Dr Rajendra Prasad Jayanti 2024: डॉ राजेंद्र प्रसाद जयंती पर पढ़िए उनके अनमोल विचार

Dr Rajendra Prasad Quotes in Hindi: भारत के पहले राष्ट्रपति थे डॉ राजेंद्र प्रसाद। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के कुछ प्रमुख नेताओं में से एक भी थे। उन्होंने हमेशा देश को सर्वोपरि रखा और स्वतंत्रता के लिए कई आंदोलनों की अध्यक्षता की। उन्होंने अपना जीवन सत्य, निष्ठा और देश सेवा पर समर्पित किया।

नेतृत्व और देशभक्ति के लिए आज भी डॉ राजेंद्र प्रसाद की मिसालें दी जाती है। इसलिए उनका नाम भारतीय इतिहास के महानतम नेताओं में से एक के रूप में लिया जाता है। आज उनकी 140वीं जन्म जयंती पर उन्हें याद करते हुए हम उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानेंगे।

Dr Rajendra Prasad Jayanti 2024: डॉ राजेंद्र प्रसाद जयंती पर पढ़िए उनके अनमोल विचार

कानून की पढ़ाई और फिर वकालत

भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर 1884 को बिहार के जीरादेई गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम महादेव सहाय और माता का नाम कमलेश्वरी देवी था। प्रारंभिक शिक्षा के बाद, उन्होंने कोलकाता विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने कानून की पढ़ाई की और वकालत शुरू की।

स्वतंत्रता संग्राम में कैसे बनें महान नेता

राजेंद्र प्रसाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता बनें। उन्होंने वकालत छोड़ कर देश की स्वतंत्रता के लिए लड़ने का निर्णय लिया। 1917 में महात्मा गांधी के साथ चंपारण आंदोलन में उनकी भागीदारी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। इस आंदोलन ने नील किसानों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी, जिससे ब्रिटिश हुकूमत को झुकना पड़ा। इसके बाद उन्होंने असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में भी सक्रिय रूप से भाग लिया।

इस बीच वे वर्ष 1920 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। स्वतंत्रता संग्राम में राजेंद्र प्रसाद का योगदान न केवल गांधीजी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का था, बल्कि उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कई महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया। 1934 और 1939 में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष भी बने।

कैसे बनें संविधान सभा के अध्यक्ष

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद, डॉ राजेंद्र प्रसाद को भारतीय संविधान सभा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी अध्यक्षता में भारतीय संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत हुआ और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया।

भारत के पहले राष्ट्रपति

भारत के गणराज्य बनने के बाद, डॉ राजेंद्र प्रसाद को 1950 में देश का पहला राष्ट्रपति चुना गया। वे दो बार इस पद पर रहे और 1962 तक राष्ट्रपति पद की गरिमा को बनाए रखा। उनके राष्ट्रपति पद के कार्यकाल में उनकी सादगी और निष्पक्षता ने उन्हें सभी भारतीयों का प्रिय बनाया।

सर्वोच्च नागरिक सम्मान

देश के पहले राष्ट्रपति को मिले सम्मान और पुरस्कारों की बात करें तो, 1962 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया। इसके बाद, उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया और पटना स्थित सदाकत आश्रम में अपने जीवन के अंतिम दिन बिताए। उनका निधन 28 फरवरी 1963 को हुआ।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद के अनमोल विचार

"अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, हमारे तरीके अंतिम परिणाम की तरह ही शुद्ध होने चाहिए!"

"हमें उन सभी को याद रखना चाहिए जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन दिया है"

"हमें अपनी उम्र के हिसाब से खेलना सीखना चाहिए"

"किसी राष्ट्र या लोगों के लिए आगे बढ़ने पर कोई आराम करने की जगह नहीं है"

"कोई भी मुझे किनारे नहीं कर सकता"

"हमारे आदर्शों को प्राप्त करने में, हमारे साधन लक्ष्य की तरह ही शुद्ध होने चाहिए"

"देश की सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है।"

"भारत के विकास के लिए शिक्षा और अनुशासन का महत्व अनिवार्य है।"

"मैं सिर्फ एक साधारण आदमी हूँ, जिसे अपने देश के लिए कुछ करने का अवसर मिला।"

"सच्चा नेता वह होता है जो जनता की भलाई के लिए काम करता है, न कि व्यक्तिगत लाभ के लिए।"

"स्वतंत्रता का मूल्य तभी होता है जब हम उसका सही उपयोग करते हैं।"

"संविधान न केवल कागज पर लिखे शब्द हैं, बल्कि यह हमारी स्वतंत्रता, अधिकार और कर्तव्यों का प्रतीक है।"

"जब तक हम देश के प्रति सच्चे नहीं होते, तब तक सच्ची स्वतंत्रता संभव नहीं है।"

"प्रगति का आधार शिक्षा है, और शिक्षा से ही हमारा समाज विकसित हो सकता है।"

"मंज़िल को पाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए याद रहे कि मंज़िल की ओर बढ़ता रास्ता भी उतना ही नेक हो"

"खुद पर उम्र को कभी हावी नहीं होने देना चाहिए"

"पेड़ों के आस-पास चलने वाला अभिनेता कभी आगे नहीं बढ़ सकता"

"किसी की गलत मंशाएं आपको किनारे नहीं लगा सकतीं"

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English summary
Dr Rajendra Prasad was the first President of India. He was one of the few prominent leaders of the Indian freedom struggle. He always kept the country paramount and also presided over many movements for independence. Today we are celebrating his 140th birth anniversary. Read Dr Rajendra Prasad's priceless thoughts here. Dr Rajendra Prasad Jayanti 2024: Share These Dr Rajendra Prasad motivational quotes in Hindi
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