नर्सिंग में एम.फिल. कैसे करें (Career in M.Phil. Nursing)

मास्टर ऑफ फिलॉसफी इन नर्सिंग 2 साल की अवधि का पोस्ट ग्रेजुएट रिसर्च स्तर का कोर्स है। एम.फिल इन नर्सिंग कोर्स उन छात्रों के लिए डिजाइन किया गया जो अकादमिक और शोध में अपना करियर बनाने में रुचि रखते हैं। बता दें कि, ये कोर्स हेल्थकेयर प्रोफेशनल बनाने पर केंद्रित है जो बीमारियों और स्वास्थ्य के मुद्दों के रोगियों की देखभाल कर सकते हैं और सर्जरी और उपचार के माध्यम से डॉक्टरों की सहायता कर सकते हैं।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको एम.फिल इन नर्सिंग से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर नर्सिंग में एम.फिल करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में नर्सिंग में एम.फिल करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

नर्सिंग में एम.फिल. कैसे करें

• कोर्स का नाम- मास्टर ऑफ फिलॉसफी इन नर्सिंग
• कोर्स का प्रकार- पोस्ट ग्रेजुएट रिसर्च
• कोर्स की अवधि- 2 साल
• एलिजिबिलिटी- मास्टर डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम
• कोर्स फीस- 20,000 से 1,50,000 तक
• अवरेज सैलरी- 15,000 से 45,000 तक
• जॉब प्रोफाइल- वरिष्ठ शोधकर्ता, परियोजना प्रबंधक, नर्सिंग प्रशिक्षक, परियोजना प्रबंधक, विश्वविद्यालय व्याख्याता, आदि।
• टॉप रिक्रूटर्स- सरकारी अस्पताल, नर्सिंग होम, निजी अस्पताल, अनुसंधान केंद्र, विश्वविद्यालय, आदि।

 

एम.फिल इन नर्सिंग: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास नर्सिंग से संबंधित विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।
• एम.फिल इन नर्सिंग में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के पास मास्टर डिग्री में न्यूनतम 55% अंक होना आवश्यक है।
• आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5% अंकों की अतिरिक्त छूट दी जाती है।
• इसके साथ ही, उम्मीदवार को एंट्रेंस एग्जाम में भी विश्वविद्यालय के मानकों तक स्कोर करना होता है, जो या तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं या यूजीसी-नेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं द्वारा आयोजित की जाती हैं।

एम.फिल इन नर्सिंग: एडमिशन प्रोसेस
किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में नर्सिंग में एम.फिल कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।

एम.फिल इन नर्सिंग के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है

चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार एम.फिल इन नर्सिंग में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि एम.फिल इन नर्सिंग के लिए एडमिशन प्रोसेस डीयूईटी, जेआईपीएमईआर आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

  • एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
  • इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें एम.फिल का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

एम.फिल इन नर्सिंग: सिलेबस
ईयर I

  • टेकिंग रिसर्च ट्रेनिंग कोर्स
  • डेवलप रिसर्च एंड ट्रांसफरेबल स्किल्स
  • विकास पद्धति
  • अनुसंधान डिजाइनिंग
  • आधुनिक भारतीय दर्शन
  • नर्सिंग के प्रमुख पहलू

ईयर II

  • नर्सिंग प्रशासन और नेतृत्व
  • नर्सिंग में अनुसंधान
  • डेटा का विश्लेषण उत्पन्न करना
  • डेटा व्याख्या
  • केस विश्लेषण
  • थीसिस लिखना

कॉलेज फक्लटी आमतौर पर छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि मास्टर पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।

एम.फिल इन नर्सिंग: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • देश भगत विश्वविद्यालय- फीस 2 लाख
  • विनायक मिशन अन्नपूर्णा कॉलेज ऑफ नर्सिंग- फीस 80,000
  • मणिपाल नर्सिंग कॉलेज- फीस 1.55 लाख
  • इंदौर नर्सिंग कॉलेज- फीस 62,000
  • राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय- फीस 1,43,800
  • एमजीआर मेडिकल यूनिवर्सिटी- फीस 72,000
  • दिल्ली विश्वविद्यालय- फीस 40,000

एम.फिल इन नर्सिंग: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • प्रोफेसर- सैलरी 5 लाख
  • पीडियाट्रिक नर्स- सैलरी 4 लाख
  • स्टाफ नर्स- सैलरी 3 लाख
  • प्रोडक्शन मैनेजर- सैलरी 7 लाख
  • क्वालिटी कंट्रोल एग्जीक्यूटिव मैनेजर- सैलरी 4 लाख
  • असिस्टेंट मार्केटिंग मैनेजर- सैलरी 4 लाख
  • चीफ नर्सिंग ऑफिसर- सैलरी 10 लाख

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English summary
Master of Philosophy in Nursing is a post graduate research level course of 2 years duration. M.Phil in Nursing course designed for students who are interested in pursuing a career in academics and research. The course focuses on creating healthcare professionals who can care for patients with illnesses and health issues, assisting doctors through surgery and treatment.
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