मातृ दिवस पर भाषण

By Careerindia Hindi Desk

Mothers Day Speech In Hindi/मातृ दिवस पर भाषण: दुनिया में सबसे ऊंचा दर्जा मां का होता है। वैसे तो मां के सम्मान में हर दिन कम है, लेकिन फिर भी हम हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाते हैं। इस वर्ष मदर्स डे 2021 में 9 मई को मनाया जा रहा है। हमारे जीवन में मां के योगदान का कोई मूल्य नहीं है। मदर्स डे हम सभी के लिए अत्यधिक यादगार और खुशी का दिन होता है। मदर्स डे सभी माताओं के लिए समर्पित होता है। ऐसे में यदि किसी को मदर्स डे पर भाषण लिखना है तो हम आपके लिए बेस्ट मदर्स डे स्पीच आईडिया लेकर आए हैं। जिसकी मदद से आप आसानी से मदर्स डे पर भाषण लिख व पढ़ सकते हैं।

 
मातृ दिवस पर भाषण

मातृ दिवस पर बड़ा भाषण (Long Speech on Mother's Day in Hindi)
दुनिया के 57 देशों की आधी से अधिक महिलाओं को अपने शरीर से जुड़े मामलों में फैसले लेने का अधिकार हासिल नहीं है। फिर वह चाहे अंतरंग संबंध बनाना हो, गर्भ निरोधक का इस्तेमाल करना हो या स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेना हो। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) की हालिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। गौरतलब है कि यूएनएफपीए ने पहली बार महिलाओं की शारीरिक स्वायत्तता के मुद्दे पर अध्ययन किया है। माई बॉडी इज़ माई ओन शीर्षक से जारी इस रिपोर्ट में यूएनएफपीए ने 57 देशों की महिलाओं पर होने वाले यौन हमलों का जिक्र किया है। जिसमें दुष्कर्म से लेकर जबरन नसबंदी, खतना और कौमार्य परीक्षण शामिल है। अध्ययन में शारीरिक मामलों में फैसले लेने को लेकर महिलाओं पर लगाई जाने वाली सभी तरह की पाबंदियों का भी विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार इन महिलाओं को सेक्स, गर्भ निरोधक के इस्तेमाल या फिर इलाज तक के लिए किसी और की मर्जी पर निर्भर रहना पड़ता है। रिपोर्ट में महिलाओं पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों का जिक्र किया गया है। जिनमें बलात्कार, जबरन स्टेरलिज़ेशन से लेकर वर्जिनिटी टेस्ट और खतना तक शामिल हैं।

रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है कि महिलाएं बिना डर और प्रतिबंधों के अपने शरीर को लेकर फैसले क्यों नहीं ले पाती हैं? रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शारीरिक स्वायत्ता की इस कमी का असर महिलाओं और लड़कियों पर व्यक्तिगत तौर पर तो होता ही है साथ ही इससे अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ता है। रिपोर्ट में इस बात का भी हवाला है कि महज़ 56 फ़ीसदी देशों में यौन शिक्षा देने के लिए कानून या नीतियां उपलब्ध हैं। वहीं 20 अन्य देश या क्षेत्र ऐसे हैं जहां के कानून में अपराधिक मुकदमे से बचने के लिए दुष्कर्म के दोषी को पीड़िता से शादी करने का अधिकार दिया गया है। यही नहीं दुनिया के 43 देशों में शादी में रेप से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए कानून नदारद हैं। 30 मुल्कों में महिलाओं के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी है। यूनाइटेड नेशंस पॉपुलेशन फंड की डायरेक्टर नतालिया कानेम कहती हैं कि यह सच है कि आधी से ज्यादा महिलाओं को अब तक अपने फैसले लेने का अधिकार नहीं है।

 

उन्हें यह तय करने का हक नहीं कि उन्हें सेक्स करना है या नहीं, गर्भ निरोधक का इस्तेमाल करना है या नहीं, इलाज करवाना है या नहीं? उनका कहना है कि शारीरिक स्वायत्तता की कमी से होने वाला नुकसान सिर्फ महिलाओं और लड़कियों तक सीमित नहीं रहता। कौशल विकास और उत्पादक क्षमता में कमी से पूरे समाज को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। आगे चल कर यह स्वास्थ्य एवं न्यायिक सेवाओं पर अतिरिक्त बोझ का सबब भी बनता है। कानेम के अनुसार दुनिया की करोड़ों महिलाओं को शारीरिक स्वायत्तता हासिल न होना गंभीर चिंता का विषय है। उनकी जिंदगियां किसी और के इशारे पर चलने को लेकर हम सभी में आक्रोश होना चाहिए। करोड़ों महिलाएं और लड़कियां ऐसी हैं जिनका अपने ही शरीर पर अधिकार नहीं हैं। उनका जीवन कोई और चलाता है।

