अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप (NOS) के आवेदन की प्रक्रिया जल्द ही समाप्त होने वाली है। जनजातीय कार्य मंत्रालय 15 जुलाई को शाम 5:30 बजे आवेदन का पोर्टल बंद कर देगा। यह योजना विदेश में MS और PhD करने के लिए पूरी फंडिंग मुहैया कराती है। इसका मुख्य उद्देश्य कम आय वाले परिवारों के होनहार छात्रों को दुनिया की बेहतरीन यूनिवर्सिटीज तक पहुंचाना और शिक्षा के क्षेत्र में मौजूद अंतर को कम करना है।
उम्मीदवारों को अब तेजी दिखानी होगी क्योंकि 48 घंटे की डेडलाइन करीब आ रही है। पात्रता के लिए परिवार की सालाना आय ₹6 लाख से कम होनी चाहिए। ज्यादातर पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज के लिए आवेदक की उम्र 35 साल से कम होना जरूरी है। यह स्कॉलरशिप न केवल ट्यूशन फीस, बल्कि रहने का खर्च और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा का किराया भी कवर करती है, जिससे आदिवासी परिवारों पर पढ़ाई का आर्थिक बोझ काफी कम हो जाता है।

नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप (ST): जानें योग्यता और मिलने वाले फायदे
चयन प्रक्रिया में मेरिट और छात्र की आर्थिक जरूरत को प्राथमिकता दी जाती है। शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों को यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने के लिए दो साल का समय दिया जाता है। इस फंडिंग में किताबों और विदेश में लोकल ट्रैवल के लिए मिलने वाला अलाउंस भी शामिल है। इतनी व्यापक मदद से छात्र बिना किसी वित्तीय चिंता के अपनी रिसर्च पर ध्यान दे सकते हैं। इस साल, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के लिए 20 सीटें आरक्षित की गई हैं।
| मापदंड | विवरण |
|---|---|
| आय सीमा | ₹6,00,000 सालाना से कम |
| कोर्स का स्तर | मास्टर्स, पीएचडी, पोस्ट-डॉक |
| उम्र सीमा | अधिकतम 35 वर्ष |
| आखिरी तारीख | 15 जुलाई, 2026, शाम 5:30 बजे |
आवेदकों को ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा और फॉर्म भरना होगा। अपलोड करने के लिए अपना ST सर्टिफिकेट और इनकम प्रूफ पहले से तैयार रखें। सभी PDF फाइलों को तय नाम और साइज के हिसाब से ही अपलोड करें। फाइनल अप्रूवल के लिए सभी दस्तावेजों में जानकारी का एक समान होना बेहद जरूरी है। पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों और आखिरी समय की भीड़ से बचने के लिए समय रहते आवेदन पूरा कर लें।
नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप (ST): सबमिट करने से पहले ये चेकलिस्ट जरूर देख लें
सबमिट बटन दबाने से पहले अपने पासपोर्ट और टेस्ट स्कोर की दोबारा जांच कर लें। दस्तावेजों में किसी भी तरह की विसंगति होने पर आवेदन तुरंत खारिज किया जा सकता है। आजकल सरकार हर एंट्री का मिलान आधिकारिक डेटाबेस से बहुत सख्ती से करती है। छात्रों को अपने फाइनल सबमिशन की एक साफ कॉपी रिकॉर्ड के लिए रखनी चाहिए, जो भविष्य में वेरिफिकेशन या किसी अपील के दौरान काम आ सकती है।
यह स्कॉलरशिप किसी भी छात्र के करियर की दिशा को हमेशा के लिए बदल सकती है। यह बिना किसी कर्ज के ग्लोबल एक्सपोजर पाने का एक दुर्लभ अवसर है। योग्य उम्मीदवार जुलाई की डेडलाइन खत्म होने से पहले अपना आवेदन जरूर पूरा कर लें। विदेश जाने की आपकी राह आसान हो, इसके लिए सभी जरूरी शर्तों पर ध्यान दें। एक विदेशी यूनिवर्सिटी तक पहुंचने का आपका सफर इसी आखिरी कोशिश से शुरू होता है।


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