National Technology Day 2023 Facts: प्रतिवर्ष 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology Day) मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत 1999 में की गई थी। सब से लगातार इस दिवस को मनाया जाता है और कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

भारत को प्रौद्योगिकी की गति को बढ़ाने के लिए लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए इस दिवस की शुरुआत की गई। ये दिवस ऑपरेशन शक्ति को चिन्हित करने के बनाया गया था, जिसके बाद भारत को परमाणु संपन्न देश घोषित किया गया है।
आज के समय में जिस प्रकार टेक्नोलॉजी अपनी भूमिका निभा रही है उसे नकारा नहीं जा सकता है। कोरोना से पहले भी हम काफी हद तक टेक्नोलॉजी पर निर्भर करते थे लेकिन कोरोना महामारी के बाद से टेक्नोलॉजी पर हमरा भरोसा और निर्भरता दोनों बढ़ी है। इसलिए इसका महत्व हम सभी के और अधिक है। हर साल राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस को एक थीम के साथ मनाया जाता है। इस साल (2023) इस दिवस को मनाने के लिए जिस विषय वह है "अटल टिंकरिंग लैब्स"।
बता दें कि इस थीम को चुनने का पिछे का कारण विज्ञान और प्रौद्योगिकी बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से इसरो के एसटीईएम स्पेस टेक को बढ़ावा मिला है और इसके अलावा इसके एवीके और एटीएमए के साथ जोड़ा गया है, ताकि भारत प्रौद्योगिकी की दिशा में और आगे बढ़ सके।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस से जुड़े तथ्य
1. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की हर साल 11 मई को मनाया जाता है। इस दिवस को सर्वप्रथम 1999 में मनाया गया था। ये दिवस 11 मई 1998 में राजस्थान के पोखरण में हुए दूसरे सफल परमाणु परीक्षण को चिन्हित करता है।
2. इस दिवस का मुख्य उद्देश्य टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को उजागर करना है। क्योंकि परमाणु परीक्षण के सफल होने के भारत परमाणु संपन्न देशों में छठा देश बना।
3. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की शुरुआत प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा की गई थी। ये दिवस विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करता है, जो हमारी अर्थव्यवस्था के प्रमुख चालकों में से एक है।
4. परमाणु परीक्षण के अलावा 11 मई के दिन ही वर्ष 1998 में बैंगलोर में पहले स्वदेशी विमान 'हंसा-3' का परीक्षण भी किया गया था। ये इस दिन को और खास बनाता है। देश के दो अलग हिस्सों में प्रौद्योगिकी के माध्यम से देश का विकास किया जा रहा था।
5. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मानव कल्याण के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी को बहुत महत्व देता है। प्रौद्योगिकी न केवल उत्पादन के लिए आवश्यक है बल्कि ये स्वास्थ्य और चिकित्सा के साथ ऊर्जा, उन्नत, विनिर्माण और पर्यावरण संबंधित भी है।
6. इस दिन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपना योगदान देने वाले लोगों का जश्न मनाया जाता है और प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड द्वारा स्वदेशी प्रौद्योगिकियों में उत्कृष्टता से प्रदर्शन करने वाले उद्योगों को पुरस्कार दिया जाता है।
7. प्रौद्योगिकी में चिकित्सा प्रौद्योगिकियां, उन्नत प्रौद्योगिकियां, कंप्यूटर प्रौद्योगिकियां और विनिर्माण को शामिल किया गया है।
8. ये दिवस हमें एहसास दिलाता है कि हम हर तरफ से टेक्नोलॉजी से घिरे हुए हैं, जो हमारे लिए कई कामों को आसान बनाती है। इसलिए इस दिवस पर हम विज्ञान के महत्व को समझते हुए उसकी प्रशंसा करते हैं।
9. इस दिवस का उत्सव भारत के हर प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा मनाया जाता है, इसके साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्व को समझाने के लिए कई तरह से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
10. यह दिवस हमारे वैज्ञानिकों और अन्वेषकों की प्रतिभा और उनकी क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित करता है। जिसे देख आने वाली युवा पीढ़ियां विज्ञान और प्रौद्योगिकी की दिशा में उच्च अध्ययन और अनुसंधान के लिए प्रेरित होती है।


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