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मशहूर संगीतकार RD BURMAN के जीवन से जुडे़ं अज्ञात तथ्य

राहुल देव बर्मन सा जन्म 27 जून 1939 में हुआ था। वह बॉलीवुड के सबसे मशहूर संगीत निर्देशकों में से एक थे। उनकी मृत्यु 4 जनवरी 1994 में हुई थी। 2023 में उनकी 29वीं पुण्यतिथि पर आइए आपको उनके जीवन से जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में बताएं।
Varsha Kushwaha
• राहुल देव बर्मन 1956 ने मात्र नौ साल की उम्र में अपना पहला संगीत तैयार किया था।
• राहुल देव बर्मन को पंचम के नाम से भी जाना जाता है। पंचम नाम उन्हें अभिनेता अशोक कुमार द्वारा दिया गया था।
• उनके द्वारा प्रयोग की गई कुछ धुनों का श्रेय उनके पिता एसडी बर्मन को दिया जाता है, लेकिन आपको बता दें कि वह धुने राहुल देव द्वारा रचित थी। जैसे "सर जो तेरा चकराए", "मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू" और "कोरा कागज" जैसे कई सारे गाने इस में शामिल है।
• राहुल देव बर्मन को पंचम के नाम से भी जाना जाता है। पंचम नाम उन्हें अभिनेता अशोक कुमार द्वारा दिया गया था।
• लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की लोकप्रिय जोड़ी ने आरडी बर्मन के ऑर्केस्ट्रा में बजाया।
• आरडी बर्मन ने अभिजीत, मोहम्मद अजीज और कुमार शानू जैसे की गायकों को ब्रेक दिया था।
• आरडी बर्मन को फिल्मफेयर पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक की श्रेणी में 18 बार नोमिनेट किया गया है जिसमें 3 बार उन्हें ये पुरस्कार सनम तेरी कसम, मासूम, ए लव स्टोरी के लिए प्राप्त हुआ है।
• आरडी बर्मन को मिर्च हार्वेस्टिंग का बहुत शौक था, मैरीलेंड के उनके अपार्टमेंट के बगीचे में करीब 200 किस्मों की मिर्च थी।
• उन्हें स्विमिंग के साथ माउथ ऑर्गन का भी शौक था उन्होंने दोस्ती फिल्म में माउथ ऑर्गन बजाया थी जिसमें उनके दोस्त लक्ष्मीकांत और प्यारेलाल संगीतकार थे।
• आरडी बर्मन की पहली बंगाली रचना लता मंगेशकर द्वारा गाई गई थी। गीत का नाम "अमर मालती लता" था और उसके हिंदी संस्करण का नाम "हम और तुम थे साथी" था।
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