तमिल में पीएचडी कैसे करें (Career in PHD Tamil)

डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन तमिल एक शोध आधारित डॉक्टरेट स्तर का कोर्स है। पीएचडी इन तमिल 3 से 5 साल तक की अवधि का कोर्स है, इस कोर्स के माध्यम से उम्मीदवार तमिल के सांस्कृतिक इतिहास, तमिल भाषा के विकास, तमिल साहित्य और तमिल भाषा व संस्कृति में विभिन्न लोगों के योगदान का अध्ययन करते हैं।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएचडी इन तमिल से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर तमिल में पीएचडी करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में तमिल में पीएचडी करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

तमिल में पीएचडी कैसे करें

• कोर्स का नाम- डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन तमिल
• कोर्स का प्रकार- डॉक्टरेट डिग्री
• कोर्स की अवधि- 3 से 5 साल तक
• एलिजिबिलिटी- मास्टर डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम
• कोर्स फीस- 4,000 से 1,00,000 तक
• अवरेज सैलरी- 2 से 6 लाख तक
• जॉब प्रोफाइल- तमिल रिपोर्टर, तमिल अनुवादक, तमिल एंकर, तमिल शिक्षक, तमिल प्रोफेसर / व्याख्याता, तमिल संपादक, तमिल भाषाविद् आदि।
• जॉब फील्ड- पुलिस, पर्यटन, बैंक, मीडिया, प्रोफेसर/व्याख्याता, लॉ फर्म, नगर नियोजन, वित्तीय संगठन आदि।

 

पीएचडी इन तमिल: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास तमिल से संबंधित विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन या एम.फिल की डिग्री होनी चाहिए।
• पीएचडी इन तमिल में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के पास मास्टर डिग्री में न्यूनतम 55% अंक होना आवश्यक है।
• आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5% अंकों की अतिरिक्त छूट दी जाती है।
• इसके साथ ही, उम्मीदवार को एंट्रेंस एग्जाम में भी विश्वविद्यालय के मानकों तक स्कोर करना होता है, जो या तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं या यूजीसी-नेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं द्वारा आयोजित की जाती हैं।

पीएचडी इन तमिल: एडमिशन प्रोसेस
किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में पीएचडी इन तमिल कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।

पीएचडी इन तमिल के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है

चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार पीएचडी इन तमिल में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि पीएचडी इन तमिल के लिए एडमिशन प्रोसेस यूजीसी नेट, जेआरएफ, एसएलईटी, जेएनयूईई जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

  • एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
  • इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डॉक्टरेट स्तर पर तमिल का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

पीएचडी इन तमिल: सिलेबस
सेमेस्टर 1

  • रिसर्च मेथोडोलॉजी
  • इंट्रोडक्शन टू मेन्यूस्क्रीप्टोलॉजी
  • डिसर्टेशन
  • वाइवा-वोक

सेमेस्टर 2

  • तमिल लैंगुएज एंड लिट्रेचर
  • व्याकरण
  • न्याय
  • अद्वैत वेदांत
  • मीमांसा

कॉलेज फक्लटी आमतौर पर छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि पीएचडी पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।

पीएचडी इन तमिल: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय- फीस 8,368
  • उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद, तेलंगाना- फीस 3,000
  • गुलबर्ग विश्वविद्यालय, कर्नाटक- फीस 4,920
  • मुंबई विश्वविद्यालय, महाराष्ट्र- फीस 31,315
  • भारती विद्यापीठ डीम्ड यूनिवर्सिटी, पुणे, महाराष्ट्र- फीस 30,000
  • गोवा विश्वविद्यालय- फीस 32,730
  • देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर, मध्य प्रदेश- फीस 1,00,000
  • कावयत्री बहिनाबाई चौधरी उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, जलगांव, महाराष्ट्र- फीस 6,700

पीएचडी इन तमिल: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • तमिल न्यूज एंकर- सैलरी 5 लाख
  • तमिल कंटेंट राइटर- सैलरी 4 लाख
  • तमिल प्रोफेसर- सैलरी 12 लाख
  • तमिल ट्रांसलेटर- सैलरी 5 लाख
  • तमिल रिपोर्टर- सैलरी 3 लाख

मराठी में पीएचडी कैसे करें (Career in PHD Marathi)

कन्नड़ में पीएचडी कैसे करें (Career in PHD Kannada)

For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

English summary
Doctor of Philosophy in Tamil is a research based doctoral level course. PhD in Tamil is a course of 3 to 5 years duration, through this course candidates study the cultural history of Tamil, development of Tamil language, Tamil literature and contribution of various people to Tamil language and culture.
--Or--
Select a Field of Study
Select a Course
Select UPSC Exam
Select IBPS Exam
Select Entrance Exam
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X