Tap to Read ➤

Quotes: मेजर ध्यानचंद के अनमोल विचार

मेजर ध्यानचंद जिन्हें "हॉकी के जादूगर" या "द विजार्ड" के रूप में जाना जाता है, एक भारतीय हॉकी खिलाड़ी थे, जिनका जन्म 29 अगस्त 1905 को हुआ था। भारत में प्रत्येक वर्ष इनके जन्म दिवस को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
chailsy raghuvanshi
1. "मुझे आगे बढ़ाना मेरे देश का कर्तव्य नहीं है। अपने देश को आगे बढ़ाना मेरा कर्तव्य है।"
2. "अगर आप कोई गोल नहीं कर पाते तो आप मेरी टीम में शामिल होने के लायक नहीं थे।"
3. "ऐसा लगता है कि उसकी हॉकी स्टिक पर कोई अदृश्य चुंबक चिपका हुआ है ताकि गेंद उसे बिल्कुल न छोड़े।"
4. "ओलंपिक परिसर में अब एक जादू का शो भी है।"
5. "आप और आपका विरोधी एक ही चीज चाहते हैं।"
6. " असली प्रतिभा उनके कंधों से ऊपर थी और गर्मी ने हॉकी को शतरंज के खेल के रूप में माना।"
7. "अच्छा खेल साबित करने का एकमात्र तरीका हारना है।"
8. "गुणों वाले व्यक्ति के लिए कड़ी मेहनत, इच्छा शक्ति और समर्पण की सीमा है, आकाश।"
9. "मैं स्कूल में बिल्कुल सही था मैंने कभी टैटू नहीं बनवाया था और न ही मैंने कभी कान में छेद कराया था।"
10. "ध्यानचंद की कहानी ने हॉकी खिलाड़ियों की हर पीढ़ी को प्रेरित किया है।"
मेजर ध्यानचंद के जीवन से जुड़ी रोचक बातें
मेजर ध्यानचंद की जीवनी