Dhanteras 2021 Date Time: धनतेरस शुभ मुहूर्त 2021, धनतेरस महत्व, पूजा विधि और कथा

By Careerindia Hindi Desk

When Is Dhanteras 2021 Date And Time/Dhanteras Muhurat 2021 Kab Hai: धनतेरस कब है ? कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाए जाने वाले पर्व को धनतेरस या धनत्रयोदशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस त्योहार को बहुत ज्यादा विशेष माना जाता है। पांच दिनों तक मनाए जाने वाले दीपावली पर्व का धनतेरस पहला त्योहार होता है। इस दिन सोना, चांदी और पीतल की वस्तुएं खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरी की पूजा की जाती है। जिस समय समुद्र मंथन हो रहा था। उस समय भगवान धनवंतरी 14वें रत्न के रूप में समुद्र मंथन से बाहर आए थे। इस दिन भगवान धनवंतरी के साथ- साथ भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा भी की जाती है। धनतेरस से ही दीवाली का पर्व भी शुरू हो जाता है तो आइए जानते हैं धनतेरस 2021 की तिथि, धनतेरस का शुभ मुहूर्त, धनतेरस की पूजा विधि और धनतेरस की कथा।

 
Dhanteras 2021 Date Time: धनतेरस शुभ मुहूर्त 2021, धनतेरस महत्व, पूजा विधि और कथा

धनतेरस 2021 तिथि और शुभ मुहूर्त
धनतेरस तिथि: 2 नवंबर 2021
धनतेरस पूजन: शाम 5 बजरक 25 मिनट से 6 बजे तक
प्रदोष काल में धनवंतरी पूजन : शाम 5 बजकर 38 मिनट से 8 बजकर 14 मिनट तक
त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ - रात 11 बजकर 31 मिनट बजे से (2 नवम्बर 2020)
त्रयोदशी तिथि समाप्त - अगले दिन सुबह 9 बजक 1 मिनट तक

धनतेरस का महत्व
हिंदू धर्म में धनतेरस से ही दीपावली का पर्व शुरू हो जाता है। इसी कारण से धनतरेस को बहुत अधिक महत्व दिया जाता है। पांच दिनों तक मनाए जाने वाले दीपावली पर्व में धनतेरस से ही भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा आरंभ कर दी जाती है। पुराणों के अनुसार जिस समय देवता और असुर समुद्र मंथन कर रहे थे। उस समय समुद्र मंथन में से 14 रत्न निकले थे। इन्हीं में से एक भगवान धनवतंरी धनत्रयोदशी के दिन अपने हाथ में पीतल का अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण से इस दिन पीतल की वस्तुएं खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है।

 

वहीं मान्यताओं के अनुसार इस दिन घर में नई वस्तुएं लाने से घर में धन की देवी माता लक्ष्मी और धन के देवता कहे जाने वाले भगवान कुबेर का वास होता है। इस दिन सोना, चांदी और पीतल की वस्तुओं को खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। धनतेरस के दिन ही राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस भी मनाया जाता है। वहीं इस दिन नई झाडू खरीदने का भी विधान है। इसके पीछे मान्यता है कि झाडू में माता लक्ष्मी का वास होता है। जिसे घर में लाने से घर की सभी नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है।धनतेरस को केवल हिंदू धर्म में ही नही बल्कि जैन धर्म में महत्व दिया जाता है। माना जाता है कि धनतेरस के दिन महावीर से ध्यान मुद्रा में चले गए थे और दीवाली के दिन उन्होंने मोक्ष को प्राप्त किया था।

धनतेरस की पूजा विधि
1.धनतेरस के दिन भगवान गणेश,माता लक्ष्मी, भगवान धनवंतरी और कुबेर जी की पूजा की जाती है।
2. इस दिन शाम के समय प्रदोष काल में पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है।
3.आपको पूजा से पूर्व स्नान अवश्य करना चाहिए और साफ वस्त्र धारण करने चाहिए।
4. इसके बाद एक साफ चौकी लेकर उस पर गंगाजल छिड़क कर पीला या लाल कपड़ा बिछाएं और अन्न की ढेरी लगाएं।
5.कपड़ा बिछाने के बाद भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, मिट्टी का हाथी भगवान धनवंतरी और भगवान कुबेर जी की प्रतिमा स्थापित करें।
6. सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें उन्हें सबसे पहले पुष्प और दूर्वा अर्पित करें और उनका विधिवत पूजन करें। इसके बाद हाथ में अक्षत लेकर भगवान धनवंतरी का ध्यान करें।
7.इसके बाद भगवान धनवंतरी को पंचामृत से स्नान कराकर उनका रोली व चंदन से तिलक करें और उन्हें पीले रंग के पुष्प अर्पित करें।
8.पुष्प अर्पित करने के बाद उन्हें फल और नैवेद्य आदि अर्पित करें और उन पर इत्र छिड़कें।
9.इसके बाद भगवान धनवंतरी के मंत्रों का जाप करें और उनके आगे तेल का दीपक जलाएं।
10.तेल का दीपक जलाने धनतेरस की कथा पढ़ें और उनकी धूप व दीप से आरती उतारें।
11. इसके बाद भगवान धनवंतरी को पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं और अंत में माता लक्ष्मी और कुबेर जी का भी पूजन करें।
12.जब आप अपनी पूजा समाप्त कर लें तो अपने घर के मुख्य द्वार के दोनों और तेल के दीपक अवश्य जलाएं।

