इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (ICSSR) की डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए आवेदन करने का समय अब खत्म होने वाला है। अगर आप सोशल साइंस के रजिस्टर्ड स्कॉलर हैं, तो आपको बिना देर किए तुरंत अप्लाई करना चाहिए। आवेदन की आखिरी तारीख 14 जुलाई, 2026 तय की गई है। यह फेलोशिप रिसर्चर्स को जरूरी आर्थिक मदद मुहैया कराती है, जिसके तहत स्कॉलर्स को हर महीने 20 हजार रुपये का स्टाइपेंड दिया जाता है। इस सपोर्ट की मदद से छात्र पूरी तरह से अपने रिसर्च प्रोजेक्ट पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
योग्य उम्मीदवार अपनी जरूरत के हिसाब से फुल-टर्म या शॉर्ट-टर्म फेलोशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं। फुल-टर्म विकल्प में हर महीने 20 हजार रुपये के साथ-साथ रिसर्च से जुड़े खर्चों के लिए सालाना कंटिंजेंसी ग्रांट भी मिलती है। वहीं, शॉर्ट-टर्म फेलोशिप उन स्कॉलर्स के लिए है जो अपनी थीसिस पूरी करने के आखिरी चरण में हैं। इस फेलोशिप का मकसद सोशल साइंस के विभिन्न क्षेत्रों में हाई-क्वालिटी रिसर्च को बढ़ावा देना है। आवेदन करने से पहले उम्मीदवार अपने संस्थान की मान्यता की जांच जरूर कर लें।

ICSSR डॉक्टोरल फेलोशिप: क्या है योग्यता और जरूरी शर्तें?
इस फेलोशिप के लिए उम्मीदवार का सोशल साइंस के किसी विषय में पीएचडी (PhD) के लिए रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। साथ ही, उनका संस्थान यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) से मान्यता प्राप्त होना चाहिए। आवेदन के लिए सुपरवाइजर और मूल संस्थान से एंडोर्समेंट (मंजूरी) मिलना सबसे जरूरी शर्त है। उम्मीदवारों को अपना रिसर्च प्रपोजल और उम्र का प्रमाण भी देना होगा। अगर आप कहीं कार्यरत हैं, तो आपको अपने नियोक्ता से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जमा करना होगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि रिसर्च ही आपकी प्राथमिकता है।
| खासियत | फुल-टर्म फेलोशिप | शॉर्ट-टर्म फेलोशिप |
|---|---|---|
| मंथली स्टाइपेंड | 20,000 रुपये | 20,000 रुपये |
| कंटिंजेंसी ग्रांट | 20,000 रुपये सालाना | 10,000 रुपये (एक बार) |
फेलोशिप के लिए आवेदन करने के लिए ICSSR के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। फॉर्म भरते समय सभी कैटेगरी और एकेडमिक सर्टिफिकेट्स को सही तरीके से अपलोड करना सुनिश्चित करें। ऑनलाइन वेरिफिकेशन के लिए पोर्टल पर ओरिजिनल सर्टिफिकेट्स की डिजिटल कॉपी की जरूरत होगी। स्कॉलर्स को यह पूरी प्रक्रिया समय रहते पूरी कर लेनी चाहिए। एक वैध आवेदन के लिए संस्थान का फॉरवर्डिंग लेटर होना अनिवार्य है। आखिरी घंटों में होने वाली तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए बेहतर होगा कि आप समय से पहले ही फॉर्म सबमिट कर दें। सही और पूरे दस्तावेज ही आपके आवेदन की सफलता का आधार हैं।
यह फेलोशिप न केवल आर्थिक स्थिरता देती है, बल्कि स्कॉलर्स को एक खास एकेडमिक पहचान भी दिलाती है। यह उन लोगों के लिए एक शानदार मौका है जो भारतीय शिक्षा जगत (Academia) में अपना करियर बनाना चाहते हैं और सोशल साइंस में सार्थक रिसर्च करना चाहते हैं। भरे हुए फॉर्म हर हाल में 14 जुलाई, 2026 तक काउंसिल के पास पहुंच जाने चाहिए। अपने रिसर्च करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का यह मौका हाथ से न जाने दें। सभी नियमों और शर्तों की विस्तृत जानकारी के लिए ऑफिशियल पोर्टल पर दी गई गाइडलाइंस को ध्यान से पढ़ें।


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