अरेबिक में पीएचडी कैसे करें (Career in PHD Arabic)

डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन अरेबिक एक शोध आधारित 3 साल की अवधि का डॉक्टरेट स्तर का कोर्स है। पीएचडी इन अरेबिक कोर्स में न केवल अरबी साहित्य के शास्त्रीय और नए सिद्धांतों, तुलनात्मक साहित्य, देशी साहित्य, मध्यकालीन और आधुनिक साहित्य जैसे विषयों के रूप में भाषा का विवरण शामिल है, बल्कि ऐसे विषय भी हैं जो संपूर्ण अवलोकन प्रदान करते हैं। बता दें, यह कोर्स उन लोगों के लिए सबसे उपयुक्त है जो अरबी भाषा और इसके साहित्य में रुचि रखते हैं।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएचडी इन अरेबिक से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर अरेबिक में पीएचडी करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में अरेबिक में पीएचडी करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

अरेबिक में पीएचडी कैसे करें

• कोर्स का नाम- डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन अरेबिक
• कोर्स का प्रकार- डॉक्टरेट डिग्री
• कोर्स की अवधि- 3 साल
• एलिजिबिलिटी- मास्टर डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम
• कोर्स फीस- 10,000 से 40,000 तक
• अवरेज सैलरी- 2 से 3 लाख तक
• जॉब प्रोफाइल- अनुवादक, भाषा विशेषज्ञ, प्रोफेसर, ट्यूटर, शोधकर्ता आदि।
• जॉब फील्ड- शैक्षिक संस्थान, भाषा अनुसंधान संगठन आदि।

 

पीएचडी इन अरेबिक: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास अरेबिक से संबंधित विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन या एम.फिल की डिग्री होनी चाहिए।
• पीएचडी इन अरेबिक में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के पास मास्टर डिग्री में न्यूनतम 50% अंक होना आवश्यक है।
• आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5% अंकों की अतिरिक्त छूट दी जाती है।
• इसके साथ ही, उम्मीदवार को एंट्रेंस एग्जाम में भी विश्वविद्यालय के मानकों तक स्कोर करना होता है, जो या तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं या यूजीसी-नेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं द्वारा आयोजित की जाती हैं।

पीएचडी इन अरबी: एडमिशन प्रोसेस
किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में पीएचडी इन अरेबिक कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।

पीएचडी इन अरेबिक के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है

चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार पीएचडी इन अरेबिक में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि पीएचडी इन अरेबिक के लिए एडमिशन प्रोसेस यूजीसी नेट, सीएसआईआर नेट, गेट जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

  • एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
  • इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डॉक्टरेट स्तर पर अरेबिक का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

पीएचडी इन अरेबिक: सिलेबस

  • रिसर्च मेथेडलॉजी
  • साहित्यिक आलोचना
  • भारत में अरबी साहित्य
  • अरबी कविता
  • आधुनिक अरबी साहित्य में साहित्यिक रुझान
  • आधुनिक अरबी फिक्शन

कॉलेज फक्लटी आमतौर पर छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि पीएचडी पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।

पीएचडी इन अरेबिक: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • अंग्रेजी और विदेशी भाषा विश्वविद्यालय, हैदराबाद- फीस 11295
  • फारूक कॉलेज, केरल
  • गुवाहाटी विश्वविद्यालय- फीस 26400
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, दिल्ली- फीस 14000
  • जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली- फीस 38510
  • मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय, हैदराबाद- फीस 37500
  • दिल्ली विश्वविद्यालय
  • मद्रास विश्वविद्यालय, चेन्नई- फीस 27720

पीएचडी इन अरेबिक: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • लैंगुएज स्पेशलिस्ट- सैलरी 4 लाख
  • ट्रांसलेटर- सैलरी 5 लाख
  • जर्नलिस्ट- सैलरी 4 लाख
  • प्रोफेसर- सैलरी 6 लाख
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English summary
Doctor of Philosophy in Arabic is a research based doctoral level course of 3 years duration. The PhD in Arabic course covers not only the description of language in the form of subjects such as classical and new theories of Arabic literature, comparative literature, vernacular literature, medieval and modern literature, but also topics that provide a complete overview.
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