यूपीएससी सिविल सेवा रिजल्ट 2021 में दिल्ली के रोहिणी में एक परिवार की दो सगी बहनों का सिलेक्शन हो गया है। दिल्ली यूनीवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से इकोनॉमिक्स ऑनर्स कर चुकी छोटी बहन सृष्टि का यह पहला प्रयास था और उसे 373वीं रैंक हासिल हुई, जबकि इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्नीकल यूनीवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक डिग्री हासिल कर चुकी एक साल बड़ी बहन सिमरन का यह दूसरा प्रयास था और उन्हें 474वीं रैंक हासिल हुई है।

दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक, सिमरन में मुख्य परीक्षा के लिए लोक प्रशासन और सृष्टि ने समाजशास्त्र को अपना वैकल्पिक विषय चुना था। सिमरन जब बीटेक के दूसरे साल में थी और तब उन्हें पहली बार सिविल सर्विसेज के बारे में मालूम चला था कि इस परीक्षा को पास करके देश के सबसे बड़े अधिकारी बनते हैं। सृष्टि को भी कॉलेज के फाइनल ईयर में पता चला कि भारतीय विदेश सेवा क्या है और उसमें चयन कैसे होता है। मूल रूप से आगरा के एक गांव के दलित परिवार के पृष्ठभूमि की दोनों बहनें अपने पिता की तरह ही अपने नाम के साथ सरनेम नहीं लगातीं।
परिवार ही नहीं, पूरे गांव में कभी किसी की सरकारी नौकरी भी नहीं लगी। पिता नीरज अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए ही गांव छोड़कर दिल्ली में रहने लगे। दोनों बेटियों व एक बेटे को रोहिणी के सेक्टर-13 के निजी स्कूल में 12वीं तक पढ़ाया। दोनों बहनें ही टेनिस में राष्ट्रीय स्तर तक की खिलाड़ी भी रही हैं। ट्रेनिंग व खेल उपकरणों के महंगे खर्च के चलते दोनों ने खेल को अपना कैरियर न बनाने का फैसला किया।
हालंकि पढ़ते पढ़ते जब थकान होती या मूड चेंज करना होता तो दोनों टेनिस ही खेलित थी। इसलिए दोनों बहन घर से कुछ दूर स्तिथ लाइब्रेरी में दिन भर पढ़ाई करती थी। दोनों बहनों ने एक एक साल राजिन्द्र नगर के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान से कोचिंग भी की। वैकल्पिक विषयों को छोड़कर सामान्य अध्ययन व अन्य पेपर के लिए दोनों ने साझा नोट्स भी बनाए और साथ साथ पढ़ाई की। मुख्य परीक्षा पास करने के बाद दोनों बहनें दिन भर एक दूसरे का इंटरव्यू लेती रहती। कभी मन किया तो यूट्यूब पर गाने सुने, लेकिन सोशल मीडिया से लगातार दूरी बनाए रखी।
सिमरन ने बताया कि शुक्रवार को जब यूपीएससी का रिजल्ट आया तो मैंने व्हाट्सएप, इन्स्टाग्राम और फेसबुक पर अपलोड किया। बीते दो साल में अपने मोबाइल पर ट्विटर को देश-विदेश की खबर, टेलीग्राम पर कंटेंट के आदान-प्रदान और आधिकारिक पत्राचार के लिए जीमेल का उपयोग किया। श्रृष्टि ने बताया कि एल्केमिस्ट मेरी पसंदीदा किताब है, जिस अब तक कम से कम 7 बार पढ़ चुकी हूं। अपने जीवन के हर अहम् मौके पर इसे एक बार जरूर पढ़ती हूं। यह किताब बहुत प्रेरक है। यह आपको सपने को पूरा करना सिखाती है।


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