कर्नाटक के इंजीनियरिंग, मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एडमिशन की चाहत रखने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। COMEDK जल्द ही मॉक चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इसके लिए विंडो 11 जुलाई को शाम 4 बजे खुलेगी और 13 जुलाई को ठीक शाम 4 बजे बंद हो जाएगी। उम्मीदवार अब रिवाइज्ड प्रोविजनल सीट मैट्रिक्स और फीस स्ट्रक्चर भी देख सकते हैं। अपनी पसंद की सीट पक्की करने के लिए यह स्टेप बेहद जरूरी है।
इस मॉक फेज के जरिए छात्र प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में अपनी संभावनाओं का अंदाजा लगा सकते हैं। 2026 सेशन के लिए जारी अपडेटेड सीट मैट्रिक्स में सीटों की नई संख्या की जानकारी दी गई है। अपनी पसंद (Preferences) भरने से पहले इन डिटेल्स को ध्यान से जरूर चेक कर लें। इससे आपको राउंड 1 अलॉटमेंट के लिए एक प्रैक्टिकल लिस्ट तैयार करने में मदद मिलेगी।

COMEDK 2026: मॉक चॉइस फिलिंग के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
ऑनलाइन प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए उम्मीदवारों को लॉग-इन करना होगा और ज्यादा से ज्यादा विकल्प भरने चाहिए। टॉप रैंकिंग वाले कॉलेजों को ऊपर रखने के लिए 'रीऑर्डर टूल' का इस्तेमाल करें। अपनी प्रोग्रेस को समय-समय पर सेव करते रहें ताकि कोई भी एंट्री डिलीट न हो। यह ट्रायल रन आपको इस साल के कॉम्पिटिशन लेवल को समझने का एक शानदार मौका देता है।
| इवेंट का प्रकार | जरूरी शेड्यूल |
|---|---|
| मॉक फिलिंग की शुरुआत | 11 जुलाई, शाम 4:00 बजे |
| मॉक फिलिंग की समाप्ति | 13 जुलाई, शाम 4:00 बजे |
| रिवाइज्ड मैट्रिक्स स्टेटस | पोर्टल पर लाइव |
ध्यान रहे कि मॉक राउंड का मतलब फाइनल एडमिशन या सीट की गारंटी नहीं है। यह सिर्फ मौजूदा रैंकिंग के आधार पर अलॉटमेंट प्रोसेस का एक डेमो है। अगर आपकी पसंदीदा ब्रांच नहीं मिल रही है, तो इस फीडबैक के आधार पर अपनी स्ट्रैटेजी तुरंत बदलें। राउंड 1 में समझदारी से फैसला लेने के लिए यह जानकारी बहुत काम आएगी।
रिवाइज्ड COMEDK सीट मैट्रिक्स की खास बातें
इस हफ्ते जारी रिवाइज्ड मैट्रिक्स में अलग-अलग इंजीनियरिंग ब्रांच के लिए नया फीस स्ट्रक्चर दिया गया है। कुछ संस्थानों ने अपनी सीटों की संख्या में बदलाव किया है, तो कुछ ने नए कोर्स भी जोड़े हैं। इन अपडेट्स को देखने से आप अपने बजट और पढ़ाई के लक्ष्यों के बीच सही तालमेल बिठा पाएंगे। इस प्लानिंग से एडमिशन के समय अचानक आने वाले किसी भी खर्च की टेंशन नहीं रहेगी।
करियर के लिहाज से यह समय बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए सोच-समझकर फैसला लें। मॉक अलॉटमेंट का रिजल्ट आने के बाद उसका बारीकी से विश्लेषण करें। टॉप कॉलेजों पर फोकस करने के साथ-साथ कुछ अच्छे बैकअप ऑप्शन भी तैयार रखें। अगर आपकी चॉइस लिस्ट सही है, तो इंजीनियरिंग की अपनी ड्रीम डिग्री तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा।


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