न्यूरोसाइंस में पीएचडी कैसे करें (Career in PHD Neuroscience)

डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन न्यूरोसाइंस 3 से 7 साल तक की अवधि का डेक्टरेट लेवल का कोर्स है। यह कोर्स जीव विज्ञान के क्षेत्र की खोज करता है जो जीवन विज्ञान, सहायक, जैव रसायन और स्वास्थ्य विज्ञान का एक संयोजन है। बता दें कि न्यूरोसाइंस का क्षेत्र न्यूरोलॉजी और इसके अन्य विषयों से संबंधित पहलुओं के अध्ययन को एकीकृत करता है।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएचडी न्यूरोसाइंस से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर न्यूरोसाइंस में पीएचडी करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में न्यूरोसाइंस में पीएचडी करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

न्यूरोसाइंस में पीएचडी कैसे करें

• कोर्स का नाम- डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन न्यूरोसाइंस
• कोर्स का प्रकार- डॉक्टरेट डिग्री
• कोर्स की अवधि- 3 से 5 साल तक
• एलिजिबिलिटी- मास्टर डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम+ पर्सनल इंट्रव्यू/ मेरिट बेस्ड
• कोर्स फीस- 15,000 से 3.20 लाख तक
• अवरेज सैलरी- 3 से 7 लाख तक
• जॉब प्रोफाइल- न्यूरल इंजीनियर, कम्प्यूटेशनल न्यूरोसाइंटिस्ट, बायोटेक्नोलॉजिस्ट, डेटाबेस और डेटाबैंक मैनेजर आदि।
• जॉब फील्ड- जेनेटिक काउंसलिंग सेंटर, साइकोलॉजी सेंटर, फार्मास्युटिकल कंपनियां, फोरेंसिक साइंस लैब्स आदि।

 

पीएचडी न्यूरोसाइंस: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास न्यूरोसाइंस या उससे संबंधित विषयों में एम.फिल या मास्टर की डिग्री होनी चाहिए।
• पीएचडी न्यूरोसाइंस में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के पास मास्टर डिग्री में न्यूनतम 55% अंक होना आवश्यक है।
• आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को 5% अंकों की छूट दी जाती है।
• इसके साथ ही, उम्मीदवार को एंट्रेंस एग्जाम में भी विश्वविद्यालय के मानकों तक स्कोर करना होता है, जो या तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं या यूजीसी-नेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं द्वारा आयोजित की जाती हैं।

पीएचडी न्यूरोसाइंस: एडमिशन प्रोसेस
किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में पीएचडी न्यूरोसाइंस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।

पीएचडी न्यूरोसाइंस के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है

चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार पीएचडी न्यूरोसाइंस में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि पीएचडी इन न्यूरोसाइंस के लिए एडमिशन प्रोसेस जेआरएफ- यूजीसी- नेट, गेट, सीएसआईआर नेट, जेस्ट, आईसीएमआर जेआरएफ आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

  • एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
  • इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है, और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डॉक्टरेट स्तर पर न्यूरोसाइंस का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

पीएचडी हॉस्पिटल न्यूरोसाइंस: सिलेबस

  • रिसर्च मैथेडलॉजी
  • एडवांस स्टडी ऑफ जेनेटिक्स एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी
  • न्यूरोएनाटॉमी एंड डेवलेपमेंटेल न्यूरोबायोलॉजी
  • न्यूरोकेमेस्ट्री
  • नेनोटेक्नोलॉजी एंड बायोइंफोर्मेटिक्स फॉर न्यूरोसाइंस
  • सेमिनर
  • डिसर्टेशन
  • प्रोजेक्ट वर्क
  • थिसिस

कॉलेज फक्लटी आमतौर पर छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि पीएचडी पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।

पीएचडी न्यूरोसाइंस: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • आईआईएससी, बैंगलोर- फीस 35,200
  • कलकत्ता विश्वविद्यालय, कोलकाता- फीस 47,800
  • माहे, मणिपाल- फीस 59,000
  • एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा- फीस 1,00,000
  • ओपीजेएस विश्वविद्यालय, चुरू- फीस 85,000
  • एसआरएचयू, देहरादून- फीस 90,000
  • एरा यूनिवर्सिटी, लखनऊ- फीस 50,000

पीएचडी न्यूरोसाइंस: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट- सैलरी 5,70,000
  • न्यूरल इंजीनियर- सैलरी 6,75,000
  • कंप्यूटेशनल न्यूरोसाइंटिस्ट- सैलरी 4,25,000
  • बायोटेक्नोलॉजिस्ट- सैलरी 6,00,000
  • न्यूरोलॉजिस्ट- सैलरी 4,88,000
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English summary
Doctor of Philosophy in Neuroscience is a doctoral level course of 3 to 7 years duration. This course explores the field of biology which is a combination of life sciences, allied, biochemistry and health sciences. Explain that the field of neuroscience integrates the study of neurology and its related aspects with other disciplines.
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