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क्या है Republic Day पर राष्ट्रपति द्वारा झंडा फहराने का कारण

गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराते देखते हुए अक्सर ये सवाल मन में उठता है कि गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं लेकिन स्वतंत्रता दिवस पर क्यों नहीं। आइए आपको स्टोरी के माध्यम से संक्षिप्त में समझाएं।
Varsha Kushwaha
आप अक्सर ये सोचते होगें की स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस दोनों ही एक ऐतिहासिक घटनाएं है। लेकिन दोनों अबसरों पर अलग-अलग व्यक्ति झंडा फहराते हैं ऐसा क्यों है।
क्यों नहीं प्रधानमंत्री गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराते और क्यों राष्ट्रपति स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराते हैं। इसके पीछे एक बड़ा कारण है जिसके चलते ऐसा हुआ है।
भारत को स्वतंत्रता 15 अगस्त 1947 में प्राप्त हुई थी। उस समय में भारत के प्रधानमंत्री के पद पर जवाहरलाल नेहरू जी आसीन थे।
भारत के राष्ट्रपति का पद उस दौरान किसी की नियुक्ति नहीं हुई थी। जिस कारण से भारत के प्रधानमंत्री को स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज को फहराने का सम्मान प्राप्त हुआ।
1947 से आज तक स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा ही राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है। उस समय से इस प्रथा को इसी तरह से निभाया जा रहा है।
वर्ष 1946 में संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान का कार्य शुरू कर दिया गया था। जिसे पूरा करने में 2 साल 11 महीने का समय लगा और वर्ष 1949 में इसे संविधान सभा द्वारा अपनाया गया।
पूर्ण स्वराज की घोषणा के दिन को चिन्हित करने के लिए 26 जनवरी 1950 में संविधा को लागू किया गया।
भारत के प्रथम राष्ट्रपति के तौर पर डॉ. राजेंद्र प्रसाद को इस चुना गया और आपको बता दें उनका कार्यकाल ही 26 जनवरी 1950 से ही शुरू हुआ था।
क्योंकि राष्ट्र के प्रमुख के तौर पर राष्ट्रपति को माना जाता है और उस दौरान तक राष्ट्रपति की नियुक्ति की जा चुकी थी। यही कारण रहा की राष्ट्रपति को गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराने का सम्मान राष्ट्रपति को प्राप्त हुआ प्रधानमंत्री को नहीं।
तभी से स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा और गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्वारा झंडा फहराने की परंपरा चली आ रही है।
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