Hospitality Sector Jobs in India Increased by 50 percent: वर्ष 2020 में फैले कोरोना महामारी के बाद से दुनिया भर में पर्यटन उद्योग ने जैसे एक लंबा पॉस ले लिया था। दो वर्ष के इस ठहराव के बाद साल 2023 से पर्यटन उद्योग एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में फिर से वृद्धि देखी जा रही है। पर्यटन उद्योग एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग में फिर से रोजगार के द्वार खुल रहे हैं।

आंकड़ों की मानें तो भारत में अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन की तिथियां जारी होते ही यह संख्या और अधिक बढ़ने लगी है। एक अग्रणी वैश्विक नियुक्ति और मिलान मंच, इनडीड ने हाल ही में डेटा जारी किया है। इसके अनुसार, ये आंकड़ें दिसंबर 2022 और 2023 के बीच पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में नौकरियों के लिए भर्ती में हुई 50% की वृद्धि के संकेत है। इनडीड के त्रैमासिक ब्लू-कॉलर हायरिंग ट्रैकर से यह भी पता चला है कि ब्लू -पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी उद्योग में कॉलर हायरिंग में कुल मिलाकर 8% की वृद्धि देखी गई।
2030 तक अयोध्या की यात्रा करेंगे 6.8 करोड़ पर्यटक
पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन के मद्देनजर प्रतिदिन तीन लाख से अधिक पर्यटकों की अनुमानित आवाजाही हो रही है और 2030 तक लगभग 6.8 करोड़ पर्यटकों के अयोध्या आने के साथ, भगवान राम की भूमि एक अद्वितीय मंदिर शहर के रूप में उभरने के लिए तैयार है। प्रसिद्ध समाचार पत्र द्वारा आयोजित 'अयोध्या' कॉन्क्लेव के दौरान पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने उक्त बातें कहीं।
पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग में आशाजनक भविष्य के संकेत
कोरोना महामारी के बाद यात्रा, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग में हो रही यह वृद्धि न केवल उल्लेखनीय सुधार का संकेत दे रही है, बल्कि उभरते वैश्विक रुझानों के सामने नौकरी उत्सर्जित करने की दिशा में बेहतर संकेत दे रहे हैं। इतना ही नहीं ये आंकड़ों भारत के जॉब मार्केट की अनुकूलन क्षमता और फ्लैक्सिबिलिटी को रेखांकित करते हुए उद्योग के लिए एक आशाजनक भविष्य को भी दर्शाती है।
पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग में भारतीय बाजार तीसरे स्थान पर
विश्व यात्रा और पर्यटन परिषद (डब्ल्यूटीटीसी) के आर्थिक प्रभाव अनुसंधान ने भविष्यवाणी की है कि भारत वैश्विक स्तर पर यात्रा और पर्यटन उद्योग में तीसरा सबसे प्रभावशाली बाजार बन जायेगा। इनडीड के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2022 की तुलना में अक्टूबर 2023 में पर्यटन उद्योग में नियुक्तियां 61% की वृद्धि के साथ चरम पर थीं।
इसे कई कारणों से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जैसे कि मौसम में बदलाव के कारण अक्टूबर पर्यटन के लिए एक लोकप्रिय समय है, जिससे हिल स्टेशन की यात्राएं बढ़ रही हैं। त्यौहारी सीज़न, धार्मकि स्थलों की यात्रा और पर्सनल सेलेब्रेशन जैसे जन्मदिन, सालगिरह, नौकरी मिलने की खुशी जैसे कारणों से भी लोग यात्रा करना पसंद करते हैं।
किन शहरों में हुई सबसे ज्यादा नियुक्तियां?
देश के मेट्रो सिटीज में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग में नौकरियां की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि हुई है। देश के वे शीर्ष शहर जो नियुक्ति में वृद्धि का नेतृत्व कर रहे हैं, उनमें मुख्य रूप से दिल्ली एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और कोच्चि शामिल हैं। दिल्ली एनसीआर में 23% नौकरियों की पोस्टिंग हुई, जो भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में इसकी स्थिति की पुष्टि करता है।

नौकरी पोस्टिंग में वृद्धि के मामले में, मुंबई और बेंगलुरु ने क्रमशः 5.19% और 6.78% का योगदान दिया। सपनों का शहर कहा जाने वाला, मुंबई एक व्यावसायिक राजधानी के रूप में भी पहचाना जाता है। इस शहर में तमाम प्रकार की नौकरी की तलाश में लोग देश के विभिन्न कोने से आते हैं। ये शहर महत्वपूर्ण नौकरी की संभावनाएं प्रदान करती है। बेंगलुरु अपने सुहावने मौसम और मंदिरों, पार्कों और संग्रहालयों जैसी सुविधाओं के लिए जाना जाता है।
कुल मिलाकर, ये शहर अपने विशिष्ट वाणिज्यिक, तकनीकी और सांस्कृतिक लाभों का लाभ उठाकर विभिन्न प्रकार के पर्यटन-संबंधित उद्योगों में अग्रणी हैं। पुणे 2.33% और कोच्चि 2.41% के साथ अन्य शहरों ने भी पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग में नौकरियां की संख्या में वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आमतौर पर केरेला की वाणिज्यिक, औद्योगिक और वित्तीय राजधानी के रूप में जाना जाने वाला कोच्चि एक बंदरगाह शहर है जो न केवल प्राकृतिक सुंदरता प्रदान करता है बल्कि एक अनूठी संस्कृति भी प्रदान करता है जो इसे केरेला के पर्यटन के मुकुट रत्न का नाम देता है।
नौकरियों की बढ़ती संख्या आर्थिक विकास को दर्शाती है
इस पर टिप्पणी करते हुए, सेल्स प्रमुख, शशि कुमार ने कहा, "राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के महत्व को समझते हुए, हमें अनुकूल रोजगार दृष्टिकोण को पहचानना चाहिये और बढ़ती भर्ती संभावनाओं के कारण अन्वेषण, अंतर-सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आर्थिक उन्नति की जीवंत भावना का सम्मान करना चाहिये। शहरों में यह वृद्धि उनकी अनुकूलन क्षमता और पर्यटन क्षेत्र द्वारा कार्यबल के लिए लाए गए आर्थिक विकास को दर्शाती है।
हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन उद्योग ने 2023 में यात्रियों की प्राथमिकताओं में बदलाव देखा है, जिसमें स्थिरता और स्वच्छता जैसे कारक सबसे आगे आ रहे हैं। यात्री अब अपने यात्रा कार्यक्रम के बारे में अधिक विशिष्ट हैं और प्रकृति की गोद में समाहित होकर, स्थानीय अनुभवों का आनंद लेकर अपनी यात्रा को यादगार बनाने का लक्ष्य रखते हैं।
आज के समय में कई मायनों में यात्रा ऑटोमेशन के कारण और अधिक सुलभ हो गई है। ऑटोमेशन ने कुछ क्षेत्रों में भी प्रवेश किया है, जहां कई लोग आभासी वास्तविकता पर्यटन में शामिल हो रहे हैं और चैटबॉट के माध्यम से टिकट बुक कर रहे हैं। पर्यटन क्षेत्र इन नये पैटर्न के अनुरूप आकार ले रहा है और उसी के अनुसार रोजगार सृजन भी हो रहा है।
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