Makar Sankranti 2023: सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने का उत्सव मकर संक्रांति भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों में उत्साह से मनाया जाता है। इसी दिन से अलग-अलग राज्यों में गंगा नदी के किनारे माघ मेला या गंगा स्नान का आयोजन किया जाता है। कुंभ के पहले स्नान की शुरुआत भी इसी दिन से होती है। मकर संक्रांति त्योहार भारत के साथ विभिन्न देशों में अलग-अलग नाम से मनाया जाता है। इस वर्ष मकर संक्रांति 15 जनवरी 2023 को मनाई जाएगी।

नेपाल में माघे संक्रांति
नेपाल के सभी प्रांतों में यह पर्व अलग-अलग नाम व रीति-रिवाजों से भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया जाता है। यहां मकर संक्रांति को माघे-संक्रांति, सूर्योत्तरायण और थारू समुदाय में माघी कहा जाता है। थारू समुदाय का यह सबसे प्रमुख त्योहार है। नेपाल के बाकी समुदाय भी तीर्थस्थल में स्नान करके दान-धर्मादि करते हैं और तिल, घी, शर्करा व कंदमूल खाकर धूमधाम से मकर संक्रांति मनाते हैं। वे नदियों के संगम पर लाखों की संख्या में नहाने के लिए जाते हैं। तीर्थस्थलों में रूरूधाम (देवघाट) व त्रिवेणी मेला सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है।
थाईलैंड में सॉन्कर्ण
कई दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के लोग भी मकर संक्रांति अलग-अलग तरीके से मनाते हैं। थाईलैंड में इस पर्व को 'सॉन्कर्ण' नाम से जाना जाता है। हालांकि यहां की संस्कृति भारतीय संस्कृति से बिलकुल अलग है। थाईलैंड में हर राजा की अपनी विशेष पतंग होती थी जिसे जाड़े के मौसम में भिक्षु और पुरोहित देश में शांति व खुशहाली की आशा में उड़ाते थे। थाईलैंड के लोग भी अपनी प्रार्थनाओं को भगवान तक पहुंचाने के लिए वर्षा ऋतु में पतंग उड़ाते थे।
म्यांमार में थिनज्ञान
म्यांमार में मकर संक्रांति का एक अलग ही रूप देखने को मिलता है। यहां इस दिन थिनज्ञान नाम से त्योहार मनाया जाता है, जो बौद्धों से जुड़ा है। यह त्योहर 3-4 दिन तक चलता है। माना जाता है कि नए साल के आने की खुशी में भी यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
श्रीलंका में उजाहवर थिरूनल
श्रीलंका में मकर संक्रांति मनाने का तरीका भारतीय संस्कृति से थोड़ा अलग है। यहां इस पर्व को 'उजाहवर थिरनल' नाम से मनाया जाता है। यहां लोग इसे पोंगल भी कहते हैं, क्योंकि तमिलनाडु के लोग यहां काफी संख्या में रहते हैं।
कंबोडिया में मोहा संगक्रान
कंबोडिया में मकर संक्रांति को 'मोहा संगक्रान' नाम से जाना जाता है। यहां भी भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। मान्यता है कि लोग यहां नए साल के आगमन और पूरे वर्ष खुशहाली भरे माहौल बना रहे, इसलिए मकर संक्रांति मनाते हैं।


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