धनतेरस की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार एक बार भगवान विष्णु ने पृथ्वीं लोक पर भ्रमण करने के लिए सोचा उन्होंने यह बात माता लक्ष्मी से कही तो उन्होंने भी भगवान विष्णु के साथ चलने के लिए कहा। लेकिन विष्णु जी ने लक्ष्मी जी से कहा कि आप मेरे साथ तब ही चल सकती हैं। जब आप मेरी बात मानेंगी। लक्ष्मी जी ने विष्णु जी को इसके लिए हां कर दिया। इसे बाद दोनों पृथ्वीं लोक पर चले गए। पृथ्वीं लोक पर जाने के बाद विष्णु जी ने लक्ष्मी जी से कहा की आप यही रहो और मेरी प्रतीक्षा करो लेकिन जिस दिशा में मैं जा रहा हूं। उस और बिल्कुल मत देखना। यह कहकर भगवान विष्णु वहां से चल दिए। लेकिन लक्ष्मी जी नहीं मानी और विष्णु जी के पीछे चल दी। थोड़ी दूर जाने पर उन्होंने एक सरसो का खेत देखा जहां जाकर उन्होंने फूल तोड़े और अपना श्रृंगार किया। लेकिन विष्णु जी ने उन्हें देख लिया और उन्हें श्राप दिया कि तुमने चोरी की है। इसलिए तुम्हें 12 साल तक इस किसान की सेवा करनी पड़ेगी। जिसके बाद माता लक्ष्मी उस किसान के घर चली गई। वह किसान बहुत गरीब था। जब वहां लक्ष्मी जी पहुंची तो उन्होंने किसान से उनके घर रहने के लिए कहा। किसान ने एक बूढ़ी औरत को देखकर हां कर दिया।जिसके बाद उस किसान का घर धीरे- धीरे अन्न और धन से भर गया। इस तरह 12 साल बीत गए और जब भगवान विष्णु माता लक्ष्मी को लेने के लिए आए तो उस किसान ने माता लक्ष्मी को भेजने से मना कर दिया।

Dhanteras Ke Upay 2021 : धनतेरस के अचूक उपाय
धनतेरस का त्योहार 2 नवबंर 2021 (Dhanteras Festival 2 November 2021) को मनाया जाएगा। यह दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। धनतेरस (Dhanteras) के दिन यदि आप कुछ उपाय अपनाते हैं तो आपके जीवन में धन की कोई भी कमीं नहीं रहेगी तो चलिए जानते हैं धनतेरस के उपाय।

Dhanteras 2021 : धनतेरस के दिन से ही दिवाली का त्योहार (Diwali Festival) शुरू हो जाता है। इस दिन से ही मां लक्ष्मी की पूजा (Goddess Laxmi Puja) भी आरंभ हो जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि धनतेरस के दिन किए गए उपाय शीघ्र ही फल देते हैं और इन उपायों को अपनाकर आप धन की समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति पा सकते हैं तो चलिए जानते हैं धनतेरस के अचूक उपाय।

धनतेरस के उपाय (Dhanteras Ke Upay)
1.धनतेरस पर के दिन मां लक्ष्मी की पूजा में उनके चरणों में कौड़िया अवश्य रखें।ऐसा करने से आपके घर में कभी भी धन की कोई कमीं नही होगी।

2.इस दिन आपको अपनी तिजोरी पर लक्ष्मी जी का कोई ऐसा चित्र लगाना चाहिए। जिसमें मां लक्ष्मी बैठी हुईं हो और दो हाथ सूंड उठाए नजर आ रहे हों।ऐसा करने पर हमेशा तिजोरी में मां लक्ष्मी का वास होता है।

