Sardar Vallabh Bhai Patel Jayanti 2022: जानिए सरदार वल्लभभाई पटेल के एजुकेशन करियर के बारे में

सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती 2022: सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को नडियाद, गुजरात में हुआ था। उन्हें "भारत के लौह पुरुष" या "राष्ट्र के एकीकरणकर्ता" के रूप में भी जाना जाता है। सरदार पटेल एक भारतीय बैरिस्टर और राजनेता थे, जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेताओं में से एक थे। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता के बाद भारत के पहले उप प्रधान मंत्री, गृह मंत्री, सूचना मंत्री और राज्यों के मंत्री के रूप में कार्य किया था। बता दें कि, भारत में हर साल सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको सरदार वल्लभभाई पटेल के एजुकेशन करियर के बारे में बताते हैं।

 
जानिए सरदार वल्लभभाई पटेल के एजुकेशन करियर के बारे में

जानिए सरदार वल्लभ भाई पटेल के बारे में

  • पूरा नाम: वल्लभभाई झावेरभाई पटेल
  • जन्म तिथि और जन्म स्थान: 31 अक्टूबर 1875, नडियाद, गुजरात, भारत
  • मृत्यु: 15 दिसंबर 1950, बॉम्बे, महाराष्ट्र, भारत (उम्र 75)
  • पिता का नाम: झावेरभाई पटेल
  • माता का नाम: लडबा देवी
  • उपनाम: सरदार पटेल, लौह पुरुष, अखिल भारतीय सेवाओं के अग्रणी
  • शिक्षा: अधिवक्ता (इंग्लैंड)
  • पद: भारत के प्रथम उप प्रधान मंत्री (15 अगस्त 1947 - 15 दिसंबर 1950)
  • गृह मंत्री (15 अगस्त 1947 - 15 दिसंबर 1950)
  • बच्चों का नाम: मणिबेन पटेल, दयाभाई पटेल

सरदार वल्लभ भाई पटेल का एजुकेशन करियर
सरदार वल्लभ भाई पटेल ने करमसाद के एक प्राथमिक स्कूल और पेटलाड के एक हाई स्कूल से पढ़ाई की थी। उन्हें अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने में काफी समय लगा। सरदार पटेल ने 22 साल की उम्र में 10वीं की परीक्षा पास की थी।

हालांकि, अगस्त 1910 में सरदार पटेल अपनी आगे की पढ़ाई के लिए लंदन गए, जहां उन्होंने वकालत का 36 महीने का कोर्स केवल 30 महीनों में पूरा किया। फिर वे 1913 में भारत लौट आए और अहमदाबाद में बस गए। जिसके बाद वे अहमदाबाद बार में आपराधिक कानून में बैरिस्टर बन गए।

 

1917 से 1924 तक, पटेल ने अहमदाबाद के पहले भारतीय नगरपालिका आयुक्त के रूप में कार्य किया और वे 1924 से 1928 तक नगर पालिका के अध्यक्ष रहे।

सरदार पटेल ने 1918 में अपनी पहली छाप छोड़ी जब उन्होंने खराब फसल के मौसम के बाद भी कर वसूलने के बॉम्बे सरकार के फैसले के खिलाफ कैराना (गुजरात) के किसानों और जमींदारों की मदद से एक आंदोलन शुरू किया।

जिसके बाद वर्ष 1928 में, पटेल ने बढ़े हुए करों के खिलाफ बारडोली के जमींदारों के आंदोलन का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। बारडोली में उनके सफल नेतृत्व के बाद, उन्हें "सरदार" की उपाधि से सम्मानित किया गया, जिसका अर्थ है "नेता"।

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English summary
Sardar Vallabhbhai Patel was born on 31 October 1875 in Nadiad, Gujarat. He is also known as "Iron Man of India" or "Unifier of the Nation". He did his schooling from a primary school in Karamsad and a high school in Petlad. It took a long time for Sardar Patel to complete his schooling. He passed the 10th examination at the age of 22.
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