जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग में पीएचडी कैसे करें (Career in PHD in Genetics and Plant Breeding)

डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग 3 साल की अवधि का फुल टाइम कोर्स है। पीएचडी जेनेटिक्स और प्लांट ब्रीडिंग छात्रों को प्लांट जेनेटिक्स और ब्रीडिंग के बारे में गहन ज्ञान और कौशल प्रदान करता है। यह कोर्स जैव प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग के रूप में जीवन रूपों की आनुवंशिक संरचना के अध्ययन, संपादन, संरचना और विश्लेषण से संबंधित है।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएचडी इन जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग में पीएचडी करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग में पीएचडी करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग में पीएचडी कैसे करें

• कोर्स का नाम- डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग
• कोर्स का प्रकार- डॉक्टरेट डिग्री
• कोर्स की अवधि- 3 साल
• एलिजिबिलिटी- मास्टर डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम या मेरिट बेस्ड
• कोर्स फीस- 10,000 से 2,25,000 तक
• अवरेज सैलरी- 2 लाख से 3 लाख तक
• जॉब प्रोफाइल- प्लांट ब्रीडर, असिस्टेंट प्रोफेसर, रिसर्चर, मैनेजिंग ऑफिसर, साइटोजेनेटिकिस्ट आदि।
• जॉब फील्ड- प्लांट ब्रीडिंग सेंटर, यूनिवर्सिटी, टिश्यू कल्चर, लेब्स, फार्म एनक्लोजर, रिसर्च सेंटर, नर्सी आदि।

 

पीएचडी इन जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग से संबंधित विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन या एम. फिल की डिग्री होनी चाहिए।
• पीएचडी इन जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के पास मास्टर डिग्री में न्यूनतम 55% अंक होना आवश्यक है।
• इसके साथ ही, उम्मीदवार को एंट्रेंस एग्जाम में भी विश्वविद्यालय के मानकों तक स्कोर करना होता है, जो या तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं या यूजीसी-नेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं द्वारा आयोजित की जाती हैं।

पीएचडी इन जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग: एडमिशन प्रोसेस
किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में पीएचडी जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।

पीएचडी इन जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है

चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार पीएचडी जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि पीएचडी इन जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग के लिए एडमिशन प्रोसेस यूजीसी नेट, बीयू पीएचडी सीईटी, सीएसजेएमयू एंट्रेंस टेस्ट, एलपीयूएनईएसटी, आईसीएआर एंट्रेंस एग्जाम आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

  • एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
  • इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है, और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डॉक्टरेट स्तर पर जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

पीएचडी इन जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग: सिलेबस

  • एप्लीकेशन ऑफ जेनेटिक्स
  • ब्रीडिंग एनालिसिस ऑफ प्लांट
  • प्रिंसिप्ल्स ऑफ जेनेटिक्स
  • एप्लीकेशन ऑफ बायोटेक्नोलॉजी
  • बायोजेनेटिक्स
  • सेमिनार एंड रिलेटिड रिपोर्ट्स
  • सेमिनार
  • वाइवा-वोक
  • फिल्ड रिसर्च/ ट्रेनिंग
  • थिसिस रिपोर्ट

कॉलेज फक्लटी आमतौर पर छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि पीएचडी पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।

पीएचडी इन जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी- फीस 40,000
  • आचार्य एन.जी. रंगा कृषि विश्वविद्यालय- फीस 10,967
  • बिधान चंद्र कृषि विश्व विद्यालय- फीस 10, 500
  • केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय- फीस 2,725
  • जीबी पंत कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय- फीस 65,500
  • भारतीय विज्ञान संस्थान- फीस 25,500
  • एनडीयूएटी- फीस 82,733
  • उस्मानिया विश्वविद्यालय- फीस 2,500

पीएचडी इन जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • साइटोजेनेटिक्स- सैलरी 3.5 से 4 लाख तक
  • प्लांट ब्रीडर- सैलरी 2 से 3 लाख तक
  • रिसर्चर- सैलरी 3 से 4 लाख तक
  • मेनेजिंग ऑफिसर- सैलरी 2 से 3 लाख तक
  • असिस्टेंट प्रोफेसर- सैलरी 3 से 4 लाख तक
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English summary
Doctor of Philosophy in Genetics and Plant Breeding is a full time course of 3 years duration. The PhD Genetics and Plant Breeding provides students with in-depth knowledge and skills about plant genetics and breeding. This course deals with the study, editing, structuring and analysis of the genetic structure of life forms as an application of biotechnology.
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