नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने साल 2026 के लिए MBBS सीट मैट्रिक्स जारी कर दी है। मेडिकल की पढ़ाई करने का सपना देख रहे छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि इस बार 9,911 नई सीटें जोड़ी गई हैं। इसके साथ ही अब देश भर में कुल सीटों की संख्या बढ़कर 1.36 लाख हो गई है। इस बदलाव का सीधा असर NEET UG एडमिशन साइकिल पर पड़ेगा, जिससे हजारों और छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले का मौका मिलेगा। आवेदन करने से पहले अपनी कैटेगरी के हिसाब से स्टेट-वाइज ब्रेकडाउन जरूर चेक कर लें। सीटों में यह बढ़ोतरी मेडिकल एस्पिरेंट्स के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है।
इस विस्तार के तहत अलग-अलग जिलों में 25 नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। कर्नाटक और तमिलनाडु को इस फेज में सबसे ज्यादा फायदा मिला है। इन राज्यों में आमतौर पर कट-ऑफ काफी हाई रहती है, ऐसे में यह फैसला छात्रों के लिए समय पर मिली बड़ी राहत है। उम्मीदवार अपनी फाइनल प्रेफरेंस लिस्ट तैयार करते समय इन नए कॉलेजों को जरूर शामिल करें, ताकि ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की बढ़ी हुई सीटों का पूरा फायदा उठाया जा सके। नए मान्यता प्राप्त कॉलेजों की लिस्ट को लेकर अपडेटेड रहें।

MBBS सीट मैट्रिक्स: किस राज्य को कितनी मिलीं सीटें?
कर्नाटक में 1,500 से ज्यादा और तमिलनाडु में करीब 1,200 नई सीटें जोड़ी गई हैं। उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी सीटों की संख्या में बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है। इस बदलाव से कई कैटेगरी के लिए स्टेट-स्पेसिफिक क्लोजिंग रैंक नीचे आने की उम्मीद है। अब स्थानीय छात्रों के लिए सीट पक्की करने की संभावना पहले से बेहतर हो गई है। सटीक प्लानिंग के लिए पिछले साल के डेटा से मौजूदा सीटों की तुलना जरूर करें।
NEET कट-ऑफ और सीट मैट्रिक्स पर ताजा अपडेट
| राज्य का नाम | जोड़ी गई नई सीटें | अनुमानित कुल सीटें |
|---|---|---|
| Karnataka | 1,550 | 12,800 |
| Tamil Nadu | 1,250 | 12,250 |
| Maharashtra | 900 | 11,450 |
| Uttar Pradesh | 850 | 10,250 |
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन 9,911 अतिरिक्त सीटों से नेशनल कट-ऑफ के ट्रेंड में नरमी आएगी। हालांकि टॉप कॉलेजों के लिए मुकाबला कड़ा रहेगा, लेकिन मिडिल-टियर कॉलेजों की रैंक में लचीलापन देखने को मिल सकता है। ज्यादा सीटें होने से उन छात्रों को राहत मिलेगी जिन्होंने अच्छे अंक हासिल किए हैं। सीटों के विस्तृत विवरण के लिए छात्र मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के पोर्टल को चेक करते रहें। काउंसलिंग के दौरान चॉइस फिलिंग के लिए इस बदलाव को समझना बेहद जरूरी है।
सीटों में यह बढ़ोतरी देश में डॉक्टर और मरीज के अनुपात को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे छात्रों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश जाने की जरूरत भी कम होगी। जल्द ही राज्यों के पोर्टल पर ऑफिशियल काउंसलिंग शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। अच्छी तरह रिसर्च करके बनाई गई कॉलेज लिस्ट आपको इस कड़े मुकाबले के बावजूद सीट दिलाने में मदद करेगी। 2026 बैच के लिए यह अपडेट एक सकारात्मक माहौल लेकर आया है।


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