दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन के लिए कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) पोर्टल खोल दिया है। जिन छात्रों ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) दिया है, उन्हें अब रजिस्ट्रेशन करना होगा। इस फेज में उम्मीदवारों की प्रोफाइल को उनके ऑफिशियल एंट्रेंस स्कोर के साथ जोड़ा जाएगा। टॉप कॉलेजों में अपनी सीट पक्की करने की दिशा में यह पहला और सबसे अहम कदम है।
फेज-I के दौरान, आवेदकों को अपना पर्सनल डैशबोर्ड बनाना होगा और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। सिस्टम आपकी जानकारी जैसे नाम और फोटो सीधे एंट्रेंस एप्लीकेशन पोर्टल से उठा लेगा। अगर इस जानकारी में कोई भी गड़बड़ी होती है, तो फाइनल सीट अलॉटमेंट के समय तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। जरूरी अपडेट्स मिलते रहें, इसके लिए उम्मीदवार अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स को अच्छी तरह वेरिफाई कर लें। इस डिजिटल सिंक के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि आपके स्कोर यूनिवर्सिटी डेटाबेस से सही तरीके से जुड़ जाएं।

DU UG 2026 रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन करने के लिए आपके पास कक्षा 12वीं की मार्कशीट और एंट्रेंस स्कोरकार्ड होना अनिवार्य है। जो छात्र रिजर्वेशन का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें अपनी कैटेगरी (जैसे OBC-NCL या EWS) के वैध सर्टिफिकेट अपलोड करने होंगे। ध्यान रखें कि ये सर्टिफिकेट कट-ऑफ तारीख के बाद जारी किए गए हों, तभी वे मान्य होंगे। यह भी सुनिश्चित करें कि स्कैन की गई कॉपियां बिल्कुल साफ हों और फाइल साइज तय सीमा के भीतर ही हो।
| रजिस्ट्रेशन फेज | मुख्य लक्ष्य और प्रक्रिया |
|---|---|
| फेज I | प्रोफाइल बनाना और स्कोर सिंक करना |
| फेज II | कोर्स और कॉलेज की पसंद (Preference) भरना |
| फेज III | सीट अलॉटमेंट और एडमिशन कन्फर्म करना |
CSAS पोर्टल में अलॉटमेंट और टाई-ब्रेक के नियम
अगर दो या उससे ज्यादा छात्रों के एंट्रेंस स्कोर बराबर रहते हैं, तो यूनिवर्सिटी एक खास 'टाई-ब्रेक' लॉजिक का इस्तेमाल करती है। ऐसी स्थिति में कक्षा 12वीं के विषयों में ज्यादा नंबर लाने वाले छात्र को प्राथमिकता दी जाती है। वहीं, एक्स्ट्रा-करिकुलर एक्टिविटीज (ECA) या स्पोर्ट्स कोटा के तहत अप्लाई करने वाले छात्रों को फिजिकल ट्रायल के लिए तैयार रहना चाहिए। उनकी फाइनल रैंक तय करने में एकेडमिक स्कोर के साथ-साथ इन ट्रायल्स की भी बड़ी भूमिका होती है। इन नियमों को समझकर छात्र फेज-II के दौरान बेहतर तरीके से अपने कॉलेज की पसंद चुन सकते हैं।
फेज-II में छात्रों को जल्द ही अपने पसंदीदा कॉलेज और कोर्स चुनने का मौका मिलेगा। आखिरी समय में सर्वर पर ट्रैफिक बढ़ने की समस्या से बचने के लिए बेहतर होगा कि आप रजिस्ट्रेशन जल्दी पूरा कर लें। सभी अपलोड किए गए डॉक्यूमेंट्स को दोबारा चेक करें और पेमेंट स्टेटस जरूर वेरिफाई करें। इस व्यवस्थित प्रक्रिया को अपनाकर आप दिल्ली यूनिवर्सिटी के किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन की राह आसान बना सकते हैं।


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