Agnipath Scheme Myths And Facts अग्निपथ' योजना से जुड़े मिथक और तथ्य

Agnipath Scheme Myths And Facts Explained In Hindi By Govt केंद्र सरकार ने रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सशस्त्र बल के माध्यम से 'अग्निपथ' योजना' का शुभारंभ किया। लेकीन इसको देश के कुछ हिस्‍सों में 'अग्निपथ' योजना' को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। अग्निपथ योजना के तहत अपने कार्यकाल के दौरान भारतीय युवाओं को 'अग्निवीर' आर्म्ड फोर्सेस के माध्यम से देश की सेवा का अवसर मिलेगा। 'अग्निपथ' योजना' के माध्यम से देश की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। 'अग्निपथ' योजना' से युवाओं को मिलिट्री सर्विस का अवसर और अनुभव मिलेगा। लेकिन सरकार द्वारा इस नई सैन्य भर्ती योजना 'अग्निपथ' के अनावरण के दो दिन बाद, कई राज्यों में विरोध शुरू हो गया। बिहार और मध्य प्रदेश में लोगों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया, ट्रेनों में आग लगा दी और वाहनों में तोड़फोड़ की। विरोध को बढ़ता देख केंद्र सरकार ने लोगों के भ्रम को दूर करने के लिए 'अग्निपथ' योजना से जुड़े मिथक और तथ्य जारी किए। सरकार ने स्पष्ट किया कि 'अग्निपथ' योजना सशस्त्र बलों के कर्मियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही शुरू की गई है। आइए जानते हैं अग्निपथ योजना से जुड़े मिथक और तथ्य....

 
Agnipath Scheme Myths And Facts अग्निपथ' योजना से जुड़े मिथक और तथ्य

अग्निपथ योजना से जुड़े मिथक और तथ्य
भ्रम: अग्निवीरों का भविष्य असुरक्षित है?
तथ्य: ऐसे नहीं है, उनके लिए वित्तीय पैकेज योजना है। पढ़ाई के लिए 12वीं कक्षा के बराबर सर्टिफिकेट दिया जाएगा। ब्रिजिंग कोर्स की सुविधा होगी। सीएपीएफ और राज्य पुलिस भर्ती में मौका मिलेगा।

भ्रम: अग्निपथ के कारण नौकरी की कमी होगी?
तथ्य: ऐसा नहीं है, युवाओं के लिए सेना में नौकरी के अवसर बढ़ेंगे। सेना में अग्निवीरों की भर्ती तीन गुना हो जाएगी। युवाओं को नौकरियों के कई अवसर मिलेगी।

भ्रम: रेजीमेंट भाईचारे पर असर पड़ेगा?
तथ्य: ऐसा नहीं है, सेना के रेजीमेंट व्यवस्था में कोई भी बदलाव नहीं होगा। सबसे उत्कृष्ट अग्निवीरों का चयन होगा। यूनिट में तालमेल बढ़ेगा और भाईचारे को मजबूती मिलेगी।

भ्रम: सेना के तीनों अंगों की क्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ेगा?
तथ्य: नहीं ऐसा नहीं है, कई देशों में इस तरह की संक्षिप्त योजनाएं चल रही हैं। इसपर परीक्षण हुआ है। पहले वर्ष अग्निवीरों की संख्या आर्म्ड फोर्सेज़ की केवल 3 प्रतिशत होगी। चार साल बाद सेना में भर्ती का दोबारा मौका मिलेगा।

 

भ्रम: अग्निवीर अपरिपक्व और भरोसमंद नहीं?
तथ्य: नहीं ऐसा नहीं है, 21 वर्ष की आयु में परिपक्वता होती है। पूरी दुनिया की सेनाएं युवाओं पर निर्भर है। युवाओं तथा अनुभवियों का 50-50 प्रतिशत का मिश्रण रहेगा।

भ्रम: अग्निवीर देश समाज के लिए खतरा होंगे?
तथ्य: नहीं ऐसा नहीं है, सेना के जवान कभी देश और समाज के लिए खतरा नहीं होते। सेना की वर्दी पहनने वाले जिंदगी भर देश के लिए समर्पित रहते हैं। सेना से रिटायर हुए हजारों लोग आज भी देश सेवा में लगे हुए हैं, वह देशविरोधी ताकतों से नहीं मिले।

भ्रम: पूर्व सैन्य अधिकारियों से चर्चा नहीं हुई?
तथ्य: नहीं ऐसा नहीं है, इस योजना को लेकर पूर्व सैन्य अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा हुई। अग्निपथ योजना का ड्राफ्ट मिलिट्री ऑफिसरों द्वारा तैयार किया गया। पूर्व सैन्य अधिकारियों ने इसे सही कदम बताया।

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English summary
Agnipath Scheme Myths And Facts Explained In Hindi/English By Govt : The central government launched 'Agnipath' scheme through armed forces to increase employment opportunities. But there are protests in some parts of the country regarding the 'Agneepath' scheme. Under the Agneepath scheme, during their tenure, Indian youth will get an opportunity to serve the country through 'Agniveer' Armed Forces. The security of the country will be strengthened through 'Agneepath' scheme. With the 'Agneepath' scheme, the youth will get the opportunity and experience of military service. But two days after the government unveiled this new military recruitment scheme 'Agneepath', protests broke out in several states. People in Bihar and Madhya Pradesh staged massive demonstrations, torched trains and vandalized vehicles. Seeing the growing protests, the central government released myths and facts related to the 'Agneepath' scheme to clear the confusion of the people. The government clarified that the 'Agneepath' scheme has been launched only after extensive consultations with the Armed Forces personnel. Let us know the myths and facts related to the Agneepath scheme.
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