Mahatma Jyotiba Phule Quotes भारत के महान समाज सुधारक और प्रसिद्ध विचारक महात्मा ज्योतिबा फुले की आज 28 नवंबर 2022 को 132वीं पुण्य तिथि मनाई जा रही है। ज्योतिराव गोविंदराव फुले का जन्म महाराष्ट्र के पुणे में 11 अप्रैल 1827 को हुआ। उन्हें महात्मा फुले और ज्योतिबा फुले के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने जातिवाद के खिलाफ कई आंदोलन चलाए। उन्होंने किसानों, निचली जातियों और महिलाओं की शिक्षा के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। समाज सुधारक विट्ठलराव कृष्णजी वंदेकर ने ज्योतिबा फुले को महात्मा की उपाधि दी थी। अपने पूरे जीवन में लड़कियों की शिक्षा और महिलाओं के अधिकारों के लिए कई आंदोलन चलाए। उन्हें भारत में पहला हिन्दू अनाथालय की स्थापना का श्रेय दिया जाता है। आइए जानते हैं महान नायक महात्मा ज्योतिबा फुले के अनमोल विचार।

महात्मा ज्योतिबा फुले के अनमोल विचार (Mahatma Jyotiba Phule Quotes)
1.शिक्षा, स्त्री और पुरुष की प्राथमिक आवश्यकता है।
2. सच्ची शिक्षा दूसरों को सशक्त बनाने और दुनिया को उस दुनिया से थोड़ा बेहतर छोड़ने का प्रतीक है जो हमने पाया है।
3. हमारे जीवन में हर दिन नए विचार आते हैं, लेकिन असली संघर्ष उन्हें साकार करने में है।
4. भारत में राष्ट्रीय भावना तब तक मजबूत नहीं होगी, जब तक भोजन और विवाह पर जातिगत प्रतिबंध बरकरार रहेगा।
5. संसार का निर्माणकर्ता एक पत्थर विशेष या स्थान विशेष तक ही सीमित नहीं हो सकता है।
6. ईश्वर एक है और वो ही सभी लोगों का कर्ताधर्ता है।
7. जातिगत और लिंग के आधार पर किसी के साथ भेदभाव करना महापाप है।
8. अच्छे काम करने के लिए कभी भी गलत उपायों का सहारा नहीं लेना चाहिए।
9. अगर कोई आपकी किसी भी तरह से सहायता करता है तो उससे मुंह मत मोड़िए।
10. आपके संघर्ष में शामिल होने वालों से उसकी जाति मत पूछिए।
11. स्वार्थ अलग अलग रुप धारण करता है, कभी जाति का तो कभी धर्म का।
12. शिक्षा के बिना समझदारी खो गई, समझदारी के बिना नैतिकता खो गई , नैतिकता के बिना विकास खो गया, धन के बिना शूद्र बर्बाद हो गया, शिक्षा महत्वपूर्ण है।
13. सभी प्राणियों में मनुष्य श्रेष्ठ है और सभी मनुष्यों में नारी श्रेष्ठ है। स्त्री और पुरुष जन्म से ही स्वतंत्र है, इसलिए दोनों को सभी अधिकार सामान रूप से भोगने का अवसर मिलना चाहिए।
14. जिंदगी की गाड़ी अकेले दो पहियों पर नही चलती, इसे गति सिर्फ तभी मिलती है जब मजबूत कड़ियां जुडती है।
15.धर्म वह है जो समाज के हित में, समाज के कल्याण के लिए है, जो धर्म समाज के हित में नही है, वह धर्म नही है।
महात्मा ज्योतिबा फुले कौन थे
महात्मा ज्योतिबा फुले हमारे देश के एक महान समाज सुधारक, लेखक, दार्शनिक और क्रांतिकारी कार्यकर्ता थे। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे जातिगत भेदभाव, छुआछूत, बाल विवाह आदि का घोर विरोध किया और साथ ही नारी शिक्षा और विधवा विवाह का समर्थन किया था। अपने जीवन में कई संघर्षों के बाद महात्मा ज्योतिबा फुले का स्वस्थ लगतर बिगड़ने लगा। कई लंबी बीमारियों से जूझने के बाद 28 नवंबर 1890 को पुणे में उनका निधन हो गया। उनके निधन से देश में शोक की लहर दौड़ गई। ऐसे महान नायक को हम शत-शत नमन करते हैं।
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