Independence Day 2022: जानिए ऐसा कौन सा देश है जो कभी गुलाम नहीं हुआ

दुनिया के लगभग सभी देशों ने गुलामी सहन की है और इस गुलामी से आज़ादी पाने के लिए कई वर्षों तक संघर्ष किया है। यदि हम भारत की बात करें तो भारत ने भी लगभग 200 साल तक ब्रिटिश शासन की गुलामी सहन की और अपनी आज़ादी पाने के लिए यहां के लोगों ने निरंतर सघर्ष किया है। जिसके बाद 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त हुई। जिसके लिए 15 अगस्त को हर साल भारत में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको उस देश के बारे में बताते हैं। जिस देश पर कभी किसी दूसरे देश ने राज नहीं किया। ये देश कोई अन्य देश नहीं बल्कि भारत का ही पड़ोसी मुल्क नेपाल है। ऐसा कहा जाता है कि नेपाल ने कभी किसी दूसरे देश की गुलामी नहीं सही। आइए जानते हैं नेपाल से जुड़ी कुछ छास बातें।

जानिए ऐसा कौन सा देश है जो कभी गुलाम नहीं हुआ

नेपाल कभी गुलाम क्यों नहीं हुआ?

 

नेपाल शुरुआत से ही एक गरीब देश माना जाता है इसलिए कभी किसी ने नेपाल को गुलाम बनाने का नहीं सोचा। सोचिए कोई किसी देश को अपना गुलाम क्यों बनाता है क्योंकि वहां से उसे कुछ प्राप्त हो सके जैसे कि धन, आदि। लेकिन नेपाल के पास कभी भी इतनी अधिक मात्रा में धन नहीं रहा कि अंग्रेजों या मुलगों ने उस देश पर गुलामी करने के बारे सोचा भी हो। बता दें कि भारत को एक समय पर सोने के चिड़िया कहा जाता था जिस वजह से यहां मुगलों व अंग्रेजों ने राज किया था। नेपाल की भोगोलिक स्थिति के अनुसार यहां इस तरह के कोई भी आकृषण नहीं थे जिस वजह से यहां गुलामी की जाती।

नेपाल को जानने के लिए निम्नलिखित जानकारी पढ़ें

नेपाल दक्षिण एशिया में स्थित भूमि से घिरा हुआ एक देश है। यह मुख्य रूप से हिमालय में स्थित है, लेकिन इसमें भारत-गंगा के मैदान के कुछ हिस्से भी शामिल हैं, जो उत्तर में चीन के तिब्बत और दक्षिण, पूर्व और पश्चिम में भारत की सीमा से लगे हैं, जबकि यह सिलीगुड़ी कॉरिडोर द्वारा बांग्लादेश से संकीर्ण रूप से अलग है। नेपाल में एक विविध भूगोल है, जिसमें उपजाऊ मैदान, सबलपाइन वनाच्छादित पहाड़ियां, और दुनिया के दस सबसे ऊंचे पहाड़ों में से आठ, माउंट एवरेस्ट- पृथ्वी का सबसे ऊंचा स्थान शामिल है। नेपाल एक बहु-जातीय, बहुभाषी, बहु-धार्मिक और बहु-सांस्कृतिक राज्य है, जिसमें नेपाली आधिकारिक भाषा है। काठमांडू देश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है।

"नेपाल" नाम पहली बार भारतीय उपमहाद्वीप के वैदिक काल के ग्रंथों में दर्ज किया गया था। शाह राजवंश ने नेपाल के राज्य की स्थापना की थी और बाद में अपने प्रमुख राणा राजवंश के तहत ब्रिटिश साम्राज्य के साथ गठबंधन किया। देश को कभी उपनिवेश नहीं बनाया गया था लेकिन इंपीरियल चीन और ब्रिटिश भारत के बीच नेपाल ने एक बफर राज्य के रूप में कार्य किया गया था। संसदीय लोकतंत्र 1951 में पेश किया गया था, लेकिन 1960 और 2005 में दो बार नेपाली सम्राटों द्वारा निलंबित कर दिया गया था। 1990 के दशक और 2000 के दशक की शुरुआत में नेपाली गृहयुद्ध के परिणामस्वरूप 2008 में एक धर्मनिरपेक्ष गणराज्य की स्थापना हुई, जिसने दुनिया की आखिरी हिंदू राजशाही को समाप्त कर दिया था।

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English summary
Nepal is considered a poor country from the beginning, so no one ever thought of making Nepal a slave. Think why someone makes a country his slave because from there he can get something like money, etc. But Nepal has never had such a large amount of money that the British or the Mulgs might have even thought of enslavement on that country.
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