फिजिक्स में पीएचडी कैसे करें (Career in PHD Physics)

डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी या पीएचडी फिजिक्स 3 साल का डॉक्टरेट प्रोग्राम है जिसे उन छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है जो शोध करने में रूचि रखते हो। बता दें कि पीएचडी फिजिक्स में रिसर्च-आधारित विषय होते हैं जो व्यावहारिक रूप से किए जाते हैं जैसे कि क्वांटम ऑप्टिक्स और लेजर फिजिक्स, मैटर फिजिक्स, सॉलिड स्टेट फिजिक्स और मैटेरियल्स साइंस, हाई एनर्जी फिजिक्स, नॉनलाइनियर ऑप्टिक्स और इलेक्ट्रॉनिक साइंस।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएचडी फिजिक्स से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर फिजिक्स में पीएचडी के करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में फिजिक्स में पीएचडी करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

फिजिक्स में पीएचडी कैसे करें

• कोर्स का नाम- डॉक्टर ऑफ फिलोसफी इन फिजिक्स
• कोर्स का प्रकार- डॉक्टरेट डिग्री
• कोर्स की अवधि- 3 साल
• एलिजिबिलिटी- पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम/ मेरिट लिस्ट बेस्ड
• कोर्स फीस- 2,000 से 6,00,000 तक
• अवरेज सैलरी- 2 लाख से 20 लाख तक
• जॉब फील्ड- सीएसआईआर-नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी ऑफ इंडिया, आईटीएम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, एमिटी यूनिवर्सिटी, मणिपाल यूनिवर्सिटी, फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी, सॉलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेटरी, आईआईएससी बैंगलोर, आईआईआईटी हैदराबाद, यूबीएस, अमेज़ॅन, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी पीआरएल थलतेज कैंपस, आदि।
• जॉब प्रोफाइल- रिसर्चर, साइंटिस्ट, फिजिसिस्ट, लेक्चरर एंड प्रोफेसर, ऑथर एंड राइटर, जर्नलिस्ट, एडिटर, ह्यूमन सर्विस वर्कर, इंडिपेंडेंट कंस्लटेंट, लैब प्रोफेशनल, सिनियर रिसर्च साइंटिस्ट आदि।

 

पीएचडी फिजिक्स : एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास विज्ञान में मास्टर डिग्री या संबंधित क्षेत्र में एम.फिल की डिग्री होनी चाहिए।
• पीएचडी फिजिक्स में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के मास्टर डिग्री में न्यूनतम 60% अंक होना आवश्यक है।
• जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5% छूट मिलती है।

पीएचडी फिजिक्स: एडमिशन प्रोसेस
पीएचडी फिजिक्स के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है

चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडीट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार पीएचडी फिजिक्स में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि पीएचडी फिजिक्स के लिए एडमिशन प्रोसेस सीएसआईआर/यूजीसी-जेआरएफ, सीएसआईआर/यूजीसी, जेस्ट/गेट आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे व्यक्तिगत साक्षात्कार के आधार पर किया जाता है।

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिज्लट

एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है। जिसके लिए छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है, और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डॉक्टरेट स्तर पर फिजिक्स का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

पीएचडी केमेस्ट्री: सिलेबस

आमतौर पर कॉलेज फैकल्टी छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि पीएचडी पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।

सेमेस्टर I

  • रिसर्च मेथाडोलॉजी एंड स्टैटिक्स
  • थ्योरेटिकल फिजिक्स
  • एक्सपेरिमेंटल फिजिक्स
  • न्यूमेरिकल मैथ्ड्स एंड सिमुलेशन
  • रिसर्च एंड टेक्निकल कम्युनिकेशन

सेमेस्टर II

  • फिजिक्स लेबोरेटरी
  • मैथमेटिकल मैथ्ड्स
  • क्वांटम मैकेनिक्स
  • स्टैटिसटिकल मैकेनिक्स
  • न्यूमेरिकल मेथड एंड प्रोग्रामिंग

सेमेस्टर III

  • इलेक्ट्रोडायनेमिक्स
  • कंडेंस्ड मैटर फिजिक्स
  • कंडेंस्ड मैटर फिजिक्स लैब
  • डिपार्टमेंट इलेक्टिव
  • ओपन इलेक्टिव

सेमेस्टर IV

  • एटोमिक एंड मॉलिक्यूलर फिजिक्स
  • न्यूक्लियर एंड प्रैक्टिकल फिजिक्स
  • पीएचडी प्रोजेक्ट
  • डिपार्टमेंट इलेक्टिव
  • ओप इलेक्टिव

पीएचडी फिजिक्स: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर - फीस 35,200
  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई - फीस 73,000
  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर - फीस 64,050
  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास - फीस 19,670
  • बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, पिलानी - फीस 1,10, 125
  • लोयोला कॉलेज, चेन्नई - फीस 7,200
  • क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बैंगलोर - फीस 35,000
  • जादवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता - फीस 2,388
  • शिव नादर यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा - फीस 2,10,000
  • बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रांची - फीस 75,000

पीएचडी फिजिक्स: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • रिसर्च साइंटिस्ट- सैलरी 9,00,000
  • फिजिसिस्ट- सैलरी 8,00,000
  • फिजिक्स प्रोफेसर- सैलरी 8,00,000
  • नेच्युरल साइंस मैनेजर्स- सैलरी 9,00,000
  • पेट्रोलियल इंजिनियर्स- सैलरी 8,00,000
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English summary
Doctor of Philosophy or PhD Physics is a 3-year doctoral program designed for students who are interested in pursuing research. Explain that PhD physics consists of research-based subjects that are done practically such as quantum optics and laser physics, matter physics, solid state physics and materials science, high energy physics, nonlinear optics and electronic science.
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