फाइन आर्ट्स में पीएचडी कैसे करें (Career in PHD Fine Arts)

डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन फाइन आर्ट्स एक शोध आधारित डॉक्टरेट स्तर का कोर्स है। पीएचडी फाइन आर्ट्स कोर्स पेंटिंग, ड्राइंग, हस्तशिल्प, मूर्तियां आदि सहित ललित कला के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित है। इस कोर्स की न्यूनतम अवधि 3 वर्ष है, लेकिन इसे 5 वर्ष की अवधि तक बढ़ाया जा सकता है।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएचडी इन फाइन आर्ट्स से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर फाइन आर्ट्स में पीएचडी करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में फाइन आर्ट्स में पीएचडी करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

फाइन आर्ट्स में पीएचडी कैसे करें

• कोर्स का नाम- डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन फाइन आर्ट्स
• कोर्स का प्रकार- डॉक्टरेट डिग्री
• कोर्स की अवधि- 3 से 5 साल तक
• एलिजिबिलिटी- मास्टर डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम/ मेरिट बेस्ड
• कोर्स फीस- 25,000 से 75,000 तक
• अवरेज सैलरी- 4 से 6 लाख तक
• जॉब प्रोफाइल- शिक्षक और प्रोफेसर, कला डिजाइनर, चित्रकार, आंतरिक सज्जाकार आदि।
• जॉब फिल्ड- फिल्म उद्योग, थिएटर, टेलीविजन उद्योग, फैशन उद्योग आदि।

 

पीएचडी इन फाइन आर्ट्स: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास फाइन आर्ट्स से संबंधित विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन या एम.फिल की डिग्री होनी चाहिए।
• पीएचडी इन फाइन आर्ट्स में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के पास मास्टर डिग्री में न्यूनतम 55% अंक होना आवश्यक है।
• आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5% अंकों की अतिरिक्त छूट दी जाती है।
• इसके साथ ही, उम्मीदवार को एंट्रेंस एग्जाम में भी विश्वविद्यालय के मानकों तक स्कोर करना होता है, जो या तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं या यूजीसी-नेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं द्वारा आयोजित की जाती हैं।

पीएचडी इन फाइन आर्ट्स: एडमिशन प्रोसेस
किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में पीएचडी इन फाइन आर्ट्स कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।

पीएचडी इन फाइन आर्ट्स के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है

चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार पीएचडी इन फाइन आर्ट्स में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि पीएचडी इन फाइन आर्ट्स के लिए एडमिशन प्रोसेस यूजीसी नेट, यूजीसी सीएसआईआर नेट, एएमयूईई आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

  • एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
  • इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डॉक्टरेट स्तर पर फाइन आर्ट्स का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

पीएचडी इन फाइन आर्ट्स: सिलेबस
सेमेस्टर 1

  • पश्चिमी कला का इतिहास
  • भारतीय कला का इतिहास
  • आधुनिक कला
  • समकालीन कला
  • अनुसंधान की विधियां
  • कला आलोचना
  • थीसिस लिखने की शैली
  • ललित कला तकनीक
  • पूर्व-आधुनिक कला

सेमेस्टर 2

  • भारतीय मूर्तियों का इतिहास
  • सौंदर्यशास्र
  • पश्चिमी मूर्तिकला का इतिहास
  • भारतीय हस्तशिल्प का इतिहास
  • भारतीय जनजातीय कला
  • भारतीय लोक कला
  • कला प्रबंधन और विपणन
  • पश्चिमी चित्रकला और मूर्तिकला में शैलीगत विकास
  • कला सिद्धांत के सिद्धांत

कॉलेज फक्लटी आमतौर पर छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि पीएचडी पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।

पीएचडी इन फाइन आर्ट्स: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • एसपीपीयू, पुणे- फीस 8,000
  • एएमयू, अलीगढ़- फीस 9,285
  • एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा- फीस 1,20,000
  • वीईएलएस विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उन्नत अध्ययन संस्थान, चेन्नई- फीस 28,500
  • लखनऊ विश्वविद्यालय- फीस 10,000
  • एमजीकेवीपी, वाराणसी- फीस 15,000
  • रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी, गुवाहाटी- फीस 1,41,000
  • सिंघानिया विश्वविद्यालय, झुंझुनू- फीस 66,500
  • एनआईयू, ग्रेटर नोएडा- फीस 1,02,000

पीएचडी इन फाइन आर्ट्स: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • 3 डी आर्टिस्ट- सैलरी 4 लाख
  • आर्ट डायरेक्टर- सैलरी 6 लाख
  • क्रिएटिव डायरेक्टर- सैलरी 10 लाख
  • ग्राफिक डिजाइनर- सैलरी 3 लाख
  • इंटिरियर डिजाइनर- सैलरी 3.16 लाख
  • कंसेप्ट आर्टिस्ट- सैलरी 4.20 लाख
  • पेंटर- सैलरी 3.3 लाख
  • स्कल्पचर- सैलरी 3.5 लाख

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English summary
Doctor of Philosophy in Fine Arts is a research-based doctoral level course. PhD Fine Arts course focuses on various aspects of fine arts including painting, drawing, handicrafts, sculptures etc. The minimum duration of this course is 3 years, but it can be extended up to a period of 5 years.
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