इम्यूनोलॉजी में पीएचडी कैसे करें (Career in PHD Immunology)

डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन इम्यूनोलॉजी 3 से 5 साल तक की अवधि का डेक्टरेट लेवल का कोर्स है। इस कोर्स में, छात्रों को क्रिप्टोकोकस नियोफ़ॉर्मन्स, स्यूडोमोनस एरुगिनोसा, लाइम रोग और मलेरिया जैसे संक्रमणों और मधुमेह जैसे रोगों सहित प्रतिरक्षा प्रणाली के सभी घटकों के कार्यों और अंतःक्रियाओं की गहन समझ प्राप्त होती है।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएचडी इम्यूनोलॉजी से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर इम्यूनोलॉजी में पीएचडी करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में इम्यूनोलॉजी में पीएचडी करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

इम्यूनोलॉजी में पीएचडी कैसे करें

• कोर्स का नाम- डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन इम्यूनोलॉजी
• कोर्स का प्रकार- डॉक्टरेट डिग्री
• कोर्स की अवधि- 3 से 5 साल तक
• एलिजिबिलिटी- मास्टर डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम+ पर्सनल इंट्रव्यू
• कोर्स फीस- 6,100 से 65,000 तक
• अवरेज सैलरी- 4 से 8 लाख तक
• जॉब प्रोफाइल- रिसर्च साइंटिस्ट, टेक्निकल असिस्टेंट, लेक्चरर, टीचर, बिजनेस डेवलेपमेंट एग्जीक्यूटिव, असिस्टेंट प्रोडक्ट स्पोर्ट मैनेजर, इम्युनोलॉजिस्ट आदि।
• जॉब फील्ड- हॉस्पिटल, लैबोरेट्री, कॉलेज/यूनिवर्सिटी, गवर्मेंट ऑर्गेनाइजेशन आदि।

 

पीएचडी इम्यूनोलॉजी: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास इम्यूनोलॉजी या उससे संबंधित विषयों में मास्टर की डिग्री होनी चाहिए।
• पीएचडी इम्यूनोलॉजी में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के पास मास्टर डिग्री में न्यूनतम 55% अंक होना आवश्यक है।
• आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को 5% अंकों की छूट दी जाती है।
• इसके साथ ही, उम्मीदवार को एंट्रेंस एग्जाम में भी विश्वविद्यालय के मानकों तक स्कोर करना होता है, जो या तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं या यूजीसी-नेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं द्वारा आयोजित की जाती हैं।

पीएचडी इम्यूनोलॉजी: एडमिशन प्रोसेस
किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में पीएचडी इम्यूनोलॉजी कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।

पीएचडी इम्यूनोलॉजी के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है

चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार पीएचडी इम्यूनोलॉजी में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि पीएचडी इन इम्यूनोलॉजी के लिए एडमिशन प्रोसेस जेआरएफ- यूजीसी- नेट, गेट आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

  • एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
  • इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है, और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डॉक्टरेट स्तर पर इम्यूनोलॉजी का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

पीएचडी इम्यूनोलॉजी: सिलेबस

  • ट्रांस प्लांटेशन
  • न्यूरो- इम्यूनोलॉजी
  • ऑटो- इम्यूनिटी
  • स्टेम सेल बायोलॉजी
  • इंफेक्शन एंड इम्यूनिटी
  • ह्यूमन ट्रांसलेशनल इम्यूनोलॉजी
  • ट्यूमर इम्यूनोलॉजी
  • इम्यूनोलॉजी एंड म्यूकोशल इम्युनिटी

कॉलेज फक्लटी आमतौर पर छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि पीएचडी पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।

पीएचडी इम्यूनोलॉजी: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा, उत्तर प्रदेश- फीस 1,00,000
  • मदुरै कामराज विश्वविद्यालय, तमिलनाडु- फीस 1,13,650
  • स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय, देहरादून, उत्तराखंड- फीस 90,000
  • संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ, उत्तर प्रदेश- फीस 68,000
  • एमिटी यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा- फीस 1,20,000
  • श्याम विश्वविद्यालय, दौसा- फीस 65,000
  • शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, श्रीनगर- फीस 67,000

पीएचडी इम्यूनोलॉजी: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • इम्यूनोलॉजिस्ट- सैलरी 7,88,000
  • साइटोटेक्नोलॉजिस्ट- सैलरी 4,96,000
  • रिसर्चर- सैलरी 6,76,000
  • लेक्चरर/ टीचर- सैलरी 5,58,000
  • थेरेपिस्ट- सैलरी 3,85,000
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English summary
Doctor of Philosophy in Immunology is a doctoral level course of 3 to 5 years duration. In this course, students gain an in-depth understanding of the functions and interactions of all components of the immune system, including Cryptococcus neoformans, Pseudomonas aeruginosa, infections such as Lyme disease and malaria, and diseases such as diabetes.
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