डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन म्यूजिक 3 से 5 साल तक की अवधि का फुल टाइम एक शोध आधारित डॉक्टरेट स्तर का कोर्स है। पीएचडी इन म्यूजिक कोर्स में मुख्य रूप से ऐतिहासिक संगीतशास्त्र, रचना, विश्लेषण, संगीत अनुभूति आदि जैसे क्षेत्र शामिल हैं। बता दें कि यह कोर्स छात्रों को संगीत में स्वतंत्र शिक्षार्थी और शोधकर्ता बनने में मदद करता है।
चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएचडी इन म्यूजिक से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर म्यूजिक में पीएचडी करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में म्यूजिक में पीएचडी करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

• कोर्स का नाम- डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन म्यूजिक
• कोर्स का प्रकार- डॉक्टरेट डिग्री
• कोर्स की अवधि- 3 से 5 साल तक
• एलिजिबिलिटी- मास्टर डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम
• कोर्स फीस- 20,000 से 1,00,000 तक
• अवरेज सैलरी- 3 से 5 लाख तक
• जॉब प्रोफाइल- संगीत निर्माता, संगीत चिकित्सक, संगीतकार, निजी संगीत शिक्षक, माध्यमिक विद्यालय शिक्षक, साउंड डिजाइनर, साउंड इंजीनियर, साउंड तकनीशियन, आदि।
पीएचडी इन म्यूजिक: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास म्यूजिक से संबंधित विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन या एम.फिल की डिग्री होनी चाहिए।
• पीएचडी इन म्यूजिक में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के पास मास्टर डिग्री में न्यूनतम 50% अंक होना आवश्यक है।
• आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5% अंकों की अतिरिक्त छूट दी जाती है।
• इसके साथ ही, उम्मीदवार को एंट्रेंस एग्जाम में भी विश्वविद्यालय के मानकों तक स्कोर करना होता है, जो या तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं या यूजीसी-नेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं द्वारा आयोजित की जाती हैं।
पीएचडी इन म्यूजिक: एडमिशन प्रोसेस
किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में पीएचडी इन म्यूजिक कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।
पीएचडी इन म्यूजिक के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है
चरण 1: रजिस्ट्रेशन
- उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
- ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
- आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
- मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन पत्र सबमिट करें।
- क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।
चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम
- यदि उम्मीदवार पीएचडी इन म्यूजिक में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
- बता दें कि पीएचडी इन म्यूजिक के लिए एडमिशन प्रोसेस यूजीसी नेट, सीएसआईआर नेट, स्लेट जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।
चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।
चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट
- एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
- इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डॉक्टरेट स्तर पर म्यूजिक का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।
पीएचडी इन म्यूजिक: सिलेबस
फर्स्ट ईयर
- रिसर्च मेथेडलॉजी
- भारतीय संगीत में अर्थ और अनुसंधान के स्रोत
- राग और ख्यालासी
- अनुसंधान का अर्थ
- संगीत में अनुसंधान का क्षेत्र
- समस्याओं का चयन
- परिकल्पना
- आंकड़ा संग्रहण
- सोर्स
- मेथड्स
सेकेंड ईयर
- संगीत में अनुसंधान के उपकरण
- संगीत में अनुसंधान के तरीके - ऐतिहासिक विधि, सर्वेक्षण विधि, प्रायोगिक विधि
- केस स्टडी
- डेटा का विश्लेषण, व्याख्या और निष्कर्ष
- सारांश तैयार करना, शोध रिपोर्ट लिखना
- स्वर संगीत: किन्हीं पांच रागों पर विलामविता और द्रुत ख्यालों का विस्तृत उपचार, शेष रागों की एक रचना के साथ संक्षिप्त उपचार।
- वाद्य संगीत: किन्हीं पांच रागों में मासितखानी और रजाखनी गत का विस्तृत उपचार, शेष रागों की एक रचना के साथ संक्षिप्त उपचार।
- संगीत शिक्षा में शिक्षण के तरीके
- डिसर्टेशन एंड वाइवा-वोक
- प्रफॉरमेंश एंड वाइवा-वोक
कॉलेज फक्लटी आमतौर पर छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि पीएचडी पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।
पीएचडी इन म्यूजिक: टॉप कॉलेज और उनकी फीस
- बनारस हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी- फीस 8,368
- मैसूर विश्वविद्यालय- फीस 11,000
- बनस्थली विद्यापीठ जयपुर- फीस 1,07,000
- मदुरै कामराज विश्वविद्यालय- फीस 37,883
- लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, जालंधर- फीस 81,200
- अन्नामलाई विश्वविद्यालय, चिदंबरम- फीस 38,410
- क्वीन मैरी कॉलेज, चेन्नई- फीस 1,935
- देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर- फीस 45,200
- इटरनल यूनिवर्सिटी, सिरमौर- फीस 66,333
पीएचडी इन म्यूजिक: जॉब प्रोफाइल और सैलरी
- म्यूजिक प्रोड्यूसर- सैलरी 4 लाख
- म्यूजिक थेरेपिस्ट- सैलरी 3 लाख
- म्यूजिसियन- सैलरी 2 लाख
- प्राइवेट म्यूजिक टीचर- सैलरी 3 लाख
- साउंड डिजाइनर- सैलरी 4 लाख
- साउंड इंजीनियर- सैलरी 5 लाख


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