हॉस्पिटैलिटी में पीएचडी कैसे करें (Career in PHD Hospitality)

डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन हॉस्पिटैलिटी 2 से 5 साल तक की अवधि का डेक्टरेट लेवल का कोर्स है। पीएचडी हॉस्पिटैलिटी कोर्स मूल रूप से व्यावसायिक ज्ञान हाई-लेवल हॉस्पिटैलिटी अवधारणाओं को जोड़ता है। इस कोर्स के साथ, छात्रों को हॉस्पिटैलिटी के विभिन्न क्षेत्रों जैसे होटल प्रबंधन, पर्यटन और बहुत कुछ के बारे में पता चलता है।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएचडी हॉस्पिटैलिटी से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर हॉस्पिटैलिटी में पीएचडी करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में हॉस्पिटैलिटी में पीएचडी करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

हॉस्पिटैलिटी में पीएचडी कैसे करें

• कोर्स का नाम- डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन हॉस्पिटैलिटी
• कोर्स का प्रकार- डॉक्टरेट डिग्री
• कोर्स की अवधि- 2 से 5 साल
• एलिजिबिलिटी- मास्टर डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम
• कोर्स फीस- 48,000 से 1,60,000 तक
• अवरेज सैलरी- 3 से 8 लाख तक
• जॉब प्रोफाइल- टीचर, प्रोफेसर, हॉस्पिटैलिटी कॉर्डिनेटर, हॉस्पिटैलिटी एडमिनिस्ट्रेशन रिसर्चर, होटल मैनेजर आदि।
• टॉप रिक्रूटर्स- कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी, होटल, हॉस्पिटल, टूरिज्म इंडस्ट्री, गवर्मेंट ऑर्गेनाइजेशन आदि।

 

पीएचडी हॉस्पिटैलिटी: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास हॉस्पिटैलिटी या उससे संबंधित विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।
• पीएचडी हॉस्पिटैलिटी में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के पास मास्टर डिग्री में न्यूनतम 55% अंक होना आवश्यक है।
• आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को 5% अंकों की छूट दी जाती है।
• इसके साथ ही, उम्मीदवार को एंट्रेंस एग्जाम में भी विश्वविद्यालय के मानकों तक स्कोर करना होता है, जो या तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं या यूजीसी-नेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं द्वारा आयोजित की जाती हैं।

पीएचडी हॉस्पिटैलिटी: एडमिशन प्रोसेस
किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में पीएचडी हॉस्पिटैलिटी कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।

पीएचडी हॉस्पिटैलिटी के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है

चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार पीएचडी हॉस्पिटैलिटी में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि पीएचडी इन हॉस्पिटैलिटी के लिए एडमिशन प्रोसेस नेट/जेआरएफ/यूजीसी आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

  • एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
  • इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है, और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डॉक्टरेट स्तर पर हॉस्पिटैलिटी का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

पीएचडी हॉस्पिटैलिटी: सिलेबस

  • हॉस्पिटैलिटी रिसर्च मैथेड
  • इकॉनोमिक ट्रेंड्स इन हॉस्पिटैलिटी
  • इंटरनेशनल हॉस्पिटैलिटी
  • लीडरशिप प्रिंसिपल इन हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट
  • हॉस्पिटैलिटी मार्केटिंग एंड प्रमोशन
  • मार्केटिंग एंड रिसर्च मैथेड
  • टूरिज्म मैनेजमेंट

कॉलेज फक्लटी आमतौर पर छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि पीएचडी पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।

पीएचडी हॉस्पिटैलिटी: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • एमिटी इंस्टिट्यूट ऑफ़ हॉस्पिटैलिटी
  • गलगोटिया विश्वविद्यालय
  • बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय
  • सीएमजे विश्वविद्यालय
  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी
  • जीडी गोयनका विश्वविद्यालय
  • हिमालयन विश्वविद्यालय
  • तमिल विश्वविद्यालय

पीएचडी हॉस्पिटैलिटी: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • टीचर- सैलरी 3,00,000 से 6,00,000 तक
  • हॉस्पिटैलिटी कॉर्डिनेटर- सैलरी 3,20,000 से 8,00,000 तक
  • हॉस्पिटैलिटी एडमिनिस्ट्रेटर रिसर्च- सैलरी 4,00,000 से 8,00,000 तक
  • होटल मेनेजर- सैलरी 3,00,000 से 7,00,000 तक
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English summary
Doctor of Philosophy in Hospitality is a doctoral level course of duration ranging from 2 to 5 years. The PhD Hospitality course basically combines business knowledge high-level hospitality concepts. With this course, students get to know about different areas of hospitality such as hotel management, tourism and much more.
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