Children's Day 2022: बाल दिवस पर जानिए पंडित नेहरू से जुड़ी ये 7 बातें

विश्व स्तर पर बाल दिवस 20 नवंबर को मनाया जाता है। लेकिन विश्व में कुछ देशे ऐसे भी हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर बाल दिवस मनाते हैं भारत उन्हीं देशों में से एक हा। भारत में राष्ट्रीय बाल दिवस 14 नवंबर को मनाया जाता है। इस दिन को नेहरू जी की जयंती के दिन मनाने का फैसला 1964 में उनके निधन के बाद आधिकारिक तौर पर लिया गया था। स्वतंत्रता के बाद हर साल नेहरू जी का जन्मदिन पूरे भारत में मनाया जाता था लेकिन 1955 में उनके जन्मदिन पर दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में अधिक संख्या में बच्चें पहुंचे थें। बच्चों में उनकी लोकप्रियता और बच्चों के लिए उनके लगाव को देखते हुए उनकी जयंती को बाल दिवस के रूप में चुना गया था। नेहरू बच्चों में चाचा नेहरू के नाम से अधिक लोकप्रिय थें। आइए आज आपक बाल दिवस और नेहरू से संबंधित कुछ तथ्यों के बारे में बताएं।

 
Children's Day 2022: बाल दिवस पर जानिए पंडित नेहरू से जुड़ी ये 7 बातें

नेहरू और बाल दिवस

1. 1955 में जब भारत उनका जन्मदिन मना रहा था, उस दौरन दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में करीब 50,000 के आस-पास बच्चें उनके जन्मदिन में शामिल हुए थें। उस समय बच्चों के लिए कई तरह की खेल और अन्य गतिविधियों का आयोजन किया गया था।

2. विश्व के अन्य देशों की तरह भारत में भी बाल दिवस 20 नवंबर को विश्व बाल दिवस के दिन ही मनाया जाता था। लेकिन बाद में इसे नेहरू जी की जयंती के दिन मनाने का फैसला लिया गया। 1964 में उनके निधन के बाद संसद में प्रस्ताव पारित कर बाल दिवस को आधिकारिक तौर पर नेहरू जी की जयंती के दिन मनाने की घोषणा की गई। उस दिन से आज तक भारत में राष्ट्रीय स्तर पर बाल दिवस 14 नवंबर को मनाया जाता है।

 

3. भारत के प्रथम प्रधानमंत्री का मानना था कि राष्ट्र निर्माण के लिए बच्चे सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं। और एक राष्ट्र आदर्श तभी बन सकता है जब वह बच्चों के लिए सुरक्षित हो। उनका कहना था कि- आज के बच्चे कल के भारत का भविष्य है और ये वहीं है जो कल का भारत बनाएंगे। उनके अच्छे पालन पोषण से ही कल के भारत का भविष्य तय किया जाएगा। इसलिए हमें आज अपने बच्चों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

4. बाल दिवस को नेहरू जी और बच्चों के भविष्य के लेकर उनकी सोच को सम्मानित करने के लिए उनकी जयंती
को बाल दिवस के रूप में चिन्हित किया गया।

5. बाल दिवस मानाने के पिछे मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों, शिक्षा, क्लायण और उनकी सुरक्षा के लिए समाज में जागरूकता बढ़ना है।

6. बाल दिवस के दिन बच्चों को अवकाश नहीं दिया जाता है लेकिन साथ ही इस दिन स्कूलों में पढ़ाई भी नहीं करवाई जाती है। बाल दिवस के दिन स्कूलों में बच्चों के लिए पेंटिंग, म्युजिक, डिबेट, गेम्स आदि जैसी ढ़ेरों एक्टिविटीज का आयोजन किया जाता है और बच्चों को इनमें भाग लेने के लिए प्रोत्सिहित किया जाता है। इस दिन को शिक्षक अपने छात्रों के लिए यादगार बनाने का प्रयत्न करते हैं।

7. वैश्विक स्तर पर बाल दिवस 20 नवंबर को मनाया जाता है। इस दिन को मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाने और बच्चों के कल्याण में सुधार करने के लिए मनाया जाता है। सर्वप्रथम इस दिवस की घोषणा जिनेवा बाल कल्याण विश्व सम्मेलन के दौरान की गई थी। जिसे 1 जून को मनाया गया था। उसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा बाल अधिकारों की घोषणा के समय इस दिवस को 20 नवंबर को मनाए जाने की घोषणा 1959 में की थी।

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English summary
Pandit Jawaharlal Nehru considered education important for children and the younger generation and established institutions like IITs and IIMs. Nehru believed that tomorrow will be built by the children of today. That's why he wanted to build a safe nation for the children. His birth anniversary was officially celebrated as Children's Day in 1957. Since then till date his birth anniversary is celebrated every year as Children's Day.
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