Anant Chaturdashi 2020 Date Time/Anant Chaturdashi Muhurat: अनंत चतुर्दशी कब है ? अनंत चतुर्दशी 1 सितंबर 2020 को मनाई जाएगी। अनंत चतुर्दशी को गणेश विसर्जन के पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी पर गणेश स्थापना के बाद अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन किया जाता है, इसलिए इसे अनंत चतुर्दशी कहा जाता है। इस दिन अनंत चतुर्दशी व्रत रखने और अनंत सूत्र बांधने के विधान है। लेकिन आपको इस रखने और अनंत सूत्र बांधने के साथ ही कुछ बातों की सावधानियां अवश्य ही बरतनी चाहिए। जिससे आपको भगवान विष्णु का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त हो सके। तो आइये जानते हैं अनंत चतुर्दशी का मुहूर्त और अनंत चतुर्दशी व्रत की सावधानियां...

अनंत चतुर्दशी का मुहूर्त तिथि समय
01 सितंबर 2020 में सुबह 05:59 से 09:41 मिनट तक अनंत चतुर्दशी की पूजा और गणेश विसर्जन किया जा सकता है।
अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन क्यों किया जाता है ?
गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की स्थापना की जाती है और अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश का विसर्जन कर दिया जाता है। आखिर ऐसा क्यों किया जाता है। इसके पीछे महाभारत में एक कथा प्रचलित है जिसके अनुसार जब वेद व्यास जी ने लगातार दस दिनों तक भगवान गणेश को महाभारत की कथा सुनाई थी। जिसके बाद भगवान गणेश का ताप बहुत अधिक बढ़ गया। भगवान गणेश का ताप बढ़ने के कारण उपाय के रूप में वेद व्यास जी ने उन्हें एक सरोवर में रख दिया।जिस दिन वेद व्यास जी ने भगवान गणेश को सरोवर में रखा था। वह दिन भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि का दिन था। इसी कारण से हर भगवान गणेश की चतुर्थी तिथि पर स्थापना की जाती है और और उन्हें गणेश विसर्जन के दिन विदा कर दिया जाता है।
अनंत चतुर्दशी की सावधानियां
1. अनंत चतुर्दशी के दिन आपको भूलकर भी भगवान विष्णु की पूजा अकेले नहीं करनी चाहिए। उनके साथ माता यमुना और शेषनाग जी की भी पूजा करें।
2.इस दिन आपको ब्रह्मचर्य का पालन आवश्य करना चाहिए और भूलकर भी शारीरीक संबंध नहीं बनाना चाहिए।
3. अनंत चतुर्दशी पर यदि आप अनंत सूत्र बांधते हैं तो पहले उसकी पूजा अवश्य करें।
4.आपको इस दिन पुराना अनंत सूत्र को कहीं भी नहीं फेंकना चाहिए बल्कि उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करना चाहिए।
5. अनंत चतुर्दशी के दिन आपको न तो झूठ बोलना चाहिए और न हीं किसी की निंदा करनी चाहिए।
6. आपको अनंत चतुर्दशी पर अनंत कलश अवश्य स्थापित करना चाहिए और उसकी विधिवत पूजा करनी चाहिए।
7. यदि आप रक्षासूत्र बांधते हैं तो आपको इसे एक साल तक अवश्य बांधना चाहिए। यदि आप ऐसा नहीं कर सकते तो इसे 14 दिनों तक अवश्य बांधे।
8. आपको अनंत चतुर्दशी के व्रत अवश्य रखना चाहिए। लेकिन इस बात की सावधानी रखनी चाहिए कि आप इस दिन भूलकर भी नमक न खांए।
9. अनंत चतुर्दशी पर इस बात की विशेष सावधानी रखें कि आपसे किसी भी बुजूर्ग , ब्राह्मण या निर्धन व्यक्ति का अपमान न हो।
10.आपको इस दिन सावधानी के रूप में इस बात की ध्यान रखना चाहिए कि आपके घर में कोई भी अनंत चतुर्दशी पर मांस या मदिरा का सेवन न करे।


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