रहते हैं लेकिन हम इन नदियों के लिए कभी कुछ नहीं करते हैं। हर साल एनजीओ आदि द्वारा नदियों की सफाई में लाखों टन का कचरा निकाल उसे साफ करने का प्रयत्न किया जाता है। नदियों को लेकर हो रही लापरवाही को ध्यान में रख कर ही इस दिन को विश्व भर में मनाया जाता है और लोगों में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जाता है। हर साल विश्व नदी दिवस को एक थीम के साथ मनाया जाता है। आइए इस दिन के इतिहास और महत्व के बारे में जाने।

World River Day 2022 : जानिए विश्व नदी दिवस के इतिहास और महत्व के बारे में

विश्व नदी दिवस का इतिहास

 

नदियों के माध्यम से कई सभ्याताओं की शुरुआत हुई है। यदि एक की बात करें तो सिंधु घाटी सभ्यता सिधु नदी के तट पर शुरू हुई। इन नदियों ने समाज निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज भी हम अपने हितों की पूर्ती के लिए नदियों और उनसे मिलने वाले संसाधानों का दोहन बिना सोचे समझे कर रहे हैं और इन्हें दुषित कर रहें है। यदि हम अब भी नदियों के लागातर हो रहे दोहन आदि पर ध्यान नहीं देते हैं तो इसके विनाशकारी प्रभाव उत्पन्न हो सकते हैं। इन्ही सब गतिविधियों को देखते हुए वर्ष 2005 में मार्क एंजेलो जो की एक प्रसिद्ध नदी पर्यावरणविद् हैं ने स्युक्त राष्ट्र को जल जीवन अभियान के दौरान संबोधित किया। उनके इस संबोधन में उन्होंने जल अपूर्ती के बारे में जागरुकता फैलाने की बात कही। इस अभियान में संबोधन करते हुए उन्होंने विश्व नदी दिवस मनाने की बात सामने रखी। ताकि सभी लोग इस बात को समझे की नदियां समाज के लिए कितनी महत्वपूर्ण है और इनको सुरक्षित रखना हमारे लिए कितना आवश्यक है। उसी साल यानी 2005 में पहला विश्व नदी दिवस मनाया गया था। उसी समय से सितंबर महीने के चौथे रविवार को विश्व नदी दिवस मनाने का फैसला लिया गया। आज इस दिवस को दुनिया भर में 100 से अधिक देश मनाते हैं और नदियों में घटते जल को सिमित करने का प्रयास कर रहें है।

विश्व नदी दिवस की थीम

हर साल विश्व नदी दिवस एक थीम के साथ मनाया जाता है। इस साल विश्व नदी दिवस 2022 कि थीम है - "एक नदी सब कुछ बदल सकती है"। इसी के साथ आइए आपको बताएं पीछले कुछ सालों की विश्व नदी दिवस की थीम के बारे में।

विश्व नदी दिवस 2018 - पानी के लिए प्रकृति आधारित समाधान

विश्व नदी दिवस 2019 - हमारे समुदायों में जलमार्ग।

विश्व नदी दिवस 2020 - नदियों के लिए कार्य दिवस

विश्व नदी दिवस 2021 - "हमारे समुदायों में जलमार्ग"

विश्व नदी दिवस 2022 - एक नदी सब कुछ बदल सकती है

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English summary
World River Day is celebrated every year on the fourth Sunday of September. Which will be celebrated on 25 September this year. This day was started in 2005, the same year the first World River Day was celebrated. To increase public awareness about rivers and to focus on their conservation, this day is celebrated every year with a theme.
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