फार्माकोलॉजी में पीएचडी कैसे करें (Career in PHD Pharmacology)

डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन फार्माकोलॉजी 3 साल की अवधि का डेक्टरेट लेवल का कोर्स है। पीएचडी फार्माकोलॉजी कोर्स का उद्देश्य छात्रों को बायोमेडिकल साइंस के क्षेत्र में अध्ययन और अनुसंधान के लिए आवश्यक कौशल से लैस करने, रसायन विज्ञान, शरीर विज्ञान और विकृति विज्ञान को एक साथ जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएचडी फार्माकोलॉजी से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर फार्माकोलॉजी में पीएचडी करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में फार्माकोलॉजी में पीएचडी करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

फार्माकोलॉजी में पीएचडी कैसे करें

• कोर्स का नाम- डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन फार्माकोलॉजी
• कोर्स का प्रकार- डॉक्टरेट डिग्री
• कोर्स की अवधि- 3 से 5 साल तक
• एलिजिबिलिटी- मास्टर डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम
• कोर्स फीस- 2,00,000 से 4,00,000 तक
• अवरेज सैलरी- 4 से 15 लाख तक
• जॉब प्रोफाइल- एनालिटिकल केमिस्ट, बायोमेडिकल साइंटिस्ट, हेल्थकेयर साइंटिस्ट, क्लिनिकल फार्माकोलॉजिस्ट, क्लिनिकल रिसर्च एसोसिएट, फोरेंसिक साइंटिस्ट, आदि।
• टॉप रिक्रूटर्स- कॉलेज, विश्वविद्यालय, अनुसंधान संगठन, औषधीय उद्योग, अस्पताल और परीक्षण प्रयोगशालाएं आदि।

 

पीएचडी फार्माकोलॉजी: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास फार्माकोलॉजी, बायोलॉजी, फार्मेसी या बायोटेक्नोलॉजी या उससे संबंधित विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।
• एमएससी, एमटेक, एमडी, एम फार्मा डिग्री वाले छात्र भी इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं।
• पीएचडी फार्माकोलॉजी में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के पास मास्टर डिग्री में न्यूनतम 55% अंक होना आवश्यक है।
• आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को 5% अंकों की छूट दी जाती है।
• इसके साथ ही, उम्मीदवार को एंट्रेंस एग्जाम में भी विश्वविद्यालय के मानकों तक स्कोर करना होता है, जो या तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं या यूजीसी-नेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं द्वारा आयोजित की जाती हैं।

पीएचडी फार्माकोलॉजी: एडमिशन प्रोसेस
किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में पीएचडी फार्माकोलॉजी कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।

पीएचडी फार्माकोलॉजी के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है

चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार पीएचडी फार्माकोलॉजी में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि पीएचडी इन फार्माकोलॉजी के लिए एडमिशन प्रोसेस यूजीसी सीएसआईआर नेट, यूजीसी नेट, जेआरएफ-गेट, एसएलईटी आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

  • एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
  • इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है, और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डॉक्टरेट स्तर पर फार्माकोलॉजी का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

पीएचडी फार्माकोलॉजी: सिलेबस

पेपर 1

  • जनरल फार्माकोलॉजी
  • दवा अवशोषण, वितरण, चयापचय
  • दवा एलिमिनेशन
  • औषधि प्रशासन के मार्ग
  • ड्रग एक्शन के मूल सिद्धांत
  • दवाओं के लिए प्रतिकूल प्रतिक्रिया
  • दवा प्रतिक्रिया को संशोधित करने वाले कारक

पेपर 2

  • न्यूरोहुमोरल ट्रांसमिशन
  • सिम्पैथोमिमेटिक्स, सिम्पैथोलिटिक्स
  • पैरासिम्पेथेटिक - कोलीनर्जिक, एंटीकोलिनर्जिक्स, गैंग्लियन उत्तेजक और अवरोधक
  • कंकाल की मांसपेशियों को आराम देने वाले
  • स्थानीय एनेस्थेटिक्स

