वसंत ऋतु में पूर्णिमा के चाँद को पिंक मून कहा जाता है।
पिंक मून क्या है?
प्रकृति के संकेतों के मद्देनजर प्रत्येक पूर्णिमा का अलग नाम रखा गया है।
इसे पिंक मून क्यों कहा जाता है?
अप्रैल के फुल मून को "गुलाबी" चंद्रमा के रूप में जाना जाता है, जिसका नाम हर्ब मॉस पिंक फूल के नाम पर रखा गया है।
इसे मॉस फ़्लॉक्स या माउंटेन फ़्लोक्स के रूप में भी जाना जाता है। यह पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका का एक जंगली पौधा है जो वसंत ऋतु की शुरुआत के साथ खिलता है।
चाँद के गुलाबी होने का कोई ठोस कारण नहीं है। नासा के अनुसार, 1930 के दशक में पूर्ण चंद्रमाओं के अलग-अलग नाम रखे गए थे।
पिंक मून का मतलब क्या होता है?
अप्रैल में पड़ने वाले वसंत पूर्णिमा का नाम मॉस पिंक के नाम पर रखा गया है, जो एक वाइल्ड फ्लावर है और केवल वसंत में ही खिलता है।
नहीं। अप्रैल महीने के पूर्णिमा के चांद को ही पिंक मून कहा जाता है। यह कभी-कभी एक अलग रंग का भी दिखाई दे सकता है।
क्या चाँद सचमुच गुलाबी होता है?
जब सूरज की रोशनी सही समय पर इसे प्रतिबिंबित करती है, तो चांद का रंग कुछ लोगों को गुलाबी दिखाई दे सकता है।
लेकिन यह किसी भी तरह से चांद के गुलाबी होने का प्रमाण नहीं देती है।
चंद्रमा का आकार बड़ा नहीं होता बल्कि पृथ्वी के सबसे नजदीक होने के कारण इसका आकार अधिक बड़ा दिखाई देता है। धार्मिक मान्यताओं में इसे पूर्णिमा की रात के नाम से संदर्भित किया जाता है।
चांद क्यों बड़ा दिखता है?
भारत में पूर्णिमा की रात यानि 6 अप्रैल 2023 को पिंक मून दिखेगा।