3.धनतेरस के दिन भगवान कुबेर की पूजा की जाती है और उनकी दिशा उत्तर दिशा मानी जाती है। इसलिए आज के दिन नकदी उत्तर दिशा में ही रखें। ऐसा करने से आपको धनलाभ होगा।

4.इस दिन आपको मां लक्ष्मी के यंत्र को स्थापित करना चाहिए और दिवाली तक इसका पूजन करना चाहिए। इसके बाद भी इसका पूजन हमेशा करते रहें। ऐसा करने से आपको मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होगी।

5.यदि आपको स्वास्थय संबंधी कोई परेशानी है तो आप धनतेरस के दिन अन्न का दान अवश्य करें।ऐसा करने से आपकी स्वास्थय संबंधी समस्या जल्द ही समाप्त हो जाएगी।

6.अगर आप समस्याओं से घिरे हुए हैं तो आप धनतेरस पर पीले वस्त्रों का दान अवश्य करें। क्योंकि धनतेरस पर वस्त्रों का दान महादान माना जाता है।

7.धनतेरस के दिन शाम के समय एक तेल का दीपक जलाएं और उसमें 13 कौड़ियां रखकर मां लक्ष्मी और कुबेर भगवान की पूजा अवश्य करें और दीपक बुझने के बाद उन कौड़ियों को घर के सभी कोनों में गाढ़ दें। ऐसा करने से आपको कभी भी धन की कोई कमीं नही होगी।

8.यदि आपको अकाल मृत्यु का भय रहता है तो आप आज के दिन दक्षिण दिशा में यम का दीपक अवश्य जलाएं।

9.अगर आपको किसी भी प्रकार का भय रहता है या फिर आप अपने शत्रुओं से परेशान हैं तो आप धनतेरस के दिन हनुमान जी के आगे चमेली के तेल का दीपक अवश्य जलाएं।

10.धनतेरस के दिन अपने घर पर कुबेर यंत्र अवश्य लांए और लाल कपड़े में इसे रखकर इसकी पूजा करें और इसे अपनी दुकान,फैक्ट्री या फिर तिजोरी में अवश्य रखें। ऐसा करने से आप धन की बचत कर पाएंगे।

धनतेरस किन जगहों पर जलाएं दीपक (Dhanteras Per Kin Jagaho Per Jalaye Deepak)

Dhanteras 2021 : दिवाली का त्योहार (Diwali Festival) धनतेरस से ही प्रारंभ हो जाता है और इस दिन से ही घर में दीपक जलाना भी शुरू हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि धनतेरस (Dhanteras) पर आपको किन चार जगहों पर दीपक अवश्य जलाने चाहिए। जिससे आपको मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सके। अगर नहीं तो हम आपको आज इसके बारे में बताएंगे तो चलिए जानते हैं धनतेरस पर किन चार जगहों पर जलाएं दीपक।

1. शमशान के पास दीपक जलाना

धनतेरस के दिन यदि संभव हो तो एक दीपक शमशान के पास अवश्य जलाकर आना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि शमशान के पास धनतेरस के दिन दीपक जलाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

2. घर का मुख्य द्वार पर दीपक जलाना

अगर आप धनतेरस के दिन अपने घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर दीपक जलाते हैं तो ऐसा करना बहुत ही शुभ माना जाता है। क्योंकि दिवाली की शुरुआत धनतेरस से ही मानी जाती है। ऐसा करने से धन की प्राप्ति होती है और साथ ही अकाल मृत्यु का भय भी समाप्त होता है।

3.पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना

यदि आप धनतेरस के दिन पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाते हैं तो आप पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहेगी और आपको मां लक्ष्मी का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा। माना जाता है कि पीपल में सभी देवी देवताओं का वास होता है और आपके ऐसा करने मात्र से ही आपको मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त हो जाएगी।

4.घर के बाथरूम में दीपक जलाना

धनतेरस के दिन आपको अपने घर के बाथरू में भी एक दीपक अवश्य ही जलाना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि माता लक्ष्मी कहीं से भी आपके घर में प्रवेश कर सकती हैं। इसी कारण से आपको अपने घर के बाथरूम में भी एक दीपक अवश्य जलाना चाहिए।

धनतेरस पर क्या करें (What To Do On Dhanteras 2021)
Dhanteras 2021 : धनतेरस 2021 में 2 नवंबर 2021 को मनाई जाएगी। धनतेरस पर विधि अनुसार कार्य करने से घर में धन की कमी कभी नहीं रहती। समुद्र मंथन से भगवान धनवंतरी अमृत कलस लेकर प्रकट हुए, इसलिए धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरी की जयंती मनाई जाती है। धनतेर पर क्या करना चाहिए, आइये जानते हैं।

