भारत में हर साल 15 जनवरी को भारतीय सेना दिवस मनाया जाता है। भारतीय सेना दिवस मुख रूप से देश और नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीदों के सम्मान का प्रतीक है।
Narender Sanwariya
भारतीय सेना दिवस 15 जनवरी को मनाया जाता है क्योंकि इस दिन भारतीय जनरल केएम करियप्पा ने 1949 में भारतीय सेना के प्रमुख के रूप में कमान संभाली थी।
भारतीय सेना पर सर्वप्रथम जनरल सर फ्रांसिस बुचर का नियंत्रण था। वह भारत में अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ थे।
यह दिन अंग्रेजों से स्वतंत्र भारत में सत्ता के हस्तांतरण का प्रतीक है।
दिल्ली छावनी के परेड ग्राउंड में हर साल सेना दिवस पर परेड आयोजित की जाती है, इस बार केएम करियप्पा की जन्मस्थली बेंगलुरु में सेना दिवस परेड समारोह का आयोजन होगा।
वर्ष 2016 में परेड ग्राउंड का नाम फील्ड मार्शल केएम करियप्पा के नाम पर रखा गया था। यह दिल्ली के सबसे बड़े मैदानों में से एक है।
इस साल परेड के इतिहास में पहली बार, कैप्टन तानिया शेरगिल नाम की एक महिला अधिकारी परेड एडजुटेंट होंगी, जो एक सर्व-पुरुष दल का नेतृत्व करेंगी। उन्हें दो साल पहले सिग्नल कोर में अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था।
भारतीय सेना का आदर्श वाक्य "स्वयं से पहले सेवा" है।
वर्ष 2019 तक भारत के पास दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सैन्य जनशक्ति है।
भारतीय सेना का गठन पहली बार ब्रिटिश शासन के तहत वर्ष 1776 में किया गया था।
भारतीय सेना दुनिया की उन कुछ सेनाओं में से एक है जिसने कभी युद्ध की पहल नहीं की।
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