पेपर 3

  • सामान्य सिद्धांत - न्यूरोट्रांसमीटर: परिभाषा और सामान्य ट्रांसमीटर
  • मिर्गी, अवसाद, पार्किंसंस रोग, सिज़ोफ्रेनिया, न्यूरोडीजेनेरेशन आदि जैसे विभिन्न सीएनएस विकारों की ड्रग थेरेपी।
  • दर्द की फार्माकोथेरेपी
  • सामान्य एनेस्थेटिक्स

पेपर 4

  • हिस्टामाइन और एंटीहिस्टामाइन
  • प्रोस्टाग्लैंडिंस, ल्यूकोट्रिएन्स, थ्रोम्बोक्सेन और पीएएफ
  • पदार्थ पी, ब्रैडीकिनिन

पेपर 5

  • हृदय प्रणाली
  • उच्च रक्तचाप, शॉक, एनजाइना, कार्डिएक अतालता की ड्रग थेरेपी
  • रेनिन-एंजियोटेंसिन सिस्टम
  • कौयगुलांट्स और एंटीकोआगुलंट्स, एंटीप्लेटलेट ड्रग्स
  • हाइपो-लिपिडोमिक्स

पेपर 6

  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और श्वसन प्रणाली
  • इमेटिक्स और एंटीमेटिक्स
  • कब्ज और दस्त के लिए दवाएं
  • पेप्टिक अल्सर का औषध उपचार
  • ब्रोन्कियल अस्थमा की ड्रग थेरेपी
  • खांसी की फार्माकोथेरेपी

पेपर 7

  • हार्मोन
  • प्रजनन हार्मोन - टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन, गर्भनिरोधक

पेपर 8

  • मधुमेह की दवा चिकित्सा
  • थायराइड हार्मोन
  • गठिया और गाउट के लिए दवाएं

कॉलेज फक्लटी आमतौर पर छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि पीएचडी पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।

पीएचडी फार्माकोलॉजी केमेस्ट्री: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • जामिया हमदर्द, नई दिल्ली- फीस 1,27,000
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (एनआईपीईआर) मोहाली- फीस 1,10,000
  • रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई- फीस 64,500
  • अन्नामलाई विश्वविद्यालय, चिदंबरम- फीस 51,510
  • निरमा विश्वविद्यालय, अहमदाबाद- फीस 40,000
  • पूना कॉलेज ऑफ फार्मेसी, पुणे- फीस 50,000
  • आंध्र विश्वविद्यालय, फार्मास्युटिकल साइंसेज कॉलेज, विशाखापत्तनम- फीस 3,01,000
  • भारती विद्यापीठ डीम्ड यूनिवर्सिटी पुणे, नवी मुंबई, कोल्हापुर- फीस 1,42,000
  • श्री आदिचुंचनागिरी कॉलेज ऑफ फार्मेसी (एसीसीपी)- फीस 21,430

पीएचडी फार्माकोलॉजी: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • रिसर्च साइंटिस्ट- सैलरी 14,70,000
  • क्लिनिकल साइंटिस्ट- सैलरी 4,00,000
  • रिसर्च असिस्टेंट- सैलरी 3,75,000
  • क्लिनिकल लेबोरेट्री टेक्नोलॉजिस्ट- सैलरी 4,85,000
  • फॉर्माकोलॉजी प्रोफेसर- सैलरी 9,63,000
  • केमिस्ट- सैलरी 6,56,000
  • मेडिकल रिसर्च साइंटिस्ट- सैलरी 4,25,000
  • फार्मास्युटिकल सेल्स मैनेजर- सैलरी 10,75,000
  • मेडिकल फॉर्माकोलॉजी टेक्नीशियन- सैलरी 9,50,000

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English summary
Doctor of Philosophy in Pharmacology is a doctoral level course of 3 years duration. The aim of the PhD Pharmacology course is designed to equip students with the necessary skills for study and research in the fields of Biomedical Science, linking together chemistry, physiology and pathology.
--Or--
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