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Digital Education: डिजिटल एजुकेशन के नुकसान

भारत में डिजिटल एजुकेशन और उसके नुकसान क्या है जानिए..
chailsy raghuvanshi
डिजिटल एजुकेशन शिक्षण और सीखने के दौरान डिजिटल उपकरणों और प्रौद्योगिकियों का अभिनव उपयोग है, जिसे अक्सर प्रौद्योगिकी संवर्धित शिक्षण (टीईएल) या ई-लर्निंग के रूप में जाना जाता है।
डिजिटल एजुकेशन के नुकसान
1. सामाजिक संपर्क का अभाव
डिजिटल एजुकेशन सामाजिक अलगाव का एक कारण है क्योंकि अब आप अपने शिक्षकों और सहपाठियों को आमने-सामने नहीं देखते हैं। बातचीत किसी तक सीमित नहीं है।
2. स्क्रीन पर ध्यान केंद्रित करने में असमर्थता
डिजिटल एजुकेशन की सबसे बड़ी समस्या है कि छात्र लंबे समय तक स्क्रीन पर ध्यान केंद्रित करने में असमर्थ होते हैं।
3. टेक्नोलॉजी समस्या
ऑनलाइन कक्षाओं में एक अन्य प्रमुख समस्या इंटरनेट कनेक्टिविटी है। जबकि पिछले कुछ वर्षों में इंटरनेट की पहुंच तेजी से बढ़ी है, छोटे शहरों और कस्बों में, अच्छी गति के साथ लगातार कनेक्शन एक समस्या है।
4. सेल्फ मोटिवेशन और प्रोपर टाइम मैनेजमेंट की आवश्यकता
5. प्रैक्टिकल नॉलेज का अभाव
डिजिटल एजुकेशन का सबसे बड़ा नुकसान ये हैं यहां छात्रों को केवल थ्योरेटिकल नॉलेज दी जाती है। जिस कारण छात्र प्रैक्टिकल नॉलेज के अभाव में रह जाते हैं।
डिजिटल एजुकेशन के फायदे के साथ-साथ बहुत से नुकसान व चुनौतियां भी है। जिस कारण अभी तक लोग डिजिटल एजुकेशन पर पूर्ण रूप से निर्भर नहीं हो पाए है।
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