पीएचडी केमेस्ट्री क्या है? डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन केमिस्ट्री 3 से 6 साल तक की रिसर्च बेस्ड स्टडी होती है। इसमें छात्रों को बेसिक, लाइफ, मेडिकल, फिजिकल, एनर्जी, मेटेरियल्स और पर्यावरण विज्ञान से संबंधित रिसर्च और शिक्षण करियर के लिए तैयार किया जाता है। पीएचडी केमेस्ट्री में आमतौर पर भौतिक जैव रसायन, कार्बनिक केमेस्ट्री, अकार्बनिक केमेस्ट्री, एडवांस्ड विश्लेषणात्मक केमेस्ट्री आदि जैसे विषयों का अध्ययन शामिल होता है।
चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएचडी केमेस्ट्री से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर केमेस्ट्री में पीएचडी के करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में केमेस्ट्री में पीएचडी करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

• कोर्स का नाम- डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन केमिस्ट्री
• कोर्स का प्रकार- डॉक्टरेट डिग्री
• कोर्स की अवधि- 3 से 6 साल तक
• एलिजिबिलिटी- पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम
• कोर्स फीस- 80,000 से 3,00,000 तक
• अवरेज सैलरी- 15 लाख से 20 लाख तक
• जॉब फील्ड- केमिकल इंडस्ट्री, फुड इंडस्ट्री, केमिकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन आदि।
• जॉब प्रोफाइल- स्टाफ साइंटिस्ट, केमिस्ट, केमेस्ट्री प्रोफेसर, रिसर्च स्पेशलिस्ट आदि।
पीएचडी केमेस्ट्री : एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास विज्ञान में मास्टर डिग्री या संबंधित क्षेत्र में एम.फिल की डिग्री होनी चाहिए।
• पीएचडी केमेस्ट्री में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के मास्टर डिग्री में न्यूनतम 55% अंक होना आवश्यक है।
• इसके साथ ही, उम्मीदवार को एंट्रेंस एग्जाम में भी विश्वविद्यालय के मानकों तक स्कोर करना होता है, जो या तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं या यूजीसी-नेट और गेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं द्वारा आयोजित की जाती हैं।
पीएचडी केमेस्ट्री: एडमिशन प्रोसेस
किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी जैसे आईआईएससी बैंगलोर, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी बॉम्बे, आदि में पीएचडी केमेस्ट्री कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।
पीएचडी केमेस्ट्री के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है
चरण 1: रजिस्ट्रेशन
- पीएचडी केमेस्ट्री के लिए किसी भी कॉलेज में एडमिशन पाने के लिए, छात्रों को पहले या तो ऑनलाइन (या ऑफलाइन) के माध्यम रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होगा।
- यदि किसी यूनिवर्सिटी की अपना स्वयं का एंट्रेंस एग्जाम है, तो वे या तो छात्रों को एक अलग पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहते हैं।
- यदि यूनिवर्सिटी द्वारा स्वयं का एंट्रेंस एग्जाम आयोजित नहीं किया जा रहा है, तो छात्रों को इसके लिए मुख्य वेबसाइटों के माध्यम से अपने यूजीसी-नेट या गेट के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा।
चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम
- यदि उम्मीदवार पीएचडी केमेस्ट्री में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
- बता दें कि पीएचडी केमेस्ट्री में एडमिशन के लिए कुछ यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करती है जैसे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में LPUNEST है। जबकि अन्य यूनिवर्सिटी राष्ट्रीय स्तर के एंट्रेंस एग्जाम यूजीसी-नेट(NET) और गेट (GATE) के आधार पर एडमिशन देती हैं। उनके अलावा, CUCET (सीयूसीईटी) भी है जो केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए एक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट है।
चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिज्लट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।
चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट
- एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
- इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है, और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डॉक्टरेट स्तर पर केमेस्ट्री का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।
पीएचडी केमेस्ट्री: सिलेबस
कॉलेज फक्लटी आमतौर पर छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि पीएचडी पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।
- अध्ययन किए जाने वाले विषय
- जनरल स्ट्रक्चर
- रिसर्च मैथेडोलॉजी
- साइंटिफिक कम्युनिकेशन
- रिसेंट ट्रेंड इन केमेस्ट्री
पीएचडी केमेस्ट्री: टॉप कॉलेज और उनकी फीस
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलोर- फीस 35,200
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे- फीस 73,000
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर- फीस 28,900
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर- फीस 64,050
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की- फीस 28,500
- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान तिरुचिरापल्ली- [एनआईटीटी] - फीस 59,250
- चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी- फीस 85,000
- जादवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता- फीस30,000
- एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा- फीस 1,00,000
- लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, जालंधर- फीस 95,000
पीएचडी केमेस्ट्री: जॉब प्रोफाइल और सैलरी
- केमिकल रिसर्चर- सैलरी 14 लाख
- मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट- सैलरी 10 लाख
- जूनियर साइंटिस्ट- सैलरी 11 लाख
- रिसर्च केमिस्ट- सैलरी 14 लाख
- फॉरेंसिक केमिस्ट- 16 लाख
- गवर्मेंट रेग्युलेटर- 20 लाख


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