1. धनतेरस के दिन घर की अच्छी तरह से सफाई करें। इस दिन घर में किसी भी प्रकार का कूड़ा करकट न रहनें दे। इसके अलावा इस दिन अपने घर से सारा कबाड़ भी निकालकर बाहर फेंक दें। कबाड़ को घर की छत पर भी न रखें। क्योंकि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा के अंदर ही रह जाती है।

2. धनतेरस के दिन ध्यान रखें कि आपके घर में कहीं पर भी मकड़ी के जाले न हो। वास्तु के अनुसार यदि आपके घर में मकड़ी के जाले होंगे तो धन आगमन में रूकावटें आती हैं। इसलिए घर के किसी भी स्थान पर यदि मकड़ी के जाले हों तो उसे हटा दें।

3. धनतेरस के दिन आपको अपने बाथरूम का दरवाजा बंद ही रखना है। क्योंकि बाथरूम का दरवाजा खुला होने के कारण घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। जिससे धन हानि होती है। जितना भी हो सके धनतेरस के दिन बाथरूम के दरवाजे बंद रखें।

4. धनतेरस के दिन घर का उत्तरी भाग को अच्छी तरह से साफ करना चाहिए। क्योंकि इस दिन इस भाग का विशेष महत्व होता है। घर के इस भाग को भगवान कुबेर की दिशा माना जाता है। इसलिए धनतेरस के दिन उतर दिशा में मोटे परदें न लगाएं। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपके घर में पैसा निरंतर आता रहेगा।

5. धनतेरस के दिन इस बात का भी विशेष ध्यान रखें कि कहीं से भी पानी न बह रहा हो यानी कोई भी नल आदि न टपक रहा हो। क्योंकि पानी के व्यर्थ बहने से खर्च में अधिकता आती है और पैसा भी बिना किसी वजह से पानी की तरह ही बहता है। इसलिए धनतेरस से पहले ही अपने घर के सभी नलों को ठीक करा लें।

6. धनतेसर के दिन कोई भी धारदार चीजें जैसे चाकू, कैंची आदि नहीं खरीदने चाहिए। क्योंकि यह सभी चीजें नकारात्मका की और इशारा करती हैं। इसलिए किसी भी रूप में कोई भी धारदार वस्तु न खरीदें।

7. धनतेरस के दिन नई झाडू अवश्य खरीदें। इस दिन झाडू खरीदना अति शुभ माना जाता है। क्योंकि झाडू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है और धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी से जुड़ी चीजें खरीदी जाती है। इसलिए इस दिन झाडू अवश्य खरीदें।

8. धनतेरस के दिन शाम के समय दीप प्रज्वलित करने से पहले अपने घर और कार्यस्थल को अच्छी तरह से साफ करके और सजाएं और इसके बाद ही अपने घर या कार्यस्थल में दीप जलाएं।

9. धनतेरस के दिन पीतल, स्टील, सोने और चांदी की चीजें खरीदना अति शुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन इनमें से कोई न कोई चीज अवश्य खरीदें। यदि आप कुछ नहीं खरीद सकते तो इस दिन चांदी का एक सिक्का तो अवश्य ही खरीदें।

10. धनतेरस के दिन पूजा के बाद गाय को भोजन अवश्य कराएं। क्योंकि गाय में सभी देवी देवताओं का वास होता है। इसके अलावा धनतेरस के दिन गाय को भोजन कराने से घर में लक्ष्मी का स्थिर वास होता है। इसलिए गाय को धनतेरस के दिन भोजन अवश्य कराएं।

धनतेरस पर क्या न करें (Do Not This Things On Dhanteras)
Dhanteras 2021 : धनतेरस का पर्व दिवाली (Diwali) का शुरुआत माना जाता है। इस दिन भगवान धनवंतरी की पूजा की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन आपको कौन से कार्य नहीं करने चाहिए और यदि आप इन कार्यों को करते हैं तो मां लक्ष्मी (Goddess Laxmi) सदा के लिए आपसे नाराज हो सकती हैं अगर नहीं तो हम आपको बताएंगे कि आपको धनतेरस के दिन क्या नहीं करना चाहिए।

1. धनतेरस के दिन झाडू को पैर न मारें और न ही झाडू को खड़ा करके रखें। क्योंकि झाडू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इस दिन झाडू का किसी भी रूप में अपमान करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं।

2. धनतेरस के दिन कोई भी धारदार चीजें जैसे चाकू, कैंची आदि नहीं खरीदने चाहिए। क्योंकि यह सभी चीजें नकारात्मका की और इशारा करती हैं। इसलिए किसी भी रूप में कोई भी धारदार वस्तु न खरीदें।

