Pompa Sen Jan 25, 2024
Ramabai Ranade: भारत की पहली महिला अधिकार कार्यकर्ता
रमाबाई रानाडे, 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत के दौरान भारतीय सामाजिक सुधार आंदोलन की एक प्रमुख हस्ती थीं।
रमाबाई रानाडे का जन्म 25 जनवरी, 1862 को भारत के महाराष्ट्र के देवराष्ट्रे में कुर्लेकर परिवार में हुआ था।
11 वर्ष की आयु में उनका विवाह प्रतिष्ठित विद्वान, समाज सुधारक और न्यायाधीश न्यायमूर्ति महादेव गोविंद रानाडे से हुआ था।
वह पुणे में सेवा सदन की सह-संस्थापक थीं, जो महिलाओं के कल्याण और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित संस्था थी।
रमाबाई विधवा विवाह संघ में शामिल थीं, जो विधवाओं के अधिकारों और पुनर्विवाह की वकालत करती थीं।
उन्होंने लड़कियों की शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र गर्ल्स एजुकेशन सोसाइटी की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रमाबाई रानाडे एक विपुल लेखिका थीं और उन्होंने विभिन्न प्रकाशनों में सामाजिक मुद्दों और महिलाओं के अधिकारों पर लेख लिखे।
सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें महाराष्ट्र में एक प्रमुख समाज सुधारक के रूप में पहचान दिलाई।
रमाबाई के प्रयास सामाजिक मानदंडों को चुनौती देने और महिलाओं के अधिकारों से संबंधित प्रगतिशील विचारों को बढ़ावा देने में सहायक थे।
भारत में सामाजिक सुधारों और महिला सशक्तिकरण की दिशा में उनके कार्य सदियों से लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।
Republic Day 2024 Quiz: 26 जनवरी के बारे कितना जानते हैं आप? पढ़ें गणतंत्र दिवस सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी
नीचे क्लिक कर अगला लेख पढ़ें-