गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन हर साल 26 जनवरी किया जाता है। इस दिन 1950 में भारत का संविधान लागू किया गया था और उसी दिन के प्रतीक तौर पर इस दिवस को हर साल मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस की शुरुआत परंपरागत तरीके से अमर जवान ज्योती पर देश के नाम जान न्योछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धांजली अर्पित करने से होती है और फिर राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को फैराने से समारोह की शुरुआत की जाती है। हर साल गणतंत्र दिवस की शोभा बढ़ाने के लिए एक मुख्य अतिथि को आमंत्रित किया जाता है। इस साल भारत द्वारा मिस्त्र के राष्ट्रपती अब्देल फत्ताह अल सिसी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। गणतंत्र दिवस समारोह का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उसकी परेड होती है जिसे देखने के लिए लोग राजपथ भी जाते हैं और जो नहीं जा सकते हैं वह घर बैठे इसके प्रसारण का आनंद प्राप्त करते हैं।
क्योंकि भारत में गणतंत्र दिवस के दिन अवकाश होता है और इस दिन को शैक्षिक संस्थानों में एक दिन पहले यानी 25 जनवरी को मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस को बच्चों के लिए और अधिक महत्वपूर्ण कैसे बनाए जाए, उनके लिए क्या किया या इस दिवस के महत्व को उन्हें कैसे समझाया जाए ये बहुत आवश्यक है। स्कूल के बच्चों में गणतंत्र दिवस को लेकर एक अलग ही हर्ष उल्लास रहता है। आज इस लेख के माध्यम से आपके साथ शेयर करेंगे स्कूलों में गणतंत्र दिवस मनाने के लिए कुछ बेहतरीन आइडिया।

ध्वाजरोहण (फ्लैग होस्टिंग)
गणतंत्र दिवस समारोह की तरह स्कूलों में ध्वाजरोहण और राष्ट्रगान गाएं से शुरुआत करें। इससे बहेतर तरीका इस दिवस की शुरुआत का नहीं हो सकता है। इसके साथ बच्चों को गणतंत्र दिवस के इतिहास और महत्व के बारे में बताएं।
परेड
जिस प्रकार रापथ पर मार्च का आयोजन किया जाता है ठीक उसी प्रकार स्कूल में भी परेड का आयोजन करें। परेड का उत्साह अलग होता है और इसके माध्यम से छात्रों में देशभक्ति और एकता की भावना बढ़ेगी। इस परेड को और बेहतर बनाने के लिए छात्रों को भारती आर्मी की तरह तैयार होने के लिए भी कहा जा सकता है।
देशभक्ति की फिल्म
स्कूलों में छात्रों को देश भक्ति से संबंधित कोई अच्छि फिल्म दिखाई जा सकती है जिसे उन्हें प्रेरणा मिले और वह आगे चल देश के लिए योगदान दें। इसके अलावा चाहें तो किसी बी प्रकार की एजुकेशनल फिल्म को भी दिखाया जा सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को शिक्षा प्रदान करना है।
कल्चरल इवेंट देशभक्ती गानों और नृत्यों का आयोजन किया जा सकता है, जिसमें छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका प्राप्त होता है। इसके साथ विभिन्न राज्यों को चुन कर उनकी संस्कृति पर चर्चा की जा सकती है या फिर वहां के पारंपरि नृत्य का आयोजन किया जा सकता है जैसे गणतंत्र दिवस की परेड में किया जाता है। इसके साथ नाटक भी किए जा सकते हैं।
थीम सजावट
स्कूलों को राष्ट्रीय ध्वस तिरंगे के रंगों से सजाएं और बच्चों को इन तीनों रगों और बीच में स्थित अशोक चक्र के साथ तिरंगे के सम्मान और कर्तव्यों के बारे में ज्ञान दिया जा सकता है।
ड्राइंग प्रतियोगिता
एक ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन करें ताकि छात्रों के लिए करिकुलर एक्टिविटी भी हो जाएं और मनोरंजन भी। इसमें छात्रों को संबंधित विषय और केवल तिरंगे रंगों से कुछ बनाने को दें, और देखें बच्चों की कालाकारी क्या-क्या बनाती है। बच्चों में बहुत क्रिएटिविटी होती है उसे बाहर निकालने के सबसे बहतर तरीका है क्राफ्ट।
स्पोर्ट्स एक्टिविटी
स्पोर्ट्स एक्टिविटी से बच्चों में शारीरिक स्फूर्ति बनी रही है और मनोरंज भी हो जाता है। इसमें छात्रों के साथ मिलकर शिक्षक भी हिस्सा लें। हर दिन से अलग मनाने का प्रयत्न करें और अपने छात्रों के साथ घूले-मिले।
रिफ्रेशमेंट
किसी भी दिवस को बिना रिफ्रेशमेंट के जाने देना तो ठीक नहीं होगा न तो दिन के अंत में या कार्यक्रम के अंत में छात्रों को रिफ्रेशमेंट जरूर दें ताकि पूरे दिन इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद उन्हें थोड़ी एंर्जी भी प्राप्त हो।


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