डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन बायोमेडिकल साइंस 3 साल तक की अवधि का डेक्टरेट लेवल का फुल-टाइम कोर्स है। बता दें कि बायोमेडिकल- चिकित्सा और जीव विज्ञान की एक शाखा है। यह आपको जैव रासायनिक और शारीरिक कार्यों, शारीरिक, ऊतकीय, महामारी विज्ञान और औषधीय संरचनाओं की अपनी समझ को बढ़ाने के लिए एक शोध परियोजना का संचालन करने की अनुमति देता है।
चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएचडी बायोमेडिकल साइंस से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर बायोमेडिकल साइंस में पीएचडी के करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में बायोमेडिकल साइंस में पीएचडी करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

• कोर्स का नाम- डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन बायोमेडिकल साइंस
• कोर्स का प्रकार- डॉक्टरेट डिग्री
• कोर्स की अवधि- 3 साल
• एलिजिबिलिटी- मास्टर डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम + इंटरव्यू
• कोर्स फीस- 10,000 से 2,00,000
• अवरेज सैलरी- 2 से 10 लाख तक
• जॉब प्रोफाइल- बायोमेडिकल ऑफिसर, पैकेजिंग ऑफिसर, रिसर्च असिस्टेंट आदि।
पीएचडी बायोमेडिकल साइंस: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास बायोमेडिकल साइंस या उससे संबंधित विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।
• पीएचडी बायोमेडिकल साइंस में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के पास मास्टर डिग्री में न्यूनतम 60% अंक होना आवश्यक है।
• आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को 5% अंकों की छूट दी जाती है।
• इसके साथ ही, उम्मीदवार को एंट्रेंस एग्जाम में भी विश्वविद्यालय के मानकों तक स्कोर करना होता है, जो या तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं या यूजीसी-नेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं द्वारा आयोजित की जाती हैं।
• मास्टर डिग्री कर रहे अंतिम वर्ष के छात्र भी इस कोर्स में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम दे सकते हैं।
पीएचडी बायोमेडिकल साइंस: एडमिशन प्रोसेस
किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में पीएचडी बायोमेडिकल साइंस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।
पीएचडी बायोमेडिकल साइंस के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है
चरण 1: रजिस्ट्रेशन
- उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
- ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
- आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
- मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन पत्र सबमिट करें।
- क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।
चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम
- यदि उम्मीदवार पीएचडी बायोमेडिकल साइंस में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
- बता दें कि पीएचडी इन बायोमेडिकल साइंस के लिए एडमिशन प्रोसेस यूजीसी- नेट, यूजीसी सीएसआईआर नेट, आईसीएमआर जेआरएफ, गेट, सीयूसीईटी आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।
चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।
चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट
- एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
- इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है, और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डॉक्टरेट स्तर पर बायोमेडिकल साइंस का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।
पीएचडी बायोमेडिकल साइंस: सिलेबस
- बायोमेडिकल इमेजिंग सिस्टम
- बायोमेकेनिक्स
- सिगनल प्रोसेसिंग
- इमेज प्रोसेसिंग
- डिजाइन ऑफ अलगोरिदमस
- डाटा स्ट्रक्चर
- बायोमेडिकल इंस्ट्रयूमेंटेशन
- फिल्ड स्टडी
- डिसर्टेशन
- प्रोजेक्ट वर्क
- थिसिस जनरेशन
कॉलेज फक्लटी आमतौर पर छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि पीएचडी पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।
पीएचडी बायोमेडिकल साइंस: टॉप कॉलेज और उनकी फीस
- आईआईटी मद्रास, चेन्नई- फीस 19,670
- हैदराबाद विश्वविद्यालय- फीस 11210
- दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली- फीस 15,000
- किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ- फीस 51,600
- मदुरै कामराज विश्वविद्यालय- फीस 1,13,650
- चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, चंडीगढ़- फीस 70,000
- निम्स विश्वविद्यालय, जयपुर- फीस 60,000
- एपीजे सत्य विश्वविद्यालय, गुड़गांव- फीस 1,20,000
- एमआईटी स्कूल ऑफ बायोइंजीनियरिंग साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर, पुणे- फीस 1,87,000
- जिगर और पित्त विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली- फीस 33,000
- डॉ. बी. आर. अम्बेडकर सेंटर फॉर बायोमेडिकल रिसर्च, नई दिल्ली- फीस 10,860
- स्कूल ऑफ बायोसाइंस, गुड़गांव- फीस 1,20,000
पीएचडी बायोमेडिकल साइंस: जॉब प्रोफाइल और सैलरी
- बायोमेडिकल ऑफिसर- सैलरी 7,00,000
- पैकेजिंग ऑफिसर- सैलरी 4,06,000
- रिसर्च असिस्टेंट- सैलरी 5,06,000
- पेटेंट एनालिस्ट- सैलरी 5,00,000
- बायोमेकेनिक इंजिनियर- सैलरी 7,00,000
- क्लिनिकल इंजीनियर- सैलरी 10,00,000


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