3. धनतेरस के दिन तेल बिल्कुल भी न खरीदें और न ही कोई ऐसी वस्तु खरीदें। जिसमें तेल का इस्तेमाल होता हो। अगर आपको तेल खरीदना ही है तो धनतेरस से एक या दो दिन पहले ही तेल खरीद लें।

4. धनतेरस के दिन कोई भी काले रंग की वस्तु न खरीदें। क्योंकि इस दिन काले रंग की कोई भी वस्तु खरीदना अशुभ माना जाता है।

5. धनतेरस के दिन किसी को भी धन उधार न दें। अगर आप इस दिन किसी को धन उधार देते हैं तो आपके पास धन नहीं रुकेगा और आपको लगातार धन हानि होती रहेगी। इसलिए धनतेरस के दिन धन उधार देने से बचें।

6. धनतेरस के दिन कांच से बनी वस्तुओं को खरीदने से बचना चाहिए। क्योंकि कांच का संबंध राहू ग्रह से माना जाता है। इसलिए ध्यान रखें कि किसी भी रूप में आप कांच से बनी हुई वस्तुएं इस दिन न खरीदें।

7. धनतेरस के दिन सिर्फ कुबेर की ही पूजा न करें। इस दिन भगवान धनवंतरी की भी पूजा की जाती है। इसलिए भगवान कुबेर की पूजा के साथ भगवान धनवंतरी की भी पूजा अवश्य करें।

8. धनतेरस के दिन किसी से भी झगड़ा न करें और न हीं अपने घर में झगड़ा होने दें। क्योंकि जिस घर में भी कलह होता है। उस घर में मां लक्ष्मी की कृपा नही होती।

9. धनतेरस के दिन अपने घर में तामसिक चीजों का उपयोग न करें। क्योंकि अगर आप ऐसा करते हैं तो णां लक्ष्मी आपसे रुष्ट हो जाएंगी और आपको उनकी कृपा प्राप्त नही होगी।

10. धनतेरस के दिन अपने घर के बड़ों का अपमान बिल्कुल भी न करें। क्योंकि यदि आप ऐसा करते हैं तो निश्चित ही मां लक्ष्मी आपसे क्रोधित हो जाएंगी। क्योंकि जिस घर में बड़ों का आपमान किया जाता है। वहां पर मां लक्ष्मी का स्थायित्व कभी भी नही होता है।

धनतेरस पर धातु क्यों खरीदी जाती है?
धनतेरस पर सोने, आभूषणों और बर्तनों को खरीदने से इसकी जड़ लोककथाओं में मिलती है जिसके अनुसार एक समय में हेमा नाम का एक राजा था। उनके बेटे को उनकी शादी के चौथे दिन मरने की भविष्यवाणी की गई थी। हेमा की बहू ने मृत्यु के देवता यमराज को अपने घर में प्रवेश करने से रोकने के लिए, कई दीये, सोने के आभूषणों के ढेर और दरवाजे पर चांदी के सिक्कों को रखकर अपने पति की जान बचाई।
इस प्राचीन लोककथा के अनुसार, चमकती हुई ज्वैलरी और चमकदार दीयों से निकली तेज रोशनी ने यमराज को अंधा कर दिया, जो सांप के रूप में प्रकट हुए और इस तरह से हेमा के पुत्र का जीवन नहीं चल सका। यही कारण है कि यह माना जाता है कि सोने और चांदी के गहने या यहां तक कि नए बर्तन खरीदने से आप और आपके परिवार को किसी भी बीमार के खिलाफ बचाने में मदद मिल सकती है। धनतेरस पर धातु खरीदना भी भाग्य, धन और साथ ही घर में समृद्धि लाने के लिए जाना जाता है।

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English summary
When Is Dhanteras 2021 Date And Time / Dhanteras Muhurat 2021 Kab Hai: When is Dhanteras? The festival celebrated on the Trayodashi date of Krishna Paksha of Kartik month is known as Dhanteras or Dhantrayodashi. This festival is considered very special in Hinduism. Dhanteras is the first festival of Deepavali festival celebrated for five days. Buying gold, silver and brass items on this day is considered very auspicious. Lord Dhanvantari is worshiped on the day of Dhanteras. At the time the sea was churning. At that time Lord Dhanvantari came out of Samudra Manthan as the 14th gem. Lord Ganesha, Mother Lakshmi and Kubera Ji are also worshiped on this day along with Lord Dhanwantari. The festival of Diwali starts with Dhanteras itself, so let us know the date of Dhanteras 2021, the auspicious time of Dhanteras, the method of worship of Dhanteras and the story of Dhanteras.
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