डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस 3 साल की अवधि का एक शोध आधारित डॉक्टरेट स्तर का फुल टाइम कोर्स है। पीएचडी ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस कोर्स में छात्रों को यह सिखाया जाता है कि आधुनिक दुनिया इतिहास, साहित्य, संगीत, धर्म और संस्कृति से कैसे प्रभावित हुई है। बता दें कि यह कोर्स एक ओर, जहां सामाजिक विज्ञान नृविज्ञान, पुरातत्व और राजनीति पर केंद्रित है, वहीं दूसरी ओर मानविकी कला, संगीत और साहित्य पर केंद्रित है।
चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएचडी इन ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस में पीएचडी करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस में पीएचडी करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

• कोर्स का नाम- डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस
• कोर्स का प्रकार- डॉक्टरेट डिग्री
• कोर्स की अवधि- 3 साल
• एलिजिबिलिटी- मास्टर डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम
• कोर्स फीस- 15,000 से 3,85,000 तक
• अवरेज सैलरी- 6 से 8 लाख तक
• जॉब प्रोफाइल- मार्केट एनालिस्ट, रिसर्चर, लिंग्विस्टिक, काउंसलर आदि।
• टॉप रिक्रूटर्स- एनजीओ, पब्लिक एंड प्राइवेट कंपनी, रिसर्च सेंटर आदि।
पीएचडी इन ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस से संबंधित विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन या एम.फिल की डिग्री होनी चाहिए।
• पीएचडी इन ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के पास मास्टर डिग्री में न्यूनतम 50% अंक होना आवश्यक है।
• आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5% अंकों की अतिरिक्त छूट दी जाती है।
• इसके साथ ही, उम्मीदवार को एंट्रेंस एग्जाम में भी विश्वविद्यालय के मानकों तक स्कोर करना होता है, जो या तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं या यूजीसी-नेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं द्वारा आयोजित की जाती हैं।
पीएचडी इन ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस: एडमिशन प्रोसेस
किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में पीएचडी इन ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।
पीएचडी इन ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है
चरण 1: रजिस्ट्रेशन
- उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
- ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
- आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
- मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन पत्र सबमिट करें।
- क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।
चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम
- यदि उम्मीदवार पीएचडी इन ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
- बता दें कि पीएचडी इन ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस के लिए एडमिशन प्रोसेस गेट, आईसीएमआर जेआरएफ, बिट्स पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम, सीएसआईआर यूजीसी नेट, डीटीयू पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।
चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।
चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट
- एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
- इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डॉक्टरेट स्तर पर ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।
पीएचडी इन ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस: सिलेबस
- रिसर्च मेथेडलॉजी
- इंटरनेशनल स्टडीज
- डेवलेपमेंट प्लेनिंग एंड पॉलिसी
- विकास और परिवर्तन पर सामाजिक-मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण
- माइक्रो-लेवल प्लेनिंग: प्रिंसिप्ल, मैथ्डस एंड केस स्टडीज
- सेमिनार
- प्रोजेक्ट/असाइनमेंट
- डिसर्टेशन
कॉलेज फक्लटी आमतौर पर छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि पीएचडी पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।
पीएचडी इन ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस: टॉप कॉलेज और उनकी फीस
- गुजरात विश्वविद्यालय- फीस 14,860
- महात्मा ज्योति राव फूल विश्वविद्यालय, राजस्थान- फीस 45,000
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर
- भगवंत विश्वविद्यालय, राजस्थान
- बिरला प्रौद्योगिकी और विज्ञान संस्थान, राजस्थान- फीस 1,10,125
- हिमालयन विश्वविद्यालय, अरुणाचल प्रदेश- फीस 3,85,000
- लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू), पंजाब- फीस 3,16,000
- डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर
पीएचडी इन ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस: जॉब प्रोफाइल और सैलरी
- ऑथर- सैलरी 7 लाख
- काउंसलर- सैलरी 9 लाख
- लिंग्विस्टिक- सैलरी 5 लाख
- एनजीओ एग्जीक्यूटिव- सैलरी 5 लाख
- प्रोफेसर- सैलरी 6 लाख
- रिसर्च- सैलरी 5 लाख


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