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उत्तर प्रदेश की इन महिलाओं ने दिया देश की आज़ादी में योगदान

स्वतंत्रता दिवस 2022: जानिए उत्तर प्रदेश की उन महिलाओं के बारे में जिन्होंने दिया देश की आज़ादी में योगदान
chailsy raghuvanshi
वर्तमान में उत्तर प्रदेश देश सबसे अधिक आबादी वाला राज्य कहलाता है।
लेकिन अगर इतिहास की बात करें तो उत्तर प्रदेश की सरजमीं पर बहुत से ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों ने जन्म लिया है। जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपनी आखिरी सांस तक संघर्ष किया।
बेगम हजरत उत्तर प्रदेश के फैजाबाद की रहने वाली थी। उन्हें 'अवध की बेगम' या 'हजरत महल' के नाम से भी जाना जाता है।
बेगम हजरत महल
हजरत महल ने लखनऊ में 1857 के भारतीय विद्रोह के दौरान ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ राजा जैलाल सिंह के नेतृत्व में समर्थकों के बैंड के साथ विद्रोह किया था।
झांसी की रानी लक्ष्मीबाई
रानी लक्ष्मीबाई वर्तमान में भारत के उत्तर प्रदेश में झांसी जिले में मौजूद झांसी रियासत की रानी थीं।
वे ब्रिटिश राज के खिलाफ विद्रोह करने वाले प्रमुख नेताओं में से एक थीं। लक्ष्मीबाई ने ब्रिटिश राज के खिलाफ विद्रोह इसलिए किया क्योंकि उनके दत्तक पुत्र को वास्तविक उत्तराधिकारी नहीं माना जाता था। इसलिए, उन्होंने अपने दत्तक पुत्र यानी दामोदर राव के लिए अपने सिंहासन की रक्षा के लिए विद्रोह कर दिया।
झलकारी बाई
झलकारी बाई ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की महिला सेना में सेवा की थी और 1857 के भारतीय विद्रोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
प्रेमवती मिश्रा आगरा की रहने वाली थी जिन्होंने 1930 और 1942 के स्वतंत्रता आंदोलनों में भाग लिया था।
प्रेमवती मिश्रा
स्वरूप कुमारी बख्शी
स्वरूप कुमारी बख्शी लखनऊ की रहने वाली थी उन्होंने 1942 के भूमिगत आंदोलन में भाग लिया था।
अमर जवान ज्योति