डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन फॉरेंसिक साइंस 3 से 5 साल तक की अवधि का डेक्टरेट लेवल का फुल-टाइम कोर्स है। पीएचडी इन फॉरेंसिक साइंस कोर्स मुख्य रूप से मानव सहित जीवित जीवों के अध्ययन पर केंद्रित है। इस कोर्स में विभिन्न जीवों में डीएनए की नकल का अध्ययन भी शामिल है। बता दें कि यह कोर्स छात्रों को मानव शरीर का विस्तार से अध्ययन करने और उनकी मृत्यु के कारण का पता लगाने के लिए तैयार करता है।
चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएचडी फॉरेंसिक साइंस से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर फॉरेंसिक साइंस में पीएचडी के करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में फॉरेंसिक साइंस में पीएचडी करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

• कोर्स का नाम- डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन फॉरेंसिक साइंस
• कोर्स का प्रकार- डॉक्टरेट डिग्री
• कोर्स की अवधि- 3 से 5 साल तक
• एलिजिबिलिटी- पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम + पर्सनल इंट्रव्यू
• कोर्स फीस- 48,000 से 1,60,000 तक
• अवरेज सैलरी- 3 से 8 लाख तक
• टॉप फिल्ड- कॉलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल, प्रयोगशालाएं, अनुसंधान संगठन आदि।
• जॉब प्रोफाइल- प्रोफेसर, रिसर्चर, फॉरेंसिक कंस्लटेंट आदि।
पीएचडी फॉरेंसिक साइंस: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास फॉरेंसिक साइंस या उससे संबंधित विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।
• पीएचडी फॉरेंसिक साइंस में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के मास्टर डिग्री में न्यूनतम 55% अंक होना आवश्यक है।
• आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को 5% अंकों की छूट दी जाती है।
• इसके साथ ही, उम्मीदवार को एंट्रेंस एग्जाम में भी विश्वविद्यालय के मानकों तक स्कोर करना होता है, जो या तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं या यूजीसी-नेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं द्वारा आयोजित की जाती हैं।
पीएचडी फॉरेंसिक साइंस: एडमिशन प्रोसेस
किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में पीएचडी फॉरेंसिक साइंस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।
पीएचडी फॉरेंसिक साइंस के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है
चरण 1: रजिस्ट्रेशन
- उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
- ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
- आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
- मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन पत्र सबमिट करें।
- क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।
चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम
- यदि उम्मीदवार पीएचडी फॉरेंसिक साइंस में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
- बता दें कि पीएचडी इन फॉरेंसिक साइंस के लिए एडमिशन प्रोसेस यूजीसी- नेट, यूजीसी सीएसआईआर नेट, गेट, जेएनयू पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम, डीटीयू पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।
चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।
चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट
- एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
- इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है, और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डॉक्टरेट स्तर पर फॉरेंसिक साइंस का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।
पीएचडी फॉरेंसिक साइंस: सिलेबस
- एथिक्स एंड रिसर्च मैथेड्स इन फॉरेंसिक साइंस
- इंट्रोडक्शन टू फॉरेसिंक साइंस
- फॉरेसिंक साइंस एंड पॉलिसिंग
- डिजिटल इमेजिंग इन फॉरेसिक साइंस
- फॉरेंसिक एंथ्रोपोलॉजी इंट्रोडक्शन
- फॉरेंसिक एंथ्रोपोलॉजी एडवांसड
- फॉरेंसिक डीएनए एनालिसिस
- मेडिकल डेथ इंवेस्टीगेशन
- फॉरेंसिक एंड इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी
कॉलेज फक्लटी आमतौर पर छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि पीएचडी पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।
पीएचडी फॉरेंसिक साइंस: टॉप कॉलेज और उनकी फीस
- एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा- फीस 1,00,000
- पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़- फीस 11,600
- चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी चंडीगढ़- फीस 70,000
- इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान पटना- फीस 20,000
- एसजीटी यूनिवर्सिटी गुड़गांव- फीस 1,52,500
- गलगोटिया विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा- फीस 70,000
- ओपीजेएस यूनिवर्सिटी चुरू- फीस 85,900
- श्री कृष्णा यूनिवर्सिटी छतरपुर- फीस 94,000
- जी डी गोयनका विश्वविद्यालय गुड़गांव- फीस 1,70,000
- गुजरात फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी गांधी नगर- फीस 1,10,125
पीएचडी फॉरेंसिक साइंस: जॉब प्रोफाइल और सैलरी
- बायोमेडिकल रिसर्चर- सैलरी 5,50,000
- फॉरेंसिक कंस्लटेंट- सैलरी 4,50,000
- प्रोफेसर- सैलरी 7,00,000
- फॉरेंसिक ट्रेनर- सैलरी 4,30,000
- पोस्टमार्टम एक्सपर्ट- सैलरी 6,00,000
- फॉरेंसिक पैथेलॉजिस्ट- सैलरी 5,00,000


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