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन भी इस बात का खुलासा कर चुका है कि विश्व में तीन में से एक महिला को अपने जीवनकाल में शारीरिक या यौन हिंसा का सामना करना पड़ता है। विभिन्न स्तरों पर किया गया अध्ययन बताता है कि दुनिया भर में भारत महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक और असुरक्षित देशों में अव्वल है। थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन के एक सर्वे में महिलाओं के प्रति यौन हिंसा, मानव तस्करी और महिलाओं को यौन व्यापार में ढकेले जाने के आधार पर भारत को महिलाओं के लिए खतरनाक बताया गया था। इस सर्वे के अनुसार महिलाओं के मुद्दे पर युद्धग्रस्त अफगानिस्तान और सीरिया क्रमश: दूसरे और तीसरे, सोमालिया 4थे और सउदी अरब 5वें स्थान पर हैं।

सर्वे में यूरोप, अफ्रीका, अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों के करीब साढ़े पांच सौ पेशेवर, शिक्षाविद, स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारी, गैर सरकारी संगठन के लोग, नीति निर्माता, विकास विशेषज्ञ और सामाजिक टिप्पणीकार शामिल थे। विशेषज्ञों द्वारा किए गए इस सर्वे में महिलाओं के प्रति यौन हिंसा ग्रस्त एकमात्र पश्चिमी देश अमेरिका को माना गया। इस सर्वे में 193 देशों को शामिल किया गया था, जिनमें से महिलाओं के लिए बदतर शीर्ष 10 देशों का चयन किया गया था। करीब एक दशक पूर्व दिल्ली में चलती बस में हुए निर्भया सामूहिक बलात्कार कांड के बाद भी अभी तक महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त काम नहीं हुए हैं। आंकड़े बताते हैं कि 2007 से 2016 के बीच महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध में 83 फीसदी का इजाफा हुआ था। यही नहीं देश में हर घंटे में बलात्कार के चार मामले दर्ज किए जाते है।

आंकड़ों के मुताबिक मानव तस्करी, यौन हिंसा व महिलाओं को यौन कारोबार में ढकेलने के लिहाज से भारत इस सूची में अव्वल है। यही नहीं कुछ और सर्वे के नतीजे यह भी बताते हैं कि मानव तस्करी, यौन उत्पीड़न, सेक्स स्लेवरी, घरेलू ग़ुलामी और ज़बरन विवाह और भ्रूण हत्या के आधार पर भी भारत महिलाओं के लिए सबसे ख़तरनाक देश बताया गया है। इस सूची में पाकिस्तान 6ठे और अमेरिका 10वें स्थान पर है। आर्थिक संसाधनों व स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी और यौन हिंसा के कारण अफगानिस्तान तीसरे स्थान पर है।सीरिया और सोमालिया में लंबे समय से चल रहे युद्ध के कारण महिलाओं की स्थिति काफ़ी ख़राब हुई है। सीरिया में स्वास्थ्य सुविधाओं तक महिलाओं की कोई पहुंच नहीं है और सोमालिया में सांस्कृतिक व धार्मिक परंपराओं के कारण भी महिलाएं परेशान हैं। पूर्व में आई कई रिपोर्ट में इस बात का संकेत था कि सीरिया में सरकारी बलों द्वारा महिलाओं के साथ यौन हिंसा की जाती है। घरेलू हिंसा और बाल विवाह के मामले वहां भी बढ़े हैं और बच्चे को जन्म देते हुए महिलाओं की मृत्युदर में वृद्धि हुई है। सऊदी अरब में भी कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ भेदभाव होता है। सांस्कृतिक व धार्मिक परंपराओं के कारण भी महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं। हालांकि हाल के सालों में कुछ सुधार देखा गया है. लेकिन सूरत बदलनी अभी बाकी है।

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English summary
Mothers Day Speech In Hindi / Mother's Day Speech: Mother is the highest in the world. Although every day is less in honor of the mother, but still we celebrate Mother's Day on the second Sunday of May every year. This year Mother's Day 2021 is being celebrated on 9 May. Mother's contribution to our lives has no value. Mother's Day is a very memorable and happy day for all of us. Mother's Day is dedicated to all mothers. In such a situation, if someone wants to write a speech on Mother's Day, then we have brought the best Mother's Day speech idea for you. With the help of which you can easily write and read the speech on Mother's Day.Big Speech on Mother's DayMore than half of the women in 57 countries of the world do not have the right to take decisions in matters related to their bodies. Then whether it is to form intimate relationships, use contraceptives or avail health services. This has been claimed in a recent report by the United Nations Population Fund (UNFPA). Significantly, for the first time, the UNFPA has conducted studies on the issue of physical autonomy of women. In this report titled My Body is My Own, the UNFPA has referred to sexual assaults on women from 57 countries. These include everything from rape to forced sterilization, circumcision and virginity testing. The study also analyzed all the restrictions placed on women for taking decisions in physical matters. According to the report, these women have to depend on someone else's will for sex, contraceptive use or even treatment. The report mentions restrictions imposed on women. These range from rape, forced sterilization to virginity tests and circumcision.
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