यूजीसी नेट (UGC NET) जून 2026 परीक्षा का दूसरा दिन भी सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। दोनों शिफ्ट में शामिल हुए उम्मीदवारों के मुताबिक, पहले दिन के मुकाबले आज सवालों के वेटेज में बदलाव देखने को मिला। इस ट्रेंड से संकेत मिल रहे हैं कि अलग-अलग विषयों के फाइनल कट-ऑफ स्कोर में भी उतार-चढ़ाव आ सकता है।
पहली शिफ्ट में पेपर-1 का स्तर 'मॉडरेट' यानी मध्यम रहा, जिसमें लॉजिकल रीजनिंग से जुड़े विश्लेषणात्मक (analytical) सवाल पूछे गए। रिसर्च मेथोडोलॉजी और टीचिंग एप्टीट्यूड सेक्शन में रट्टा मारने के बजाय कॉन्सेप्ट की गहरी समझ की जरूरत महसूस हुई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार डेटा इंटरप्रिटेशन (DI) थोड़ा कठिन था। इन महत्वपूर्ण यूनिट्स में अच्छे अंक हासिल करने के लिए छात्रों को अपनी कैलकुलेशन स्पीड पर काम करना होगा।

UGC NET 2026: दूसरे दिन कैसा रहा पेपर और क्या थे सवाल?
छात्रों से मिले फीडबैक के आधार पर पता चला है कि इस बार हायर एजुकेशन पॉलिसी और पर्यावरण से जुड़ी नई पहलों पर खास फोकस रहा। सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG) जैसे टॉपिक कई विषयों के पेपर में बार-बार देखे गए। इसके अलावा जनरल पेपर में प्राचीन भारतीय विश्वविद्यालयों और इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (ICT) से जुड़े सवाल भी पूछे गए। आने वाली शिफ्ट के उम्मीदवारों को इन विषयों को अच्छे से दोहरा लेना चाहिए ताकि वे पेपर के पैटर्न को समझ सकें।
| एग्जाम सेक्शन | कठिनाई का स्तर | अच्छे प्रयासों की संख्या (Good Attempts) |
|---|---|---|
| जनरल पेपर 1 | मध्यम (Moderate) | 32-36 सवाल |
| सब्जेक्ट पेपर 2 | मध्यम से कठिन | 65-72 सवाल |
कॉमर्स और हिस्ट्री जैसे विषयों के पेपर-2 में काफी तकनीकी और कठिन सवाल पूछे गए। पेपर के इस बढ़ते स्तर की वजह से अक्सर ओवरऑल कट-ऑफ मार्क्स में थोड़ी गिरावट देखी जाती है। अगर आपको कुछ सवाल प्रैक्टिस के मुकाबले ज्यादा चुनौतीपूर्ण लगे हों, तो घबराएं नहीं। कॉम्पिटिशन में आगे रहने के लिए अपनी एक्यूरेसी (सटीकता) बनाए रखने पर ध्यान दें।
UGC NET जून 2026: आखिरी समय के लिए रिवीजन स्ट्रैटेजी
जिन उम्मीदवारों की परीक्षा अभी होनी है, वे नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 को अपने रिवीजन में प्राथमिकता दें। इस साल अलग-अलग शिफ्ट में एग्जामिनर्स का यह पसंदीदा टॉपिक बना हुआ है। 24 जून को परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए इन शिफ्ट्स का एनालिसिस एक रोडमैप की तरह काम करेगा। प्रोविजनल आंसर-की के शेड्यूल के लिए इस महीने के अंत में आधिकारिक पोर्टल चेक करते रहें।
इस परीक्षा में सफलता पेपर-1 में स्थिरता और पेपर-2 में विषय की गहरी जानकारी के बीच संतुलन बनाने पर निर्भर करती है। भले ही आज की शिफ्ट चुनौतीपूर्ण रही हो, लेकिन नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया सभी के लिए निष्पक्ष परिणाम सुनिश्चित करेगी। अपने जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और शांत मन से परीक्षा दें। आपकी मेहनत और सही रणनीति ही इस प्रतिष्ठित नेशनल एग्जाम को पास करने की कुंजी है।


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