Magh Purnima Shayari: माघ पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक अत्यंत पवित्र तिथि मानी जाती है। इस दिन श्रद्धा, आस्था और दान-पुण्य के साथ मनाया जाता है। यह दिन धार्मिक अनुष्ठानों, गंगा स्नान, हवन, दान और तपस्या के लिए विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। माघ पूर्णिमा का उल्लेख हिंदू ग्रंथों में भी किया गया है, जहां इसे आत्मशुद्धि और पुण्य प्राप्ति का सर्वश्रेष्ठ अवसर बताया गया है।

आज 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा का त्योहार मनाया जा रहा है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु, शिव और देवी लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। कई स्थानों पर भव्य मेलों और सत्संगों का आयोजन किया जाता है, जहां भक्त भजन-कीर्तन में लीन होकर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ पूर्णिमा के दिन किया गया दान कई गुना फल देता है।
माङ पूर्णिमा के दिन संगम नगरी प्रयागराज में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान करेंगे। इस शुभ अवसर पर यहां प्रस्तुत हैं 30 माघ पूर्णिमा शायरी, जो इस पावन पर्व की महिमा को और अधिक प्रदर्शित करेंगी-
माघ पूर्णिमा पर शायरी
गंगा जल की धारा में, हर मन शुद्ध हो जाए,
पुण्य मिले ऐसा कि, हर संकट दूर हो जाए।
पूर्णिमा का चाँद खिला, फैली पावन चांदनी,
हर भक्त के जीवन में आए सुख और शांति।
पुण्य की बारिश हो, मन हो निर्मल-शांत,
माघ पूर्णिमा के दिन, मिले मोक्ष का वरदान।
जो करें गंगा स्नान, करें हृदय से ध्यान,
माघ पूर्णिमा पर मिलेगा, जीवन का सच्चा ज्ञान।
पूर्णिमा की रात है आई, मन में नई उमंग छाई,
गंगा मैया का जल पियो, पाप-ताप सब दूर बहाई।
गंगा जल में नहा लिया, तन-मन निर्मल हो जाए,
पुण्य मिलेगा ऐसा, हर संकट दूर हो जाए।
पूर्णिमा का चाँद खिला, फैली पावन चाँदनी,
हर भक्त के जीवन में, आए सुख और शांति।
पुण्य की बारिश हो, मन हो निर्मल-शांत,
माघ पूर्णिमा के दिन, मिले मोक्ष का वरदान।
गंगा मैया का जल पियो, मन में बसी हो श्रद्धा,
हर दुख दूर होगा, मिलेगा ईश्वर का स्नेह।
जो करें गंगा स्नान, करें हृदय से ध्यान,
माघ पूर्णिमा पर मिलेगा, जीवन का सच्चा ज्ञान।
चाँदनी रात और गंगा का किनारा,
इस दिन मिलता है पुण्य अपार हमारा।
हरि का नाम लो, पुण्य कमाओ,
माघ पूर्णिमा पर दान-दक्षिणा चढ़ाओ।
सूर्य की किरणें कहें, उठो अब जागो,
पुण्य का अवसर आया, गंगा में स्नान कर भागो।
यह पर्व है निर्मल मन का, यह पर्व है आत्मसुधार का,
माघ पूर्णिमा पर करें तपस्या, मिल जाएगा मोक्ष का द्वार।
स्नान, दान और तपस्या कर, जीवन को सफल बनाओ,
हर संकट से मुक्त होकर, भगवान का आशीर्वाद पाओ।
माघ पूर्णिमा शायरी
चाँद की रोशनी में नहाई ये रात,
पावन पर्व की है सौगात।
गंगा की लहरों में बह जाएं पाप,
पुण्य के फूल खिलें हर ओर अपार।
प्रेम, श्रद्धा और भक्ति का संगम है,
माघ पूर्णिमा पर पुण्य का अनुपम रंग है।
पवित्र जल से खुद को पावन करो,
जीवन को धन्य कर, हरि भजन करो।
शीतल जल में डुबकी लगाओ,
पुण्य कमाकर भवसागर तर जाओ।
सुबह की पहली किरण कहे,
पुण्य कमाने को चलो बढ़े।
गंगा मैया की जय बोलो,
हर संकट से मुक्ति लो।
पूर्णिमा की रोशनी में, हर कण-कण पावन हो जाए,
जो गंगा में डुबकी लगाए, उसका भाग्य भी चमक जाए।
ईश्वर की भक्ति में खो जाओ,
माघ पूर्णिमा पर पुण्य कमाओ।
मन में बसाओ प्रेम और श्रद्धा,
हरि नाम से पावन हो जाए काया।
माघ पूर्णिमा शायरी संदेश
संतों का संग, गंगा का जल,
पावन पर्व का पावन पल।
गंगा तट पर भक्तों की भीड़,
पुण्य लूटने को सभी हैं तैनात।
हर दिन करें सच्चे मन से भक्ति,
माघ पूर्णिमा पर होगी शक्ति।
पुण्य और भक्ति की ज्योति जलाओ,
गंगा जल से तन-मन नहलाओ।
पुण्य का लाभ उठाओ,
गंगा स्नान कर जीवन को सफल बनाओ।
यह पर्व हमें सिखाता है,
सच्ची भक्ति से ही मोक्ष मिलता है।
जो करे इस दिन का उपवास,
उसके जीवन से मिटेगा संताप।
गंगा मैया का जो करे सम्मान,
उसका जीवन होगा गुणवान।
पूर्णिमा का दिन पावन होता,
इस दिन हर भक्त का मन निर्मल होता।
भक्ति और श्रद्धा से जुड़ जाओ,
माघ पूर्णिमा पर हरि नाम गाओ। माघ पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ!


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